किसी भी व्यक्ति के लिए बढ़ता हेयर फाॅल चिंता का विषय होता है। खासकर, महिलाओं की बात करें, तो हाल के सालों में उनमें हेयर थिनिंग की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे उनकी मांग काफी ज्यादा चौड़ी होती जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? इसके पीछे किस तरह के कारण जिम्मेदार हो सकते हैं?
इस संबंध में राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "महिलाओं में बालों का पतला होना और मांग (माथे के बीच का हिस्सा) का चौड़ा होना आम समस्याएं हैं। यह आमतौर पर बालों के फॉलिकल्स के धीरे-धीरे सिकुड़ने, अधिक बाल झड़ने या सिर की त्वचा की क्षति की ओर इशारा करता है। महिलाओं में हेयर थिनिंग के मूल कारणों को जानकर समस्या से राहत पाई जा सकती है।"
मांग चौड़ी होने के पीछे के मुख्य कारण- Hair Thinning Causes
Reasons Behind Hair Thinning And Widening Partition In Women
1. जेनेटिक और पर्यावरणीय कारक जो बालों को पतला बनाते हैं
इस समस्या को एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया भी कहा जाता है। महिलाओं में मांग चौड़ी होने का सबसे आम कारण यही है। यह एक आनुवंशिक स्थिति है, जिसमें सिर के ऊपरी हिस्से और क्राउन एरिया के बाल कम हो जाते हैं। समय के साथ, इसके कारण फॉलिक्युलर मिनिएचराइजेशन होने लगता है। इसका मतलब है बाल पहले से अधिक पतले व छोटे उगते हैं और अंततः बढ़ना बंद हो जाते हैं, जिससे सिर के बीच की मांग काफी ज्यादा चौड़ी नजर आने लगती है।
यह एक तरह का जेनेटिक कारण है। Cleveland Clinic के अनुसार, फीमेल पैटर्न हेयर लॉस को एंड्रोजेनिक एलोपेसिया भी कहा जाता है। अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही है, तो ये जीन्स भावी पीढ़ी तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में व्यक्ति विशेष में हेयर थिनिंग, हेयर फाॅल और बाॅल्डनेस जैसी समस्या बढ़ जाती है। अमूमन पुरुषों में ऐसी समस्या अधिक देखने को मिलती है। हाल के सालों में महिलाओं में हेयर थिनिंग की समस्या बढ़ी है।
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2. हार्मोनल बदलाव और महिलाओं में हेयर थिनिंग का संबंध
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी काफी ज्यादा होते हैं। विशेषकर, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में परिवर्तन और एंड्रोजन हार्मोन के स्तर में तेजी से इजाफा होने से बालों की डेंसिटी कई मायनों में प्रभावित होती है। ऐसा आमतौर पर पेरिमेनोपाॅज, पीसीओएस और पोस्टपार्टम रिकवरी के दौरान हो सकता है। कई बार कोई मेडिकल कंडीशन भी हेयर थिनिंग के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
3. तनाव और जीवनशैली का हेयर डेंसिटी पर असर
American Hair Loss Association के अनुसार, महिलाओं में हेयर थिनिंग का एक बड़ा कारण तनाव भी है। असल में, जब महिलाएं अत्यधिक शारीरिक या भावनात्मक तनाव, बड़ी सर्जरी, गंभीर बीमारी, अचानक वजन कम होना या मानसिक ट्रॉमा से गुजरती हैं, तो इसका प्रभाव उनके बालों की ग्रोथ पर भी होता है। यहां तक कि बढ़ता तनाव बड़ी संख्या में एक्टिव हेयर फाॅलिकल्स को हेयर शेडिंग में बदल देता है। नतीजतन, बाल कमजोर और काफी पतले हो जाते हैं।
4. पोषक तत्वों की कमी और बालों की जड़ों की कमजोरी
हेयर थिनिंग के पीछे एक बड़ा कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी है। असल में, जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन या अन्य जरूरी तत्व नहीं पहुंचते हैं, तो इसकी वजह से बालों की ग्रोथ प्रभावित होती है और बाल पतले भी हो जाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके मुख्य कारणों में फेरिटिन (शरीर में स्टोर आयरन), विटामिन डी, विटामिन बी12 या जिंक का स्तर कम होना शामिल है। अगर इन पोषक तत्वों में कमी आती है, तो हेयर थिनिंग की समस्या बढ़ सकती है।
5. दवाएं और चिकित्सीय उपचार
कुछ डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाएं (जैसे ब्लड थिनर/खून पतला करने वाली दवाएं, हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं) और सिस्टमिक ट्रीटमेंट (शरीर पर गहराई से असर डालने वाले इलाज) के साइड इफेक्ट के रूप में हेयर थिनिंग की समस्या हो सकती है। अगर किसी के साथ ऐसा हो, तो उन्हें बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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हेयर थिनिंग को कैसे रोकें?
हेयर थिनिंग को रोकने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप इसके मुख्य कारण को जानें और उसका इलाज करें। हालांकि, यहां बताए गए कुछ टिप्स भी आपको हेयर थिनिंग की समस्या से बचाव में मदद कर सकते हैं, जैसे-
- डाइट में पर्याप्त प्रोटीन लें। ध्यान रखें कि बाल केराटीन नाम के प्रोटीन से बना होता है। शरीर में इसकी आपूर्ति जरूरी है। इसके लिए डाइट में मछली, अंडा, पनीर और दालें शामिल करें।
- हेयर थिनिंग से निपटने के लिए डाइट में आयरन युक्त चीजों को भी शामिल करना चाहिए। बीन्स, पालक आदि इसके अच्छे स्रोत हैं। इनका सेवन करने से हेयर फाॅल भी कम होता है।
- हेयर केयर रूटीन में बदलाव करके भी आप हेयर थिनिंग की समस्या को कम कर सकते हैं। बालों के लिए सल्फेट फ्री शैंपू यूज करें, गीले बालों को कंघी करने से बचें और टाइट हेयर स्टाइल न करें।
- बालों की अच्छी तरह तेल से मसाज करें। Toxicological Research में प्रकाशित एक चूहों पर किए गए रिसर्च के निष्कर्ष के अनुसार, लैवेंडर ऑयल से बालों की मसाज करने से हेयर ग्रोथ बेहतर होती है। इससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे हेयर फाॅलिकल्स को सपोर्ट मिलता है। हालांकि, इस संबंध में और पुष्टि के लिए इंसानों पर रिसर्च किए जाने की भी जरूरत है।
- हेयर थिनिंग से जूझ रही महिलाएं अक्सर अपने लुक और पर्सनैलिटी को लेकर तनाव में रहती हैं। बेहतर है कि आप तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें। तनाव बढ़ने से हेयर शेडिंग भी बढ़ जाती है। तनाव को मैनेज करने के लिए मेडिटेशन आदि करें।
- डाॅक्टर से ट्रीटमेंट लेना न भूलें। जीवनशैली में बदलाव के बावजूद डाॅक्टर की सही सलाह अपकी समस्या को तेजी से कम करने में मदद करती है। इसलिए, हेयर थिनिंग बढ़ने पर आप डाॅक्टर के पास जाने में देरी न करें।
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निष्कर्ष
खराब जीवनशैली, पोषक तत्वों की कमी और केमिकल युक्त चीजों का उपयोग करने से महिलाओं में हेयर थिनिंग की समस्या हो सकती है। हालांकि, इसके पीछे जेनेटिक्स भी कारण होते हैं। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी समस्या को इग्नोर न करें और समय रहते डाॅक्टर के पास जाएं।
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FAQ
क्या रोजाना बाल धोने से मांग चौड़ी हो सकती है?
नहीं, रोजाना माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करने से बाल नहीं झड़ते; बल्कि इससे स्कैल्प साफ रहता है और सीबम या डैंड्रफ जमा नहीं होता।क्या सिल्क या सैटिन के तकिए का कवर हेयर थिनिंग रोकने में मददगार है?
हां, ऐसा हो सकता है। इससे सोते समय बालों और कपड़े के बीच घर्षण को कम करके बालों का टूटना कम होता है।
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Oct 26, 2026 12:53 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
