Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

एक्सरसाइज से जुड़ी इन गलत‍ियों से घुटनों को पहुंच सकता है नुकसान, दर्द बढ़ने का रहता है खतरा

एक्‍सरसाइज करने से घुटनों को मजबूती म‍िलती है, लेक‍िन गलत ढंग से एक्‍सरसाइज करने की वजह से घुटनोंं पर दबाव बढ़ता है और सूजन एवं दर्द की श‍िकायत हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए जानें ऐसी 5 गलत‍ियां ज‍िनसे बचना चाह‍िए।

एक्‍सरसाइज करने से मसल्‍स मजबूत होती हैं और शरीर फ‍िट रहता है, लेक‍िन गलत तरीके से एक्‍सरसाइज करने की वजह से घुटनों में तकलीफ हो सकती है। आजकल यह एक बहुत कॉमन प्रॉब्‍लम है ज‍िसके कारण लोग एक्‍सरसाइज करना छोड़ देते हैं, जबक‍ि गलती एक्सरसाइज में नहीं, बल्‍क‍ि गलत ढंग से एक्‍सरसाइज करने में है। गलत तरीके से की गई एक्‍सरसाइज का खाम‍ियाजा घुटनों और मांसपेश‍ियों को भुगतना पड़ता है। जानें एक्‍सरसाइज के दौरान क‍ि‍न गलत‍ियों से बचना चाह‍िए? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

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1. एक्‍सरसाइज से पहले वॉर्म अप न करना

अगर आप भी ब‍िना वॉर्म अप क‍िए एक्‍सरसाइज शुरू कर देते हैं, तो इससे घुटनों पर जोर पड़ता है क्‍योंक‍ि मांसपेश‍ियां और ल‍िगामेंट्स तैयार नहीं होते और अचानक से एक्‍सरसाइज शुरू कर देने से उन पर जोर पड़ता है और दर्द होने लगता है इसल‍िए एक्‍सरसाइज से 15-20 म‍ि‍नट पहले हल्‍का वॉर्म अप कर लें।

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2. जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करना

अगर आप जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करेंगे, तो भी घुटने में दर्द हो सकता है। इससे पैर और घुटनों में दर्द और सूजन की समस्‍या हो सकती है। Mayo Clinic के मुताब‍िक, अगर महसूस हो क‍ि घुटने पर वजन डालने में मुश्‍क‍िल हो रही हो, घुटने में सूजन हो या घुटने मोड़ में तकलीफ हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करना न भूलें।

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3. गलत तरीके से एक्‍सरसाइज करना

अगर एक्‍सरसाइज करने की पोजीशन सही नहीं है, तो घुटनों पर जोर पड़ सकता है। उदाहरण के ल‍िए स्क्वाट करने के ल‍िए गलत ढंग से झुकने के कारण घुटने में दर्द और कमर पर जोर पड़ता है, इसल‍िए एक्‍सपर्ट की न‍िगरानी में ही ऐसी एक्‍सरसाइज करनी चाह‍िए।

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4. आरामदायक जूते न पहनना

आरामदायक जूते न पहनने के कारण भी घुटनों में दर्द हो सकता है। कुशन वाले जूतों से घुटने और पैरों को सपोर्ट म‍िलता है और एक्‍सरसाइज करने पर शरीर का भार पैरों पर नहीं पड़ता है। अगर जूतों से सपोर्ट नहीं म‍िलेगा, तो घुटने में दर्द, सूजन की श‍िकायत हो सकती है।

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5. अचानक से एक्‍सरसाइज की स्‍पीड बढ़ाना

कुछ लोग अचानक से एक्‍सरसाइज करने की स्‍पीड या समय को बढ़ा देते हैं। इससे चोट लगने का खतरा भी होता है और घुटने में दर्द भी हो सकता है। अगर ज्‍यादा समय या ज्‍यादा स्‍पीड पर एक्‍सरसाइज करना है, तो शरीर को समय दें। अचानक स्‍पीड बढ़ जाने से मांसपेश‍ियोंं को झटका लग सकता है और घुटनों में तेज दर्द हो सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

एक्‍सरसाइज के दौरान की जाने वाली कुछ गल‍त‍ियों के कारण घुटनों में दर्द हो सकता है। एक्‍सरसाइज से पहले वॉर्म अप न करना, जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करना, गलत ढंग से एक्‍सरसाइज करना, आरामदायक जूते न पहनना और अचानक से एक्‍सरसाइज की स्‍पीड बढ़ाने से भी घुटने में दर्द हो सकता है। इन गलति‍यों से बचना चाह‍िए।

FAQ

  • घुटने के दर्द को दूर करने के ल‍िए क्‍या करें?

    घुटने के दर्द को दूर करने के ल‍िए स्‍ट्रेच‍िंग करें, वजन कंट्रोल करें और तेल से माल‍िश करें और एक ही पोजीशन में रहने से बचें।
  • घुटने के दर्द को दूर करने के घरेलू उपाय क्‍या हैं?

    घुटने के दर्द को दूर करने के ल‍िए गर्म या ठंडी सि‍ंकाई करें, इससे सूजन और दर्द को दूर करने में मदद म‍िलती है। दर्द को दूर करने के ल‍िए हल्‍दी वाला दूध प‍िएं, सरसों के तेल से माल‍िश करें और आराम करें।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 19, 2026 13:28 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 19, 2026 13:28 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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