Sat Oct 10, 2026 | 02:10 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

महिलाओं में ज्यादा एंड्रोजन बनता है कई समस्याओं का कारण, डॉक्टर से जानें ऐसे में क्या करें

महिलाओं में ज्यादा एंड्रोजन कई तरह की समस्याएं पैदा करता है, जैसे चेहरे पर अनचाहे बाल उग आना या कील-मुंहासों की समस्या आदि। जानें, इसे संतुलित कैसे करें।
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एंड्रोजन, सेक्स हार्मोन्स का एक समूह है, जिसे हम मेल हार्मोन के नाम से भी जानते हैं। महिलाओं में, एंड्रोजन का उत्पादन कम मात्रा में होता है, लेकिन यह जरूरी हार्मोन है। यह प्रजनन स्वास्थ्य और कामेच्छा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। कई बार स्वास्थ्य समस्याओं या हार्मोन इंबैलेंस के कारण महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। इसकी वजह से महिलाओं के चेहरे पर अनचाहे बाल उग आते हैं या मेल पैटर्न जैसा गंजापन हो जाता है। इस तरह की परेशानियां न हों, इसके लिए महिलाओं को चाहिए कि वे एंड्रोजन के स्तर को संतुलित रखें। ऐसा कैसे कर सकते हैं? Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता द्वारा बताए गए टिप्स को अपनाएं।

महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर बढ़ने पर क्या करें?

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स्पेशलिस्ट से मिलें

अगर महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, तो उन्हें बिना देरी किए स्पेशलिस्ट से मिलना चाहिए। इसका पता आप शरीर में नजर आ रहे संकेतों से लगा सकते हैं, जैसे पीरियड्स मिस होना या अनियमित पीरियड होना। एक्सपर्ट्स की मानें, तो महिलाओं में ज्यादा एंड्रोजन का स्तर बढ़ने के कारण प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है, मेटाबाॅलिज्म से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

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वजन कम करें

महिलाओं में एंड्रोजन के स्तर को संतुलित करने के लिए उन्हें नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए। 2020 में Journal of Functional Morphology and Kinesiology में प्रकाशित एक रिव्यू के अनुसार नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की वजह से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है, जो कि अत्यधिक इंसुलिन-प्रेरित एंड्रोजन प्रोडक्शन को कम करता है।

डाइट में करें बदलाव

बढ़े हुए एंड्रोजन के स्तर को कम करने के लिए महिलाएं डाइट में जरूरी बदलाव कर सकती हैं। असल में, जब आप महिलाएं अच्छी डाइट फाॅलो करती हैं, तो इसकी वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार होता है, सूजन में कमी आती है और फाइबर इनटेक भी बेहतर होता है। नतीजतन, एंड्रोजन के स्तर में भी अपने आप गिरावट आने लगती है। लो-ग्लाइसेमिक, साबुत अनाज, जैसे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर में होने वाले स्पाइक को रोकते हैं, जो कि एंड्रोजन प्रोडक्शन को उत्तेजित कर सकती है।

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निष्कर्ष

एंड्रोजन हार्मोन महिलाओं और पुरुष दोनों में होते हैं। महिलाओं में इसकी मात्रा पुरुषों की तुलना में कम होती है। अगर किसी वजह से महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, तो यह सही नहीं है। इस संबंध में तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। खासकर, जो महिलाएं कंसीव करने की प्लानिंग कर रही हैं, उन्हें इस संबंध में देरी नहीं करनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या डाइट से वास्तव में एंड्रोजन लेवल को कम किया जा सकता है?

    हां, लो-ग्लाइसेमिक डाइट (जैसे साबुत अनाज, सब्जियां) ब्लड शुगर स्पाइक्स को कम करती है। इससे इंसुलिन का स्तर गिरता है, जो सीधे तौर पर एंड्रोजन प्रोडक्शन को कम करने में मदद करता है।
  • महिलाओं में एंड्रोजन बढ़ने का सबसे बड़ा लक्षण क्या है?

    महिलाओं में एंड्रोजन बढ़ने पर मुंहासे और पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं।
  • क्या एक्सरसाइज करने से हार्मोन तुरंत बैलेंस हो जाते हैं?

    एक्सरसाइज से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है, लेकिन हार्मोन तुरंत संतुलित नहीं होते हैं। इसे संतुलन में समय लगता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 30, 2026 13:15 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Apr 30, 2026 13:15 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta