जैसे ही हमारा हेयर फॉल बढ़ता है, हम इसे खराब खान-पान, बालों की साफ-सफाई आदि से जोड़कर देखते हैं। शायद हम इसे कभी वेट गेन से जोड़कर नहीं देखते हैं। तो क्या वाकई वजन का बढ़ना और बालों का झड़ना, आपस में कनेक्टेड हैं? इस बारे में विशेषज्ञ बताते हैं इन दोनों का आपस में गहरा संबंध है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। दरअसल, बढ़ते वजन के कारण हार्मोनल परिवर्तन होने लगते हैं, जो हेयर फॉल को बढ़ावा देते हैं। आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से जानते हैं इसके कारणों के बारे में विस्तार से।
वजन बढ़ने के साथ बालों का झड़ना क्यों बढ़ जाता है?

वजन बढ़ना और बालों का झड़ना आपस में गहराई से कनेक्टेड हैं। इसके पीछे कई तरह के कारण हैं, जैसे-
असंतुलित थायराइड
थायराइड के कारण शरीर में मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने लगता है। दरअसल, हाइपोथायराइड मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है। ऐसे में तेजी से वजन बढ़ने लगता है। इतना ही नहीं, थायराइड के कारण थकान, कमजोरी जैसी दिक्कतें होती हैं और बालों का झड़ना भी बढ़ जाता है। Cureus Journal of Medical Science के अनुसार, हाइपोथायराइडिज्म के मरीजों में वजन तेजी से बढ़ता है और हेयर फॉल की समस्या भी होती है। हालांकि, समय पर इलाज से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।
इसे भी पढ़ें: तेजी से वजन घटाने पर बाल ज्यादा क्यों झड़ने लगते हैं? डॉक्टर से जानें कारण
PMOS है कारण
यह हार्मोन से जुड़ी महिलाओं में होने वाली एक गंभीर समस्या है। इसे PCOS के नाम से भी जाना जाता है। PMOS होने पर महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। इसकी वजह से अक्सर महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है, जिसे कंट्रोल करना मुश्किल होता है। वहीं, हेयर फॉल की बात करें, तो पीसीओएस का इसके साथ भी गहरा कनेक्शन है।
साल 2026 में Endocrine Connections में प्रकाशित एक रिव्यू आर्टिकल के अनुसार पीसीओएस के कारण महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जो कि उनमें गंजेपन की मूल वजह बनता है। रिव्यू में आगे बताया गया है कि पीसीओएस के कारण महिलाओं में एलोपेसिया हो सकता है। ऐसा इंसुलिन रेजिस्टेंस, क्रोनिक सूजन, आनुवंशिक संवेदनशीलता और एंड्रोजन के मिले-जुले प्रभाव से बनता है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर में सूजन
डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "वजन बढ़ने के कारण अक्सर लोगों को इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्या हो जाती है। साथ ही, उनके शरीर में अंदरूनी सूजन भी देखने को मिलती है। ऐसे में उनके शरीर में मेटाबाॅलिक तनाव बढ़ जाता है। नतीजतन, हेयर फॉल बढ़ने लगता है। स्थिति इसके उलट भी हो सकती है। मोटापा बढ़ने के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस से संबंधित समस्या हो जाती है, जो कि हेयर फॉल को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।"
पोषक तत्वों की कमी
अक्सर लोगों को लगता है कि जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, उनमें पोषक तत्वों की कमी नहीं हो सकती है। ध्यान रखें कि स्वस्थ और पौष्टिक आहार का संतुलित सेवन करने से मोटापा नहीं बढ़ता है। इसके उलट, प्रोसेस्ड फूड (पैकेट बंद खाना) ज्यादा खाने से वजन बढ़ता है। हालांकि, कुछ हार्मोनल कारण जिम्मेदार हैं, जिसका जिक्र हमने पहले ही किया है। वहीं, अगर प्रोसेस्ड फूड के कारण बढ़े वजन की बात करें, तो ऐसे में शरीर को प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व नहीं मिलते हैं। ये वही तत्व हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूती देते हैं और हेयर फॉल को रोकते हैं।
डायबिटीज की समस्या
Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित रिसर्च पेपर के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन थेरेपी शुरू करने के बाद वजन बढ़ना एक आम समस्या है। यही नहीं, डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्थिर न होने के कारण शारीरिक तनाव बना रहता है। ऐसे में बालों का झड़ना बढ़ जाता है। अगर समय रहते समस्या को कंट्रोल न किया जाए, तो हेयर फॉल भविष्य में और भी ज्यादा बढ़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: बालों का अचानक झड़ना न करें नजरअंदाज, डॉक्टर से जानें 7 कारण
समस्या से निपटने के लिए क्या करें?
बालों का झड़ना और वेट गेन को संतुलित करने के लिए डॉ. करुणा मल्होत्रा सलाह देती हैं-
- हमेशा संतुलित आहार लें।
- डाइट में लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट को अधिक मात्रा में शामिल करें।
- तनाव के स्तर को संतुलित रखें।
- तनाव कम होने से कोर्टिसोल का स्तर संतुलित रहता है।
- रात को 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।
- अच्छी नींद लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं।
डॉक्टर की सलाह
अगर आप उन लोगों में से हैं, जिनका वजन बढ़ रहा है और बालों का झड़ना भी कम नहीं हो रहा है, तो इसे इग्नोर न करें। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर की सलाह पर जरूर अपनाएं-
- हेल्थ चेकअप करवाएंः अगर आपका हेयर फॉल बढ़ रहा है और वजन भी संतुलित नहीं है, तो सबसे पहले थायराइड की जांच करवाएं। सामान्य ब्लड टेस्ट के जरिए टीएसएच के स्तर का पता चलेगा और यह जान सकेंगे कि शरीर में हार्मोन संतुलित हैं या नहीं।
- हार्मोन संतुलन पर रखें नजरः जैसा कि यह पहले ही जिक्र किया गया है कि पीसीओएस जैसी हार्मोनल स्थिति में भी वजन बढ़ना और हेयर फॉल जैसी समस्या साथ-साथ होती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप शरीर में नजर आ रहे अन्य लक्षणों पर भी गौर करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- पोषक तत्वों की कमी की जांचः कई बार वजन बढ़ने और हेयर फॉल का मूल कारण समझ नहीं आता है। ऐसे में जरूरी है कि आप एक बार अपनी डाइट पर नजर दौड़ाएं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप प्रोसेस्ड फूड आदि का सेवन अधिक करते हैं, जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो रही है? बेहतर है कि इसकी जांच करवाएं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि वजन बढ़ना और हेयर फॉल होना, दोनों का आपस में गहरा कनेक्शन है। वास्तव में, दोनों हार्मोनल असंतुलन से अधिक जुड़े हुए हैं। अगर आप उन लोगों में हैं, जिन्हें दोनों समस्याएं साथ हो रही हैं, तो इसे इग्नोर न करें और समय रहते डॉक्टर के पास जाएं। इसे समय पर सही कारण का पता चल सकेगा और सही ट्रीटमेंट में भी मदद मिलेगी।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ें से हेयर फॉल और पेट की चर्बी दोनों को एक साथ बढ़ा सकता है?
हां, अत्यधिक तनाव के कारण कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं, जिससे बाल तेजी से गिराता है, वहीं दूसरी तरफ लिवर में ग्लूकोज का उत्पादन बढ़ाकर पेट और कमर के आसपास फैट जमा करता है।क्या विटामिन-डी की कमी से वजन बढ़ने और एलोपेसिया (गंजेपन) का खतरा एक साथ होता है?
विशेषज्ञ बताते हैं विटामिन-डी हेयर फॉलिकल्स को सक्रिय करने और फैट मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसकी कमी से वजन बढ़ने और एलोपेसिया का खतरा एक साथ होने लगता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 16, 2026 16:23 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra