महिलाओं में बालों के झड़ने की समस्या सिर्फ सुंदरता पर असर नहीं डालती है, बल्कि यह शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में जब महिलाओं के बाल बहुत ज्यादा झड़ने लगते हैं तो न सिर्फ उनका आत्मसम्मान कम होता है, बल्कि इसे नजरअंदाज करना भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। डॉक्टर्स का मानना है कि है हेयर फॉल की समस्या सिर्फ शैम्पू या तेल की गड़बड़ी या सही हेयर केयर रूटीन फॉलो करने के कारण नहीं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन के कारण भी हो सकता है। आइए Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant- Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida और Dr. Pooja Rana, Senior Consultant, Obstetrics & Gynaecology, The Women’s Hospital, Delhi से जानते हैं कि महिलाओं में किन हार्मोनल असंतुलन के कारण बाल झड़ते हैं?
महिलाओं में किन हार्मोनल असंतुलन के कारण हेयर फॉल होता है?
Dr. Anju Suryapani बताती हैं कि हार्मोन्स हमारे शरीर के केमिकल मैसेंजर हैं, जो बालों के ग्रोथ साइकिल को सीधे कंट्रोल करते हैं। जब शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है, तो बालों के फॉलिकल्स सिकुड़ने लगते हैं और बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं।
Dr Pooja Rana का कहना है कि महिलाओं में बालों का झड़ना हमेशा जेनेटिक्स, उम्र बढ़ने के कारण या सही हेयर केयर रूटीन फॉलो न करने के कारण नहीं होता है। हार्मोनल बदलाव भी बालों के बढ़ने के साइकिल को प्रभावित कर सकते हैं और बालों को पतले होने या ज्यादा झड़ने का कारण बन सकते हैं।
1. एंड्रोजन और डीएचटी का बढ़ना
एंड्रोजन आमतौर पर मेल हार्मोन के रूप में जाना जाता है, लेकिन यह महिलाओं के शरीर में भी कम मात्रा में बनता है। जब महिलाओं में एंड्रोजन का लेवल बढ़ता है तो यह डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) में बदल जाता है।
इसके कारण DHT बालों के फॉलिकल्स से चिपक जाता है और उन्हें छोटा और कमजोर कर देता है। इसे फीमेल पैटर्न बाल्डने या एंड्रोजेनिक एलोपेसिया के रूप में जाना जाता है। इसमें स्कैल्प के बीच के हिस्से की मांग चौड़ी होने लगती है और बाल पतले हो जाते हैं।
इसे भी पढ़ें: क्या रेगुलर हेलमेट पहनने से आपके बाल भी झड़ रहे हैं? पसीने, खुजली और हेयर फॉल से बचने के 5 असरदार तरीके
2. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS या PCOD)
आज के समय में युवा महिलाओं और टीनएजर्स में PCOS/PCOD हेयर फॉल का सबसे बड़ा कारण बनता है। ओवरीज (अंडाशय) में एंड्रोजन हार्मोन का ज्यादा उत्पादन होने लगता है। इसके कारण स्कैल्प से बाल तेजी से झड़ते हैं और पतले होते हैं, जबकि इसके विपरीत चेहरे, ठुड्डी और शरीर पर अनचाहे मोटे बाल उगने लगते हैं।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, महिलाओं में होने वाली आम हार्मोनल समस्याओं में से एक PCOS, दुनिया भर में बच्चे पैदा करने की उम्र वाली लगभग 10 से 13% महिलाओं को प्रभावित करता है। PCOS से जुड़े एंड्रोजन के हाई लेवल भी बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं। PCOS की वजह से बालों का पतला होना उन महिलाओं में ज़्यादा साफ दिख सकता है, जिनमें यह समस्या जेनेटिक होती है।
3. थायराइड हार्मोन का असंतुलन
गर्दन में स्थित थायराइड ग्लैंड से निकलने वाले T3 और T4 हार्मोन्स शरीर के मेटाबॉलिज्म और बालों की जड़ों के पुनर्जनन को कंट्रोल करते हैं।
- हाइपोथायरायडिज्म- थायराइड हार्मोन कम बनने के कारण बालों का झड़ना पूरे स्कैल्प से समान रूप से होता है। इसके कारण बाल सूखे, बेजान और रूखे हो जाते हैं।
- हाइपरथायरायडिज्म- थायराइड हार्मोन ज्यादा बनने के कारण बाल पतले और कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
4. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में कमी
एस्ट्रोजन हार्मोन बालों को लंबे समय तक विकास करवाने में मदद करता है। जब एस्ट्रोजन हार्मोन कम होता है तो बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। यह स्थिति तीन चरणों में देखी जाती है-
- डिलीवरी के बाद- डिलीवरी के 2 से 4 महीने बाद एस्ट्रोजन का लेवल अचानक कम होता है, जिससे बाल बहुत ज्यादा मात्रा में झड़ते हैं।
- पेरी-मेनोपॉज और मेनोपॉज- 45 से 50 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन कम होने लगता है और एंड्रोजन बढ़ने लगता है, जिससे बाल पतले होने लगते हैं।
- गर्भनिरोधक गोलियां- बर्थ कंट्रोल पिल्स को अचानक शुरू करने या बंद करने से भी महिलाओं में हार्मोनल फ्लक्चुएशन होता है, जिससे हेयर फॉल बढ़ जाता है।
hormonal-imbalances-cause-hair-fall-in-women
5. कोर्टिसोल का बढ़ना
मानसिक या शारीरिक तनाव के दौरान एड्रिनल ग्लैंड से कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है। स्ट्रेस हार्मोन बालों की जड़ों में पाए जाने वाले प्रोटीन्स को तोड़ देता है। इससे बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं, जिसे टेलोजेन एफ्लुवियम कहा जाता है।
हार्मोनल हेयर फॉल के लक्षण क्या हैं?
अगर आपका हेयर फॉल हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है तो आपको बालों के झड़ने के साथ-साथ ये शारीरिक लक्षण भी नजर आ सकते हैं-
- स्कैल्प की मांग का धीरे-धीरे चौड़ा होना
- चेहरे, खासकर गाल, ठुड्डी और ऊपरी होंठ पर अनचाहे बाल आना
- चेहरे और पीठ पर गंभीर एक्ने होना
- अनियमित पीरियड्स होना
- अचानक वजन बढ़ना या वजन कम करने में मुश्किल होना
- ज्यादा थकान, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होना
इसे भी पढ़ें: वर्कआउट के बाद झड़ते हैं ज्यादा बाल? इन 7 तरीकों से करें देखभाल, कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा फर्क
हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाले हेयर फॉल को कैसे रोकें?
हार्मोनल हेयर फॉल को सिर्फ बाहरी ऑयल या घरेलू नुस्खों से ठीक नहीं किया जा सकता है। इसके लिए अंदरूनी हार्मोनल संतुलन बेहतर रखना जरूरी है।
- एंटी-एंड्रोजन दवाएं- डॉक्टर की सलाह पर एंड्रोजन के असर को कम करने वाली दवाएं ले सकते हैं, जो एंड्रोजन हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करता है।
- टॉपिकल मिनॉक्सिडिल- बालों के फॉलिकल्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने और नए बाल उगाने के लिए 2% या 5% मिनॉक्सिडिल सॉल्यूशन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- थायराइड हार्मोन रिप्लेसमेंट- थायराइड असंतुलन होने पर सही खुराक की दवा देकर हार्मोन को नॉर्मल किया जा सकता है।
- पीआरपी थेरेपी- मरीज के अपने खून से ग्रोथ फैक्टर्स निकालकर स्कैल्प में इंजेक्ट किए जाीते हैं, जिससे सोए हुए फॉलिकल्स दोबारा एक्टिव होते हैं।
- लो-ग्लाइसेमिक डाइट- PCOS और एंड्रोजन को कंट्रोल करने के लिए मीठा, प्रोसेस्ड फूड, मैदा और जंक फूड बंद करें।
- प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स- डाइट में अंकुरित अनाज, अंडे, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, कद्दू के बीज और अलसी के बीज शामिल करें।
- स्ट्रेस मैनेजमेंट- कोर्टिसोल हार्मोन को कम करने के लिए रोजाना 20 से 30 मिनट योग, प्राणायाम या मेडिटेशन करें।
निष्कर्ष
महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाला हेयर फॉल रिवर्स वाली स्थिति है। बशर्ते इसका सही समय पर सही कारण पहचानकर इलाज किया जाए। अगर आपके बाल तेजी से पतले हो रहे हैं या गुच्छों में झड़ रहे हैं तो सिर्फ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
Image Credit: Freepik
FAQ
बाल सबसे ज्यादा किसकी कमी से झड़ते हैं?
शरीर में आयरन, विटामिन डी, विटामिन बी12, प्रोटीन और जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी से बाल झड़ने की समस्या बहुत ज्यादा हो सकती है।बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं, क्या करना चाहिए?
बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं तो आपको सबसे पहले अपने खान-पान में सुधार करना चाहिए और बालों पर केमिकल वाले प्रोडक्ट्स या हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 26, 2026 21:47 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani
