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पीरियड्स जल्दी या देर से होने का कारण आपकी डाइट तो नहीं? डॉक्टर से जानें कनेक्शन

कई बार महिलाओं को पीरियड्स को जल्दी या देर से आने की समस्या होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन क्या यह आपकी डाइट के कारण भी हो सकता है?

अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण आज के समय में बहुत सी महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे पीरियड्स का फ्लो कम आने, पीरियड्स देरी से आने या जल्दी आने की समस्या होती हैं। ऐसा शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने या अन्य किसी कारण से हो सकता है। ऐसे में कई बार महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि क्या खान-पान के कारण भी ऐसा हो सकता है? ऐसे में आइए इंदौर के बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ की फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. पायल जयसवाल से जानें।

क्या डाइट के कारण पीरियड्स जल्दी या देर से आ सकते हैं?

डॉ. पायल जयसवाल के अनुसार, "बहुत कम महिलाएं यह जानती हैं कि उनकी रोज की डाइट सीधे उनके पीरियड साइकिल को प्रभावित कर सकती है। हम अनियमित पीरियड्स को अक्सर स्ट्रेस या हार्मोनल गड़बड़ी से जोड़ते हैं, लेकिन इसमें खानपान की भूमिका उतनी ही बड़ी होती है।" खाना न खाने या अनहेल्दी खानपान के कारण महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी ये परेशानियां होती हैं।

पोषक तत्वों की होती है कमी

डॉ. पायल बताती हैं कि, "सही खाना न खाने या अन्य कारणों से जब शरीर को आयरन, विटामिन डी, जिंक या जरूरी फैटी एसिड नहीं मिलते हैं, तो हार्मोन का संतुलन बिगड़ने लगता है। जिसके कारण महिलाओं का ओव्यूलेशन प्रभावित होता है।"

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अनहेल्दी खाने से होती है हार्मोनल समस्या

डॉ. पायल कहती हैं कि, "अधिक प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर और कम फाइबर वाली डाइट महिलाओं के शरीर में इंसुलिन के स्तर को बिगाड़ती हैं, जो पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome - PCOS) जैसी स्थितियों को और भी गंभीर बना सकती है।"

कुछ संकेतों को न करें नजरअंदाज

डॉ. पायल के अनुसार, "महिलाओं को पीरियड्स से जुड़े कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जो शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाने के संकेत हो सकते हैं।

  • पीरियड्स का बार-बार स्किप होना।
  • बहुत कम या बहुत अधिक ब्लीडिंग होना।
  • साइकिल का 21 दिन से कम या 35 दिन से अधिक होना।
  • पीरियड्स के दौरान असामान्य थकान या दर्द होना।"

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पीरियड्स की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के उपाय

डॉ. पायल जयसवाल के अनुसार, "इन स्थितियों को बिगड़ने से रोकने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। जैसे हेल्दी डाइट लेने और अनहेल्दी फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

  • हरी सब्जियां, दालें, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज जैसे फूड्स को डाइट में शामिल करें।
  • प्रोसेस्ड और शुगर युक्त खाने से दूरी बनाएं।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करें।"

डॉ. पायल जयसवाल बताती हैं कि, "खानपान में किया गया एक छोटा सा बदलाव भी शरीर के हार्मोनल संतुलन पर गहरा असर डाल सकता है। अगर लक्षण लंबे समय से बने हुए हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। सही समय पर लिया गया एक कदम, आगे की कई कॉम्प्लिकेशन से बचा सकता है।"

निष्कर्ष

खानपान के कारण महिलाओं को पीरियड्स के जल्दी आने या देरी से आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हार्मोनल समस्याओं से बचने और पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए हेल्दी डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं और नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करें। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड्स और शुगर युक्त फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

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FAQ

  • पीरियड साइकिल की नॉर्मल अवधि कितनी होनी चाहिए?

    नॉर्मल पीरियड साइकिल 21 से 35 दिन के बीच की होती है। अगर आपका साइकिल 21 दिन से छोटा है या 35 दिन से ज्यादा लंबा हो रहा है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • पीरियड्स को नियमित रखने के लिए कौन से पोषक तत्व सबसे जरूरी हैं?

    पीरियड साइकिल को सही रखने के लिए आयरन, विटामिन डी, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स बहुत जरूरी हैं। इनकी कमी होने पर ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) प्रभावित होती है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।
  • महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के क्या लक्षण हैं?

    महिलाओं को पीरियड्स के असंतुलित होने के कारण अधिक थकान होने, कमजोरी होने, मूड स्विंग्स होने, मुंहासे होने, वजन में बदलाव होने, पीरियड्स के अनियमित होने की समस्या हो सकती हैं। 

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Priyanka Sharma

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प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 30, 2026 16:40 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Apr 30, 2026 16:40 IST

    Published By : Priyanka Sharma

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