Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

Gym Vs Home Workout: फिट रहने के लिए क्या है बेहतर? जानें एक्सपर्ट से फायदे और नुकसान

Gym Vs Home Workout: लोग फिटनेस के लिए जिम जाते हैं, लेकिन क्या सच में खुद को सेहतमंद रखने के लिए जिम जाना जरूरी है? क्या घर में वर्कआउट करके भी खुद को फिट रखा जा सकता है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए हमने एक्सपर्ट से बात की। उन्होंने इस लेख में दोनों के फायदे और नुकसान विस्तार से बताए हैं।

Gym Vs Home Workout: आजकल लोग फिटनेस को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं और रोजाना वॉक से लेकर जिम तक जा रहे हैं। कई लोगों का सवाल यह भी होता है कि अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए क्या ज्यादा सही रहेगा? क्या घर पर ही वर्कआउट करने से फिटनेस सही रहेगी या फिर जिम जाकर ही सही रिजल्ट आएंगे। लोगों के सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी (Ms Meena Kumari, Chief Dietician, Sarvodaya Hospital, Faridabad) से बात की। उन्होंने बताया कि इस सवाल का जवाब एक लाइन में नहीं दिया जा सकता क्योंकि घर पर वर्कआउट हो या जिम, दोनों से ही अच्छे फिटनेस रिजल्ट मिल सकते हैं। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप किसे लंबे समय तक लगातार कर पाते हैं, लेकिन दोनों के फायदे और नुकसान की चर्चा विस्तार से करते हैं।

घर में वर्कआउट करना कितना सही?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, “दरअसल, आजकल लोगों के पास समय की बहुत कमी हो गई है। इसलिए लोगों को घर पर वर्कउट करना आसान लगता है। इसका सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है। जिम जाने-आने का समय और पार्किंग जैसी समस्याओं के चलते लोग घर पर वर्कआउट करना पसंद करते हैं। घर पर जब चाहें और जितनी देर चाहें एक्सरसाइज कर सकते हैं। घर पर योग, बॉडीवेट ट्रेनिंग, HIIT जैसे कई ऑप्शन मौजूद होते हैं। बेसिक डम्बल या रेजिस्टेंस बैंड से भी अच्छा वर्कआउट हो जाता है। इसके अलावा, घर पर वर्कआउट करने का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि दिन मे दो से तीन सेशन आसानी से कर सकते हैं और कम खर्च में प्राइवेसी के साथ जिम करना कई लोगों को ज्यादा अच्छा लगता है।”

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घर पर वर्कआउट करने के नुकसान

मीना कुमारी कहती हैं कि घर में वर्कआउट करने पर कुछ परेशानियां भी हो सकती है।

  • सेल्फ मोटिवेशन न होना - घर पर ट्रेनर और एक्सरसाइज करने वाले साथी नहीं होते, इसलिए आलस आ जाता है और बीच में ही रूटीन छूट जाता है।
  • एक्सरसाइज के कम इक्विपमेंट होना - अगर किसी को मसल गेन करना है, तो सिर्फ अच्छे डंबल से होना मुश्किल है। घर पर एक्सरसाइज करते समय अगर अच्छे डम्बल, बार्बेल या मशीनें न हों तो प्रोग्रेसिव ओवरलोड करना मुश्किल हो सकता है।

जिम जाना कितना फायदेमंद है?

इस बारे में मीना कुमारी कहती हैं, “कई लोग जिम इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि वहां एक तय माहौल और सिस्टम होता है, जो लोगों को रेगुलर बनाए रखता है। दरअसल, जिम में अलग-अलग मसल ग्रुप के लिए मशीनें और फ्री वेट्स मिलते हैं और इसी कारण स्ट्रेंथ, मसल गेन और कार्डियो तीनों पर फोकस किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा होता है, जिन्हें मसल बढ़ाना है, बॉडी शेप बदलना है या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी है। लोग जिम जाना इसलिए भी पसंद करते हैं क्योंकि वहां प्रोफेशनल ट्रेनर की गाइडेंस मिलती है, ग्रुप क्लासेस होती हैं और आसपास वर्कआउट करते लोग मोटिवेशन बढ़ाते हैं। लोग सही टेक्नीक सीख पाते हैं और चोट का रिस्क कम रहता है।”

जिम जाने के नुकसान

मीना कुमारी कहती हैं कि जिम जाने के कुछ नुकसान भी होते हैं।

  • समय और पैसों ज्यादा लगना - जिम जाने के लिए मेम्बरशिप फीस, ट्रांसपोर्ट खर्च और कई बार भीड़ होने पर मशीन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। अगर रोजाना ऐसा ही करना हो, तो यह थका देने वाला प्रोसेस है।
  • जिम के समय के साथ समय मैच न करना - कई बार लोग जिम इसलिए भी छोड़ देते हैं क्योंकि उनका शैड्यूल मैच नहीं हो पाता या जिम घर से काफी दूर होता है, तो लोग इस रूटीन को ज्यादा समय तक फॉलो नहीं कर पाते। कई मामलों में देखा गया है कि जिम अचानक बंद हो जाते हैं। इससे भी लोगों का रूटीन बीच में ही टूट जाता है।

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जिम या घर पर वर्कआउट में से क्या बेहतर है?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, “सच्चाई यह है कि ऑप्शन वही सबसे अच्छा है, जिसे आप हफ्ते में कम से कम चार से पांच दिन बिना बड़े गैप के फॉलो कर सकें। अगर आपके पास समय कम है, ट्रैवल मुश्किल है और घर पर कंफर्टेबल है, तो घर पर वर्कआउट कर सकते हैं। अगर आपको स्ट्रक्चर चाहिए, मशीनों की जरूरत है और मोटिवेशन की जरूरत है, तो जिम बेहतर विकल्प हो सकता है।”

निष्कर्ष

मीना कुमारी कहती हैं कि फिटनेस का कोई एक फॉर्मूला नहीं होता। वजन घटाने, मसल बढ़ाने या स्टैमिना सुधारने जैसे गोल्स के हिसाब से घर या जिम के लिए 4 हफ्तों का सिंपल प्लान भी बनाया जा सकता है। इसलिए यह आपको देखना है कि आप घर पर कंफर्टेबल है या जिम में, बस इस बात का ध्यान रखें कि एक्सरसाइज रेगुलरी करें।

FAQ

  • जिम करने की सही उम्र क्या है?

    जिम शुरू करने की सही उम्र आमतौर पर 16 से 18 साल मानी जाती है, क्योंकि इस समय तक शारीरिक और मानसिक विकास लगभग पूरा हो जाता है, लेकिन 14 साल की उम्र से वयस्कों की निगरानी में भी शुरू किया जा सकता है।
  • क्या मुझे स्वस्थ रहने के लिए जिम जाना है?

    एक्टिव और सेहतमंद रहने के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है। अगर घर पर रहकर, बॉडीवेट एक्टिविटीज और योग करके फिट रहा जा सकता है।
  • सुबह उठते ही कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?

    सुबह उठकर वॉकिंग/जॉगिंग, स्ट्रेचिंग, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका जैसी एक्सरसाइज की जा सकती है। यह शरीर को एनर्जेटिक, ब्लड फ्लो सुधारने और शरीर को लचीलापन बढ़ाने के लिए की जा सकती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Jan 09, 2026 17:56 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jan 09, 2026 17:56 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari

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