Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

क्‍या एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट अचानक कम होना नॉर्मल है? एक्‍सपर्ट से जानें

एक्‍सरसाइज के दौरान अचानक हार्ट रेट कम होना सामान्‍य है? क्‍या लो हार्ट रेट क‍िसी बीमारी की ओर संकेत करता है? जानें एक्‍सरसाइज के दौरान लो हार्ट रेट से जुड़े सवालों के जवाब।

एक नॉर्मल व्‍यक्‍त‍ि एक्‍सरसाइज के दौरान यह उम्‍मीद करता है क‍ि हार्ट रेट बढ़ेगा। चाहे आप वॉक करें, जॉग‍िंग करें या कोई अन्‍य एक्‍सरसाइज करें, हार्ट रेट सामान्‍य तौर पर बढ़ता ही है। हालांक‍ि कुछ लोग नोट‍िस करते हैं क‍ि उनका हार्ट रेट एक्‍सरसाइज के दौरान ग‍िर रहा है। क्‍या वाकई एक्‍सरसाइज के दौरान हार्ट रेट ग‍िरना सामान्‍य नहीं है? क्‍या इसके पीछे कोई कारण हैं? लो हार्ट रेट और एक्‍सरसाइज से संबंध‍ित सवालों के जवाब जानने के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि लंबी सैर, साइकिल चलाने या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग वर्कआउट के दौरान, आप देख सकते हैं कि आपकी दिल की धड़कन शुरू में अपने चरम पर पहुंच जाती है और फिर थोड़ी कम होकर एक स्थिर सीमा में आ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम खुद को ढाल लेता है और आपकी मांसपेशियां ऑक्सीजन का ज्‍यादा बेहतर ढंग से इस्तेमाल करती हैं। ट्रेन्‍ड लोगों को अक्‍सर यह ज्‍यादा साफ तौर पर महसूस होता है।

एक्‍सरसाइज के दौरान अचानक से हार्ट रेट ग‍िरना सामान्‍य नहीं है

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हार्ट रेट का मतलब है क‍ि हार्ट एक म‍िनट में क‍ितनी बार धड़कता है। यह एक तरीका भी है ज‍िससे पता चलता है क‍ि हार्ट ठीक ढंग से काम कर रहा है या नहीं। अगर रेस्‍ट‍िंंग हार्ट रेट 60 से 100 प्रत‍ि म‍िनट के बीच है, तो यह नॉर्मल है। वहीं एक्‍सरसाइज के दौरान हार्ट रेट 150 से 180 तक जा सकता है। अगर हार्ट रेट 60 से कम है, तो इसका मतलब है क‍ि हार्ट रेट सामान्‍य नहीं है। एक्‍सरसाइज के दौरान हार्ट रेट ग‍िरना सामान्‍य नहीं माना जाता है।

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कुछ मामलों में एक्‍सरसाइज के वक्‍त लो हार्ट रेट सामान्‍य भी होता है

  • इंंटरवल ट्रेन‍िंग के दौरान हार्ट रेट ग‍िर सकता है।
  • जब व्‍यक्‍त‍ि ब्रेक लेता है, तो भी हार्ट रेट लो हो सकता है।
  • योग या ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज के दौरान भी कुछ समय के ल‍िए हार्ट रेट लो हो सकता है।

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एक्‍सरसाइज के दौरान लो हार्ट रेट के कारण

  • ड‍िहाइड्रेशन
  • थकान
  • लो ब्‍लड शुगर लेवल
  • दवाओंं का असर
  • खाली पेट एक्‍सरसाइज करना
  • हार्ट की समस्‍या

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अनियमित दिल की धड़कन और ब्रेडीकार्डिया हैं कारण?

  • एक्‍सरसाइज के दौरान अन‍ियम‍ित द‍िल की धड़कन को ब‍िलकुल नजरअंदाज न करें। यह अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmia) का संंकेत हो सकती है। अनियमित दिल की धड़कन वाले मरीजों में हार्ट पल्‍पि‍टेशन, सीने में बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी जैसे लक्षण भी महसूस करते हैं। अन‍ियम‍ित द‍िल की धड़कन उन लोगों में भी हो सकीत है जो जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करते हैं।
  • जब हार्ट रेट सामान्य से कम हो जाता है, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसे मेडिकल भाषा में ब्रैडीकार्डिया (Bradycardia) कहा जाता है। इस स्‍थ‍िति‍ में भी एक्‍सरसाइज के दौरान लो हार्ट रेट की समस्‍या हो सकती है।

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लो हार्ट रेट से बचने के ल‍िए क्‍या करें?

  • लो हार्ट रेट से बचने के ल‍िए डॉक्‍टर की सलाह पर ईसीजी टेस्‍ट कराएं।
  • एक्‍सरसाइज के दौरान हाइड्रेट रहें। समय-समय पर पानी पीते रहें।
  • संतुल‍ित आहार का सेवन करें।
  • हेल्‍दी हार्ट फंक्‍शन के ल‍िए एक्‍सरसाइज करें।
  • जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज या थकान वाले काम करने से बचें।

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डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर एक्‍सरसाइज के दौरान बार-बार द‍िल की धड़कन अन‍ियम‍ित हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • सीने में दर्द, चक्‍कर आना, धुंधला द‍िखना, बेहोशी, थकान, सांस की तकलीफ होने पर भी तुरंत च‍िकि‍त्‍सा सहायता लें।

नि‍ष्‍कर्ष:

एक्‍सरसाइज करते समय अचानक हार्ट रेट लो होना सामान्‍य नहीं है। एक्‍सरसाइज के दौरान अन‍ियम‍ित द‍िल की धड़कन के कारण हार्ट रेट बढ़ सकता है इसल‍िए असामान्‍य लक्षणोंं पर गौर करें। ड‍िहाइड्रेशन, थकान, लो शुगर लेवल वगैरह के कारण भी हार्ट रेट लो हो सकता है।

FAQ

  • हार्ट रेट लो होने के लक्षण क्‍या हैं?

    चक्‍कर आना, कमजोरी होना, सांंस फूलना, बेहोशी या सुस्‍ती महसूस होना लो हार्ट रेट के लक्षण हो सकते हैं।
  • क‍िन बीमार‍ियों के कारण लो हार्ट रेट होता है?

    हार्ट ड‍िजीज, हाई बीपी, इलेक्‍ट्रोलाइट असंतुलन, जन्मजात हृदय समस्याओं वगैरह के कारण हार्ट रेट लो हो सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 13, 2026 13:48 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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