बच्चा होने के बाद एक महिला का शरीर शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत ज्यादा थकान महसूस करता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस दौरान उनके शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोनल के लेवल में उतार-चढ़ाव होना आम हो जाता है। हार्मोनल इंबैलेंस होने के कारण महिलाओं को मूड स्विंग्स, थकान और तनाव महसूस होने लगता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के बाद महिलाएं अपने शरीर में हार्मोन्स को संतुलित करने के लिए नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकती हैं। इसलिए, आइए Praveen Gautam, Yoga Therapist at Yoga Junction, Uttam Nagar से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को हार्मोन संतुलित करने के लिए किन योगासनों का अभ्यास करना चाहिए?
डिलीवरी के बाद हार्मोनल संतुलन के लिए योग
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार प्रेग्नेंसी के बाद नियमित रूप से इन योगासनों का अभ्यास करने से हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही ये आसन महिलाओं को जल्दी रिकवर करने और हेल्दी रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
1. भुजंगासन- Cobra Pose
कोबरा पोज रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए एक बेहतरीन योगासन है। इस आसन को करने से पेट के अंगों को एक्टिव करने में मदद मिलती है। यह आसन थायराइड और एड्रिनल ग्लैंड्स को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे हार्मोन बैलेंस रहता है। इसे करने से प्रेग्नेंसी के बाद होने वाले पीठ दर्द औऱ तनाव को भी कम करने में मदद मिलती है, जो डिलीवरी के बाद आम समस्या होती है।
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2. उष्ट्रासन- Camel Pose
डिलीवरी के बाद उष्ट्रासन यानी कैमल पोज करने से शरीर में एनर्जी बढ़ाने में मदद मिलती है। यह आसन छाती और पेट को खोलता है, साथ ही शरीर में ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है। यह आसन एंडोक्राइन सिस्टम को एक्टिव करता है, जिससे हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। साथ ही यह मानसिक तनाव और एंग्जाइटी को भी कम करने में फायदेमंद होता है।

3. तितलीासन- Butterfly Pose
प्रेग्नेंसी के बाद तितलीासन करना महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह आसन पेल्विक मसल्स को मजबूत बनाता है और प्रजनन अंगो में ब्लड फ्लो को भी बढ़ाता है। डिलीवरी के बाद शरीर की रिकवरी तेज करने और हार्मोनल बदलावों को संतुलित करने में यह आसन मदद करता है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है।
4. सर्वांगासन- Shoulder Pose
डिलीवरी के बाद सर्वांगासन का नियमित अभ्यास करने से महिलाओं का हार्मोनल स्वास्थ्य बेहतर रहता है। यह थायराइड ग्लैंड को एक्टिव करता है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। यह आसन तनाव कम करने, नींद में सुधार करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करता है। हालांकि, डिलीवरी के तुरंत बाद इसे करने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर ही इसे करना शुरू करना चाहिए।
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निष्कर्ष
डिलीवरी के बाद ये योगासन धीरे-धीरे और सही तरह से शुरू करना चाहिए। नियमित रूप से इन योगासनों का अभ्यास करने से हार्मोन्स संतुलित बनाए रखने, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने और शरीर को फिर से मजबूत बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, ध्यान रखें बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी योगासन करने से बचना चाहिए।
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FAQ
हार्मोन बैलेंस करने के लिए क्या करना चाहिए?
हार्मोन बैलेंस करने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके लिए आप संतुलित डाइट लें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव कम लें।प्रेग्नेंसी के बाद फिट कैसे हो?
प्रेग्नेंसी के बाद फिट रहने के लिए जरूरी है कि आप सही शुरुआत करें और इसके लिए पोषक तत्वों से भरपूर डाइट, हल्की कसरत और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।
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May 08, 2026 13:05 IST
Modified By : Katyayani Tiwari May 08, 2026 13:05 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Praveen Gautam