Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्‍या भूखे रहने से भी बढ़ जाता है बीपी? डॉक्‍टर से जानें खाली पेट और बीपी का कनेक्शन

कई बार खाली पेट रहने से या लंंबे समय तक कुछ न खाने से घबराहट होने लगती है। क्‍या यह हाई बीपी का संंकेत है? क्‍या हाई बीपी और भूख का कोई संबंध है? एक्‍सपर्ट से जानें सही जवाब। 

कई लोग लंबे समय तक खाली पेट रहते हैं। खाली पेट रहने से कई लोगों को कमजोरी, थकान, चक्‍कर, लो एनर्जी जैसे लक्षण महसूस होने लगते हैं। ये लक्षण हाई बीपी जैसे प्रतीत होते हैं और कई बार लोग यह मान लेते हैं क‍ि खाली पेट रहने से हाई बीपी की समस्‍या होती है। जानें भूख और हाई बीपी के बीच कोई कनेक्‍शन है या नहीं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

क्‍या भूखे रहने से भी बढ़ जाता है बीपी?

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Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि भूखा रहने से हाई बीपी की समस्‍या नहींं होती है, लेक‍िन अगर व्‍यक्‍त‍ि बार-बार स्‍ट्रेस के कारण भूखा रहता है, ड‍िहाइड्रेशन का श‍िकार रहता है या उसके खानपान की आदतें खराब हैं, तो व्‍यक्‍त‍ि को हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है। बार-बार खाली पेट रहने से ब्‍लड प्रेशर असंतुल‍ित होता है और आगे चलकर व्‍यक्‍त‍ि हाई बीपी का श‍िकार हो सकता है। साथ ही जब आप लंंबे समय तक तनाव में रहते हैं, तो स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्ट‍िसोल र‍िलीज होते हैं ज‍िससे ब्‍लड प्रेशर असंतुल‍ित हो सकता है। हालांंक‍ि खाली पेट रहने से लो बीपी की समस्‍या हो सकती है। लो बीपी होने पर थकान और चक्‍कर आने की समस्‍या हो सकती है।

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क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2022 में Epidemiology And Health नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में 13 हजार वयस्‍कों को शाम‍िल क‍िया गया जो देर से भोजन करते थे। स्‍टडी में देर से खाने के नुकसान जैसे मोटापा या मेटाबॉल‍िक समस्‍याएंं बढ़ने पर जोर था, लेक‍िन इसमें हाई बीपी और खाली पेट या भूख के बीच संबंध नहीं देखा गया।

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हाई बीपी से बचने के ल‍िए क‍िन बातोंं का ध्‍यान रखें?

  • हेल्‍दी फैट, कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स और प्रोटीन को डाइट में शाम‍िल करें। इससे ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • रोजाना 7 से 8 ग‍िलास पानी प‍िएं इससे शरीर ड‍िहाइड्रेशन का श‍िकार नहींं होगा और हाई बीपी का खतरा कम होगा।
  • लंंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद प्रोसेस्‍ड फूड्स या ज्‍यादा नमक वाला भोजन खाने से बचें, इससे अचानक हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है।
  • डीप ब्रीद‍िंंग एक्‍सरसाइज की मदद से ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने का प्रयास करें।
  • अगर चक्‍कर, अन‍ियम‍ित द‍िल की धड़कन और थकान जैसे लक्षण नजर आएं, तो डॉक्‍टर से संंपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

भूखा रहने से हाई बीपी की समस्‍या नहीं होती, लेक‍िन लंंबे समय तक या बार-बार भूखा रहेंगे, तो स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्ट‍िसोल बढ़ सकते हैं और बीपी असंंतुल‍ित हो सकता है। इसके साथ ही स्‍ट्रेस और ड‍िहाइड्रेशन के कारण भी बीपी असंतुलि‍त हो सकता है।

FAQ

  • खाली पेट रहने के नुकसान क्‍या हैं?

    लंबे समय तक खाली पेट रहने की आदत मोटापे का कारण बन सकती है। खाली पेट रहने से एस‍िड‍िटी, थकान, लो एनर्जी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। 
  • हाई बीपी से क‍िन बीमार‍ियोंं का खतरा बढ़ जाता है?

    हाई बीपी से हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक, हार्ट फेल‍ियर, क‍िडनी फेल‍ियर जैसी बीमार‍ियों का खतरा बढ़ सकता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 29, 2026 18:18 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 29, 2026 18:18 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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