तनाव का हमारे स्वास्थ्य पर बहुत गहरा असर पड़ता है। इसकी वजह से टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड जैसी कई तरह की मेडिकल कंडीशन्स हो सकती हैं। माना जाता है कि तनाव से पुरुषों में फर्टिलिटी भी प्रभावित होती है। सवाल है, क्या यह वाकई सच है? आखिर इनके बीच क्या कनेक्शन है? आइए, जानते हैं मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से इनके बीच संबंध को और जानेंगे कि इसमें सुधार कैसे किया जा सकता है?
तनाव और पुरुषों में फर्टिलिटी के बीच कनेक्शन- How Stress Reduces Fertility In Men
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तनाव और फर्टिलिटी का गहरा संबंध होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। डॉ. विजय दहिफले स्पष्ट करते हैं, "अगर कोई पुरुष लंबे समय से तनाव में है, तो इसकी वजह से पुरुषों की फर्टिलटी प्रभावित होती है। असल में स्ट्रेस हार्मोन के कारण पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी, स्पर्म मूवमेंट आदि पर असर पड़ सकता है। यही नहीं, कई मामलों में तनाव के कारण पुरुषों में सेक्स ड्राइव कम हो जाती है, जिससे स्तंभन दोष या इरेक्शन से संबंधित समस्या भी हो सकती है। निश्चित रूप से इसका भी फर्टिलिटी पर असर दिखता है।"
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तनाव किस तरह फर्टिलिटी को प्रभावित करता है?
टेस्टोस्टेरोन में कमीः साल 2015 में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका Nature Reviews Urology में प्रकाशित एक समीक्षा शोध पत्र से पता चलता है कि तनाव के कारण टेस्टिकल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और सेल्स असुरक्षित हो जाती हैं। परिणामस्वरूप टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आने लगती है, जिससे शुक्राणु बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है।
ऑक्सिडेटिव तनाव का बढ़नाः जब कोई पुरुष बहुत ज्यादा तनाव में होता है, तो इसकी वजह से शरीर में हानिकारक कण पैदा होते हैं,जिससे शुक्राणु कोशिकाओं को भारी नुकसान होता है। यह भी कारक भी इंफर्टिलिटी के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
बुरी आदतेंः तनाव का सीधा-सीधा असर स्पर्म की क्वालिटी और क्वांटिटी पर पड़ता है, जो कि सीधे तौर पर पुरुषों की इंफर्टिलिटी को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, तनाव को बढ़ाने के पीछे कई बार आपकी बुरी आदतें भी जिम्मेदार होती हैं। साल 2025 में प्रकाशित International Journal Of Molecular Sciences के अनुसार, बांझपन और स्पर्म क्वालिटी खराब होने के पीछे मॉडर्न जीवनशैली को जिम्मेदार माना जा सकता है। मॉडर्न लाइफस्टाइल जैसे खान-पान, तनाव, मोटापा तथा शराब का सेवन करने से स्पर्म क्वालिटी पर प्रभाव पड़ता है।
स्मोकिंग करनाः तनाव का बढ़ता स्तर और तंबाकू का सेवन करना पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी के लिए बिल्कुल सही नहीं है। तंबाकू में हानिकारक रसायन होते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। इससे शरीर का स्ट्रेस बढ़ता है, जो कि इंफर्टिलिटी को बढ़ावा दे सकता है।
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फर्टिलिटी में सुधार के लिए तनाव को कैसे कम करें?
साल 2024 में प्रकाशित Lifestyle and Environmental Influences On Male Fertility के अनुसार, जीवनशैली में स्वस्थ बदलाव करके पुरुष फर्टिलिटी प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकते हैं। इसके यहां बताए गए कुछ टिप्स जरूर अपनाएं-
नियमित रूप से करें एक्सरसाइजः जीवनशैली बहुत व्यस्त हो चुकी है। ऐसे में पुरुष बमुश्किल ही एक्सरसाइज के लिए समय निकाल पाते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि पुरुषों को अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए नियमित रूप से वर्कआउट करना चाहिए। इसके लिए, रोजाना 30 मिनट की वॉक करें। स्विमिंग या साइक्लिंग भी अच्छे विकल्प हैं।
नींद को प्राथमिकता देंः देर रात जगकर फोन पर स्क्रॉलिंग करना बहुत सामान्य हो गया है, लेकिन इसका हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसकी वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती है, जिससे सर्कैडियन रिदम प्रभावित होता है, जो कि शरीर के हार्मोनल असंतुलन को बिगाड़ सकता है। यह भी फर्टिलिटी के लिए सही नहीं है। रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद सुनिश्चित करें।
बॉडी को कूल रखेंः ऐसा कोई काम न करें, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जैसे टाइट अंडरवियर न पहनें, लंबे समय तक न पहनें और गर्म पानी से शॉवर न लें। शरीर का तापमान सामान्य रहने से स्पर्म क्वालिटी में सुधार हो सकता है।
योग करेंः एक्सरसाइज की ही तरह, योगा भी पुरुषों में फर्टिलिटी में सुधार के लिए जरूरी है। इसमें स्ट्रेचिंग या कई ऐसी योग मुद्राएं शामिल हैं, जो पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करती हैं और फर्टिलिटी बेहतर करता है।
प्रोफेशनल की मदद लें: अगर किसी को लग रहा है कि उसकी यौन संबंध के प्रति रुचि खत्म होती जा रही है, जिसका उनकी फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ रहा है, तो इसे इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप डाॅक्टर या प्रोफेशनल से मिलें और अपना प्रॉपर ट्रीटमेंट करवाएं।
निष्कर्ष
कई ऐसे कारक होते हैं, जो पुरुषों में फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं। इसमें टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी, खराब जीवनशैली, खान-पान की बुरी आदतें अपनाना आदि शामिल हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्रजनन क्षमता में सुधार हो, तो नियमित रूप से वर्कआउट करें, अच्छी नींद लें और खान-पान की अच्छी आदतों से समझौता न करें।
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FAQ
क्या तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन करने से स्पर्म काउंट बढ़ सकता है?
हां, नियमित मेडिटेशन से स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन और स्पर्म क्वालिटी में सुधार होता है।तनाव के कारण कम हुए स्पर्म काउंट को रिकवर होने में कितना समय लगता है?
इसके लिए कोई फिक्स समय अवधि नहीं है। स्पेर काउंट पर कितना प्रभाव पड़ा है और स्थिति कितनी कंट्रोल में है, इन सब चीजों की जांच की जाती है। हालांकि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि लाइफस्टाइल और स्ट्रेस मैनेजमेंट में सुधार करने के बाद स्पर्म साइकिल को रीसेट हो जाता है, जिसमे करीब 72 से 90 दिन (3 महीने) का समय लगता है।
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Jul 20, 2026 18:25 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale