Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

30 की उम्र के बाद महिलाओं का वजन क्यों बढ़ने लगता है? डॉक्टर से जानें कौन से हार्मोन हो सकते हैं जिम्मेदार

30 की उम्र के बाद महिलाओं का वजन बढ़ने के पीछे कई तरह के हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। इनमें एस्ट्रोजन, थायराइड और इंसुलिन आदि शामिल हैं। आइए, जानते हैं कि ये मोटापा कैसे बढ़ाते हैं?

आपने अक्सर नोटिस किया होगा कि 30 साल की उम्र पार करने के बाद महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है, जबकि वे न तो अपनी डाइट में बदलाव करती हैं और न वर्कआउट में किसी तरह का परिवर्तन होता है। अक्सर महिलाएं अचानक बढ़े हुए वजन को लेकर चिंतित हो जाती हैं, लेकिन अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसमें सुधार करने की कोशिश करती हैं। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि कई बार 30 साल की उम्र के बाद बढ़ रहा वजन हार्मोनल इंबैलेंस के कारण भी हो सकता है? आइए, जानते हैं इस उम्र के किन हार्मोन की वजह से महिलाओं में वजन बढ़ सकता है? इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

किन हार्मोन के कारण महिलाओं का वजन बढ़ता है?

hormones that are responsible for weight gain in women after thirty 01 (23)

30 साल की उम्र तक आते-आते महिलाओं में कई तरह के बदलाव हो सकते हैं, जैसे सेक्सुअली एक्टिव होना, प्रेग्नेंसी और गर्भनिरोधक गोलियां आदि लेना। ऐसे में महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो उनमें मोटापे का कारण बनते हैं, जैसे-

एस्ट्रोजन का गिरता स्तर

30 साल की उम्र के बाद अक्सर महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर में कमी आने लगती है। विशेषज्ञों की मानें, तो एक उम्र के बाद अपने आप एस्ट्रोजन का स्तर घटने लगता है। कुछ महिलाओं में ऐसा 30 साल की उम्र के बाद से ही शुरू हो जाता है, जो कि लंबे समय तक जारी रहता है। एस्ट्रोजन कम होने से विसरल फैट यानी पेट के आसपास फैट स्टोरेज बढ़ जाता है। डॉक्टर बताते हैं कि यह स्थिति पेरिमेनोपॉज का शुरुआती संकेत हो सकती है।

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थायराइड हार्मोन्स में बदलाव

30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में थायराइड ग्लैंड धीमा पड़ना पूरी तरह आम समस्या है। जब थायराइड के T3 और T4 हार्मोन का उत्पादन कम होते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहद धीमा हो जाता है। इस स्थिति में कैलोरी बर्न नहीं हो पाती है और फैट गेन होने लगता है। यही कारण है कि 30 साल की उम्र के बाद उनमें बाॅडी वेट गेन होने लगता है।

कोर्टिसोल और इंसुलिन में परिवर्तन

30 साल की उम्र के दौरान अक्सर महिलाएं कई तरह के तनाव से गुजरती हैं। कोई करियर को लेकर परेशान है, तो किसी को समय से शादी करनी है तो कोई मां बनना चाहता है। इस तरह की तमाम बातें महिलाओं में तनाव के स्तर को बढ़ा देती हैं, जिसकी वजह से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर तेजी से बढ़ता चला जाता है। कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन के बढ़ने से मीठा और फैटी फूड खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। साथ ही, उम्र के साथ शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ सकता है, जिससे शुगर फैट के रूप में शरीर में जमा होने लगती है।

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निष्कर्ष

30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में सिर्फ खराब जीवनशैली या खानपान की बुरी आदतें ही मोटापा बढ़ाने के पीछे जिम्मेदार नहीं होती हैं। इसके साथ-साथ हार्मोनल बदलाव भी इसमें अहम योगदान निभाते हैं। इसलिए, महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे नियमित रूप से अपनी बाॅडी का चेकअप करवाएं। वहीं, अगर अचानक वजन बढ़ने लगे, तो थायराइड और ब्लड शुगर की जांच करवाना जरूरी हो जाता है।

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FAQ

  • हार्मोनल असंतुलन की जांच के लिए कौन से ब्लड टेस्ट कराने चाहिए?

    डॉक्टर आमतौर पर TSH (थायराइड), AMH, एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और फास्टिंग इंसुलिन जैसे ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं।
  • क्या 30 के बाद वजन बढ़ने का संबंध पेरिमेनोपॉज से हो सकता है?

    हां, आमतौर पर 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में पेरिमेनोपॉज हो सकता है। इस उम्र में हार्मोनल परिवर्तन के कारण पेट के निचले हिस्से में फैट जमा होना आम बात है।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Meera Tagore
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