Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

क्या पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट (रक्तदान) कर सकते हैं? जानें डॉक्टर से

रक्तदान यानी ब्लड डोनेट करना एक अच्छा काम है, जिससे कई जिंदगी बच सकती हैं। महिलाएं भी ब्लड डोनेट करती हैं लेकिन कई बार सवाल उठता है कि क्या पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना सुरक्षित है?

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महिलाओं में हर महीने पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है, जो उनके शरीर के सामान्य कार्यों का हिस्सा होता है। इस दौरान महिलाओं को कई बार कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है। ऐसे में जब बात रक्तदान यानी ब्लड डोनेट करने की आती है, तो कई महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना सुरक्षित है? (is it okay to donate blood during periods) क्या इससे शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है? या फिर यह पूरी तरह से सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है? दरअसल, पीरियड्स के दौरान शरीर में पहले से ही कुछ ब्लड की कमी हो रही होती है, इसलिए कई महिलाएं इस दौरान ब्लड डोनेट करने को लेकर असमंजस में रहती हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल (Dr. Tanima Singhal, Pregnancy educator and Lactation Consultant at Maa-Si Care Clinic, Lucknow) से बात की है-

पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना सुरक्षित है या नहीं? - Is It Safe To Donate Blood During Periods

ब्लड डोनेशन किसी जरूरतमंद की जान बचाने का एक बेहतरीन तरीका है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ब्लड डोनेट करने वाला व्यक्ति शारीरिक रूप से पूरी तरह हेल्दी हो। डॉक्टर के अनुसार, अगर किसी महिला का हीमोग्लोबिन लेवल सामान्य है और उसे कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या नहीं है, तो वह पीरियड्स के दौरान भी रक्तदान यानी ब्लड डोनेट कर सकती है। हालांकि, अगर महिला को पहले से ही कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर, ज्यादा ब्लीडिंग या आयरन की कमी की समस्या है, तो इस दौरान रक्तदान करना नुकसानदायक हो सकता है।

अगर आप भी इस बारे में असमंजस में हैं और जानना चाहती हैं कि पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना सुरक्षित है या नहीं, तो इस लेख में हम आपको इस विषय पर पूरी जानकारी (Can women donate blood during periods) देंगे। यहां जानिए कि किन परिस्थितियों में रक्तदान करना सुरक्षित है, किन स्थितियों में इसे टाल देना चाहिए (Is it bad to donate blood on your period) और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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Blood donation during periods

पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करने के संभावित प्रभाव - Effects Of Donating Blood During Periods

1. कमजोरी और थकान

पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट किया जाता है, तो इससे शरीर में और ज्यादा ब्लड की कमी हो सकती है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

2. लो हीमोग्लोबिन का खतरा

अगर किसी महिला का हीमोग्लोबिन पहले से ही कम है, तो पीरियड्स के दौरान रक्तदान करने से एनीमिया (खून की कमी) हो सकती है। यह स्थिति चक्कर आना, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।

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3. डिहाइड्रेशन का खतरा

पीरियड्स के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ब्लड डोनेशन करने से शरीर को और ज्यादा तरल पदार्थ की जरूरत होती है। अगर पर्याप्त मात्रा में पानी न लिया जाए, तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।

4. चक्कर आना और ब्लड प्रेशर में गिरावट

कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ब्लड प्रेशर में बदलाव महसूस होता है। ऐसे में ब्लड डोनेट करने से चक्कर आने या कमजोरी महसूस होने की संभावना बढ़ सकती है।

किन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए?

  • जिनका हीमोग्लोबिन पहले से ही कम है (12.5 g/dL से नीचे)।
  • जो पहले से ही कमजोरी, चक्कर आना या थकान महसूस कर रही हैं।
  • जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य से कम रहता है।
  • जिन्हें पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग की समस्या होती है।
  • जिन्हें आयरन की कमी या एनीमिया की शिकायत है।

डॉक्टर यह भी सुझाव देती हैं कि महिलाओं को ब्लड डोनेशन से पहले और बाद में अपने शरीर की स्थिति को अच्छी तरह समझना चाहिए। अगर रक्तदान के बाद चक्कर, कमजोरी या ज्यादा थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष

पीरियड्स के दौरान ब्लड डोनेट करना पूरी तरह से महिला के स्वास्थ्य, हीमोग्लोबिन लेवल और शरीर की सहनशक्ति पर निर्भर करता है। अगर कोई महिला हेल्दी महसूस कर रही है और उसका हीमोग्लोबिन सामान्य है, तो वह ब्लड डोनेट कर सकती है। लेकिन अगर उसे पहले से ही थकान, चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर या हैवी ब्लीडिंग की समस्या है, तो इस दौरान रक्तदान से बचना बेहतर होगा। अगर आप ब्लड डोनेशन करना चाहती हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और सुनिश्चित करें कि आपका शरीर इसके लिए तैयार है।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 05, 2025 12:56 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 05, 2025 12:56 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

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