भागम-भाग भरी जिंदगी में महिलाएं अक्सर अपने सुबह का नाश्ता स्किप कर बैठती हैं। आपने सुना होगा कि सुबह का नाश्ता हमारी सेहत के लिए सबसे जरूरी मील होता है। विशेषकर, जिसमें प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व शामिल हों। इसके बावजूद, देखने में आता है कि महिलाएं नाश्ते को लेकर ज्यादा सजग नहीं रहती हैं। क्या आप जानते हैं कि नाश्ता छोड़ने से सिर्फ शरीर कमजोर नहीं होता है। माना जाता है कि अक्सर नाश्ता छोड़ने से पीरियड्स पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। आइए, समझते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है? इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।
क्या नाश्ता न करना पीरियड्स को प्रभावित करता है?

यूं तो नाश्ता किसी को भी नहीं छोड़ना चाहिए। इसका हमारे समग्र स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या वाकई नाश्ता छोड़ने से पीरियड्स की नियमितता प्रभावित होती है? साल 2009 में International Journal of Food Sciences and Nutrition में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, सुबह का नाश्ता न करने से मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे- अनियमित पीरियड्स, दर्दनाक मासिक धर्म या डिस्मेनोरिया। यहां तक कि नाश्ता स्किप करने से समस्या गंभीर रूप ले सकती है। आपको बता दें कि यह शोध काॅलेज जाने वाली छात्राओं पर किया गया था। शोध में आगे यह बताया गया है कि जो छात्राएं नाश्ता छोड़ती हैं या फिर फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन करती हैं, उनमें स्वास्थ्य काफी खराब होता है और पीरियड के दौरान होने वाला दर्द भी काफी तीव्र महसूस होता है। ऐसा किसी महिला के साथ न हो, इसके लिए उन्हें नियमित रूप से सुबह का पौष्टिक नाश्ता करना चाहिए।
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नाश्ता न करने से अनियमित पीरियड्स कैसे होते हैं?
हार्मोनल असंतुलन
डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि नाश्ता न करने से सिर्फ शरीर में पोषक तत्वों की ही कमी नहीं होती है, बल्कि शरीर में कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर भी बढ़ जाता है। ध्यान रखें कि जब शरीर लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो इसकी वजह से महिलाओं के एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे मुख्य प्रजनन हार्मोन के उत्पादन में कमी आने लगती है। ऐसे में पीरियड्स का अनियमित होना स्वाभाविक हो जाता है।
पोषण की कमी
जैसा कि कुछ देर पहले डाॅ. शोभा गुप्ता ने बताया कि नाश्ता स्किप करने से शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। निश्चित रूप से इसकी वजह से शरीर में ऊर्जा का स्तर गिर जाता है। नाश्ता न करने से शरीर स्टार्वेशन मोड में चला जाता है। ऐसे में मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस पार्ट पीरियड्स को नियंत्रित करने वाले सिग्नल भेजना कम या बंद कर देता है, जिससे पीरियड्स फ्रीक्वेंसी बाधित होने लगती है।
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वजन में उतार-चढ़ाव
नियमित रूप से नाश्ता न करने की वजह से वजन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसको डाॅ. शोभा गुप्ता समझाते हुए बताती हैं, ‘नियमित रूप से नाश्ता छोड़ने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे अचानक वजन बढ़ सकता है या घट सकता है। यह काफी भयावह स्थिति है, क्योंकि ऐसे में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा मिलता है। नतीजतन, महिला को पीसीओएस जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें पीरियड्स मिस होना नाॅर्मल होता है।
नाश्ते न करने के कारण अनियमित पीरियड्स होने पर क्या करें?
जब यह स्पष्ट हो गया है कि नाश्ता न करने के कारण पीरियड्स अनियमित हो रहे हैं, तो ऐसे में यहां बताए गए कुछ टिप्स अपनाएं। संभवतः पीरियड्स के नियमित होने में मदद मिलेगी, जैसे-
- सुबह उठने के बाद पहला मील यानी नाश्ता जल्दी करें। इसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स जरूर शामिल करें। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल और कोर्टिसोल लेवल संतुलित रहता है।
- महिलाओं को लंबे समय तक भूखे रहने से बचना चाहिए। इसका मतलब है कि डिनर के बाद हम कम से कम 8 घंटे की नींद लेते हैं। ऐसे में दो मील के बीच काफी लंबा गैप हो जाता है, जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है। ऐसा न हो, इसके लिए नाश्ता समय पर करें।
- पीरियड्स को ट्रैक किया जाना बहुत जरूरी है। कई बार सिर्फ नाश्ता न करने की आदत मासिक धर्म को प्रभावित नहीं करती है। इसके साथ-साथ आपकी जीवनशैली या दवाओं का असर भी हो सकता है।
- अगर आप नोटिस करें कि दो-तीन महीने से लगातार पीरियड्स अनियमित हैं, तो स्थिति को इग्नोर न करें। तुरंत डाॅक्टर से अपनी जांच करवाएं और उनकी दी हुई सलाह को नजरअंदाज न करें।
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निष्कर्ष
सुबह नाश्ता महिलाओं की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। हेल्दी नाश्ता करने से दिन भर एनर्जी बनी रहती है और शरीर में सुचारू ढंग से काम करता है। जब शरीर सही ढंग से काम करता है, तो पीरियड्स की अनियमितता की आशंका में भी कमी आती है। हां, नाश्ते को हमेशा हेल्दी बनाएं, जैसे प्रोटीन, फाइबर युक्त चीजों का सेवन करें। इसके बावजूद, अगर पीरियड्स में देरी हो, हैवी ब्लीडिंग और पीरियड क्रैंप्स भी हों, तो बेहतर होगा कि एक्सपर्ट से मिलें।
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FAQ
पीरियड्स के दौरान नाश्ते में क्या खाना चाहिए?
पीरियड्स के दौरान नाश्ते में आयरन, प्रोटीन और फाइबर युक्त चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए। ओट्स, पोहा, उबले अंडे, अंकुरित अनाज इसके अच्छे विकल्प हैं।क्या नाश्ता छोड़ने से पीरियड्स का दर्द बढ़ सकता है?
विशेषज्ञों का मनना है कि ऐसा हो सकता है यानी नाश्ता न करने से पीरियड क्रैंप्स बढ़ सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नाश्ता नहीं करने से शरीर कमजोर हो जाता है, ब्लड शुगर का स्तर गिर जाता है, जिससे पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन और दर्द अधिक महसूस हो सकता है।
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Jul 06, 2026 10:04 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 06, 2026 10:04 IST
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Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta