डायबिटीज से पीड़ित मरीज अक्सर अपनी डाइट या लाइफस्टाइल में किसी भी तरह का नया बदलाव करने से पहले काफी कंफ्यूज रहते हैं। खासकर जिम में जाकर वर्कआउट करना चाहिए या नहीं? जिम में भारी वजन उठाना या कार्डियो करना सुरक्षित है या नहीं? Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि एक्सरसाइज करना डायबिटीज को मैनेज करने के सबसे बेहतरीन तरीकों में से एक है। नियमित रूप से जिम में वर्कआउट करने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है, जिससे मांसपेशियां खून से ग्लूकोज को ज्यादा बेहतर तरीके से सोखने लगती हैं। हालांकि वर्कआउट के दौरान कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है।
डायबिटीज में जिम शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
साल 2016 में American Diabetes Association की गाइडलाइन्स के अनुसार, "ब्लड शुगर के मरीजों को जिम करने को लेकर खास सलाह और सावधानियां डायबिटीज के प्रकार, उम्र, की जाने वाली एक्टिविटी और डायबिटीज से जुड़ी समस्याओं के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। सलाह हर व्यक्ति की खास जरूरतों के हिसाब से होनी चाहिए।"
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि "जिम जाकर वर्कआउट करने से न सिर्फ आपकी ब्लड शुगर कंट्रोल में आती है, बल्कि HbA1c लेवल भी कम होता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों के लिए बिना किसी सही प्लानिंग के अचानक जिम में हैवी वर्कआउट शुरू करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए, आप इन बातों का ध्यान रखें।"
1. जिम जाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें
डायबिटीज के मरीज जिम जॉइन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ब्लड शुगर पेशेंट में दिल की बीमारियों का खतरा आम लोगों की तुलना में थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए, भारी वर्कआउट शुरू करने से पहले हार्ट हेल्थ की जांच करना जरूरी होता है।
इतना ही नहीं, अगर डायबिटीज के कारण उनकी आंखों या किडनी पर भी बुरा असर होता है, जिसके कारण बहुत भारी वजन उठाना डायबिटीज के मरीजों की आंखों के ब्लड वेसल्स पर दबाव डाल सकता है। ऐसे में डॉक्टर आपको वर्कआउट का सही तरीका आपकी स्थिति के हिसाब से बता सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न छोड़ें नाश्ता, हो सकती हैं कई परेशानियां
2. वर्कआउट से पहले और बाद में शुगर चेक करें
जिम जाने वाले डायबिटीज के मरीजों के लिए नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच करना जरूरी है। जिम में वर्कआउट शुरू करने के लिए आपका ब्लड शुगर लेवल 100 mg/dL से 250 mg/dL के बीच होना चाहिए और अगर इससे कम है तो वर्कआउट न करें। एक्सरसाइज करने से पहले 1 फल, 3-4 ग्लूकोज बिस्किट या आधा गिलास फ्रूट जूस पिएं और शुगर लेवल को 100 से ऊपर आने का इंतजार करें।
अगर आपका ब्लड शुगर लेवल 250 mg/dL से ज्यादा है और आपके पेशाब में कीटोन्स बन रहे हैं तो जिम में वर्कआउट करने से बचें। इस स्थिति में ज्यादा एक्सरसाइज करने से शुगर स्पाइक कर सकती है।

3. जिम किट में इमरजेंसी शुगर किट रखें
जिम में वर्कआउट करते समय मांसपेशियां तेजी से ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं, जिससे शुगर अचानक गिर सकती है। इसलिए, हमेशा अपने जिम बैग में ग्लूकोज पाउडर, टॉफी, फल या जूस का पैकेट रखें।
अगर वर्कआउट के दौरान आपको अचानक पसीना आना, घबराहट होना, चक्कर आना, हाथ कांपना या ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो तुरंत एक्सरसाइज करना बंद कर दें और शुगर लेवल की जांच करें।
4. सही वर्कआउट कॉम्बिनेशन और समय चुनें
जिम में सिर्फ कार्डियो करने के बजाय स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कार्डियो दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से मसल मास बढ़ता है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है।
इसके साथ ही आप सुबह-सुबह पूरी तरह खाली पेट हैवी वर्कआउट करने से बचें। जिम जाने से 30 से 45 मिनट पहले हल्का स्नैक जरूर खाएं। वर्कआउट के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। डिहाइड्रेशन से ब्लड शुगर का लेवल बढ़ सकता है।
5. अपने पैरों का खास ध्यान रखें
डायबिटीज के मरीजों में न्यूरोपैथी के कारण पैरों में सेंसिटिविटी कम हो सकती है, जिससे छोटी सी चोट भी बड़ा घाव बन सकती है। इसलिए, आप हमेशा अच्छी क्वालिटी के आरामदायक और सही साइज के स्पोर्ट्स शूज पहनें एवं बिना मोजों के जिम न करें। जिम से आने के बाद अपने पैरों के तलवों और उंगलियों के बीच की जगह को चेक करें कि कहीं कोई खरोंच, छाला या कट तो नहीं लगा है।
इसे भी पढ़ें: डायबिटीज में शुगर बढ़ने पर पैरों में इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से समझें बचाव के उपाय
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर जिम शुरू करने के बाद आपका शुगर लेवल बार-बार लो होने लगे तो अपनी मर्जी से दवाएं लेना बंद करने के बजाय अपने डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर आपकी फिजिकल एक्टिविटी के हिसाब से इंसुलिन या दवाओं की खुराक कम करेंगे। खुद से दवा लेना बंद करने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए देरी किए बिना तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।
निष्कर्ष
डायबिटीज में जिम जाकर वर्कआउट करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आप जिम करने से पहले और बाद में अपने ग्लूकोज लेवल की जांच करें, ब्लड शुगर कम होने पर कुछ खाएं और नॉर्मल होने के बाद ही वर्कआउट करें। वर्कआउट के दौरान किसी भी तरह की समस्या महसूस होने पर वर्कआउट करना बंद कर दें और अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik
FAQ
शुगर पेशेंट को कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
डायबिटीज के मरीजों के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। ब्लड शुगर लेवल मैनेज करने के लिए आप एरोबिक एक्सरसाइज, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना सही होता है।क्या पैदल चलने से शुगर लेवल कम होता है?
हां, पैदल चलने से ब्लड शुगर लेवल कम करने में मदद मिलती है और डायबिटीज को मैनेज करना आसान हो सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 16, 2026 13:13 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh