Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

एक्सरसाइज करने से पहले रखें इन 5 बातों का ध्‍यान, मसल क्रैम्प्स से होगा बचाव

मसल क्रैम्प्स आमतौर पर एक्‍सरसाइज के बाद पैरों, जांघों, हाथों या काफ मसल्स में होता है। कई बार यह दर्द कुछ सेकंड से लेकर लंबे समय तक रहता है। जानेंं इससे बचने के ल‍िए कि‍न बातों का ध्‍यान रखें?

आजकल फिट रहने के लिए लोग जिम, योग, रनिंग और अलग-अलग तरह की फिजिकल एक्टिविटी करते हैं। जब आप शारीर‍िक रूप से एक्‍ट‍िव रहते हैं, तो फिट रहने, वजन कंट्रोल करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। हालांकि कई बार वर्कआउट के दौरान या उसके बाद मांसपेशियों में अचानक दर्द, खिंचाव या ऐंठन यानी मसल क्रैम्प्स की समस्या होने लगती है। यह परेशानी खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जो बिना तैयारी के एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं या शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज करते हैं। मसल क्रैम्‍प्‍स से बचने के ल‍िए कुछ आसान ट‍िप्‍स के बारे में जानने के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

muscle-cramp-prevention

1. वॉर्म अप करना न भूलें

सीधे हैवी एक्सरसाइज शुरू करना मांसपेशियों पर अचानक दबाव डाल सकता है। इसलिए वर्कआउट से पहले कम से कम पांच से दस म‍िनट तक वॉर्म अप जरूर करें। हल्की जॉगिंग, स्ट्रेचिंग या बॉडी मूवमेंट्स करने से मांसपेशियां एक्टिव होती हैं और उनमें ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे मसल्स एक्सरसाइज के लिए तैयार हो जाती हैं और क्रैम्प्स का खतरा कम हो सकता है।

यह भी पढ़ें- बढ़ती उम्र में पैरों की ऐंठन से कैसे बचें? जानें हेल्थ एक्सपर्ट की राय

2. शरीर की क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करें

कई लोग शुरुआत में ही ज्यादा भारी वर्कआउट करने लगते हैं, जिससे मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। हमेशा धीरे-धीरे एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ानी चाहिए। अगर शरीर ज्यादा थका हुआ महसूस हो या दर्द हो रहा हो, तो जबरदस्ती वर्कआउट करने से बचें। इससे मसल इंजरी और क्रैम्प्स दोनों का खतरा बढ़ सकता है।

यह भी पढ़ें- कैल्शियम की कमी है सेहत की दुश्‍मन, हो सकती हैं ये 5 समस्‍याएं

3. शरीर को हाइड्रेट रखें

डिहाइड्रेशन मसल क्रैम्प्स का एक बड़ा कारण माना जाता है। शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं कर पातीं। इसलिए एक्सरसाइज से पहले पर्याप्त पानी पिएं। गर्मियों में या ज्यादा पसीना आने पर इलेक्ट्रोलाइट्स वाले ड्रिंक्स भी मदद कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या वाकई कैल्शियम की कमी की वजह से मांसपेशियों में अकड़न आ जाती है? जानें डॉक्टर से

4. खाली पेट वर्कआउट न करें

बिना कुछ खाए एक्सरसाइज करने से शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो सकती है। वर्कआउट से पहले हल्का और हेल्दी स्नैक लेना फायदेमंद होता है। केला, ओट्स, ड्राई फ्रूट्स या दही जैसी चीजें शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें- गर्मियों में मांसपेशियों में ऐंठन क्यों होती है? जानें इसके कारण

5. सही स्ट्रेचिंग और कूल-डाउन तकनीक अपनाएं 

एक्सरसाइज खत्म होने के बाद भी स्ट्रेचिंग जरूरी होती है। कूल-डाउन करने से मांसपेशियों को रिलैक्स होने में मदद मिलती है और अचानक खिंचाव की समस्या कम हो सकती है। खासकर पैरों और काफ मसल्स की स्ट्रेचिंग करने से काफी राहत मिल सकती है।

निष्कर्ष:

एक्‍सरसाइज के बाद मसल क्रैम्‍प्‍स की समस्‍या से बचने के ल‍िए वॉर्म-अप करना न भूलें, शरीर की क्षमता के अनुसार एक्‍सरसाइज करें, शरीर को हाइड्रेट रखें, खाली पेट एक्‍सरसाइज न करें और स्ट्रेचिंग एवं कूल-डाउन तकनीक पर भी फोकस करें।

FAQ

  • मसल क्रैम्प्स होने पर क्‍या करें?

    तुरंत एक्सरसाइज रोक दें और शरीर को आराम दें। प्रभावित मांसपेशी को हल्के हाथों से स्ट्रेच करें। बर्फ या हल्की गर्म सिंकाई दर्द और खिंचाव कम करने में मदद कर सकती है।
  • मसल क्रैम्प्स होने पर क्‍या न करें?

    दर्द के बावजूद जबरदस्ती एक्सरसाइज जारी न रखें। प्रभावित हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव या जोरदार मसाज न करें। शरीर में पानी की कमी को नजरअंदाज न करें।

Read Next

क्‍या एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट अचानक कम होना नॉर्मल है? एक्‍सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 18, 2026 18:08 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 18, 2026 18:08 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content