यह बात हम सभी जानते हैं कि ब्रेकफास्ट हमारे दिन भर का सबसे अहम मील होता है। जब हम अच्छा नाश्ता करते हैं, उसमें प्रोटीन और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्वों का ध्यान रखते हैं, तो दिन भर एनर्जेटिक महसूस करते हैं। इससे काम की प्रोडक्टिविटी में भी सुधार होता है। हालांकि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि ये तमाम बातें जानने के बावजूद अक्सर महिलाएं सुबह का नाश्त स्किप कर देती हैं। क्या आप जानते हैं कि नियमित रूप से ब्रेकफास्ट स्किप करने के कई गंभीर नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। यह भी माना जाता है कि नाश्ता न करने के कारण महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन भी हो सकता है। आइए, वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं कि क्या वाकई यह सच है या महज एक मिथक है?
ब्रेकफास्ट न करने का महिलाओं की हार्मोनल हेल्थ पर असर
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1. कोर्टिसोल का स्तर बढ़ना
कोर्टिसोल एक तरह का स्ट्रेस हार्मोन है। जब महिलाएं सुबह लंबे समय तक भूखी रहती हैं यानी ब्रेकफास्ट नहीं करती हैं, तो शरीर तनाव में आ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि खाना नहीं मिलने की वजह से शरीर इसे इमरजेंसी समझने लगता है, जिससे कोर्टिसोल का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। इस हार्मोन के बढ़ने से महिला में चिड़चिड़ापन या मूड खराब होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
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2. अनियमित पीरियड्स
क्या आप जानते हैं कि नियमित रूप से नाश्ता न करने से पीरियड्स भी अनियमित होते हैं? साल 2020 में Diagnostics में प्रकाशित एक शोध से यह पता चलता है कि जब लड़कियां लंबे समय तक नाश्ता नहीं करती हैं, तो इसकी वजह से उनके पीरियड्स अनयिमत हो सकते हैं। इसकी वजह से भविष्य में महिलाओं को प्रजनन क्षमता से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। इस शोध के निष्कर्ष में यह बताया गया है कि महिलाओं को अपनी डाइट में सुधार करके भविष्य में होने वाले प्रजनन समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
3. इंसुलिन में असंतुलन
नाश्ता न करने से सबसे पहले ब्लड शुगर का स्तर ही प्रभावित होता है। नाश्ता नहीं करने से ब्लड शुगर लेवल अचानक तेजी से गिर जाता है। इसके बाद जब आप सीधे दोपहर को कुछ खाते हैं, तो शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है। ब्लड शुगर के स्तर में अचानक आया उतार-चढ़ाव सही नहीं है। इससे शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा हो सकता है, जो कि आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज और PCOD का जोखिम बढ़ा देता है।
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4. थायराइड पर असर
जब महिला लंबे समय तक खाना नहीं खाती है, तो इसकी वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इसका सीधा-सीधा असर थायराइड हार्मोन पर पड़ता है यानी इस हार्मोन जैसे टी3 और टी4 के स्तर में कमी आने लगती है। महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए थायराइड का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। इसमें आए परिवर्तन से पीरियड्स भी प्रभावित हो सकते हैं।
5. हंगर हार्मोन में बदलाव
जब कोई महिला लंबे समय तक सुबह का नाश्ता स्किप करती है, तो इसकी वजह से उसके शरीर में हंगर हार्मोन में भी बदलाव होने लगता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब आप उठते ही खाना नहीं खाते हैं, तो इसकी वजह से घ्रेलिन (Ghrelin) और लेप्टिन हार्मोन में अवरोध पैदा होता है। ये हार्मोन हमारे दिमाग को पेट खाली होने और पेट भरे होने का सिग्नल देते हैं। जब ये हार्मोन प्रभावित हो जाते हैं, तो अक्सर महिलाओं की क्रेविंग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
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निष्कर्ष
सुबह का नाश्ता किसी भी महिला को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ना चाहिए। नाश्ता छोड़ने से तरह-तरह के हार्मोन पर नेगेटिव असर पड़ता है। ध्यान रखें कि जब महिलाओं के शरीर में हार्मोन सही तरह से रेगुलेट नहीं होते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव पीरियड्स पर पड़ता है। अनियमित पीरियड्स प्रजनन क्षमता को कमजोर कर सकते हैं, जिससे भविष्य में कंसीव करने की संभावना दर कम हो जाती है। महिलाओं को सुबह के समय प्रोटीन और फाइबर युक्त हेल्दी चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए।
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FAQ
क्या नाश्ता छोड़ने से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं?
अगर कोई लंबे समय तक नाश्ता नहीं करता है, तो इसकी वजह से शरीर खुद को इमरजेंसी कंडीशन में महसूस करता है। ऐसे में प्रजनन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है।हार्मोनल संतुलन के लिए सुबह का सबसे अच्छा नाश्ता क्या है?
नाश्ते में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर जैसे पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें।क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग महिलाओं के हार्मोन्स के लिए सुरक्षित है?
महिलाओं का शरीर पुरुषों से अलग है। उन्हें बिना डॉक्टरी सलाह के इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
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Jun 25, 2026 14:18 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 25, 2026 14:18 IST
Modified By : Meera TagoreJun 25, 2026 14:18 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta