क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि मीठा खाने के बाद आपका मूड बेहतर हो जाता है। कुछ लोगों को लगता है कि मीठा खाने से स्ट्रेस कम हो जाता है लेकिन कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? मीठे के साथ हमारा मूड इतना कैसे जुड़ा हुआ है। दरअसल, इस बारे में कई शोध ये बताते हैं कि जब आप मीठा खाते हैं तो मूड स्विंग्स में कमी आती है और ये हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ावा देता है। इसके अलावा बहुत से लोगों को मीठा खाने के बाद बेहतर महसूस होता है और शांति मिलती है। हालांकि, इसके पीछे तथ्य क्या है और डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं? जानते हैं इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से।
क्या मीठा खाने से तनाव कम होता है-Does eating sweets reduce stress?
Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि मीठा खाने से कुछ समय के लिए खुशी का एहसास होता है क्योंकि चीनी मस्तिष्क को डोपामाइन नामक रसायन छोड़ने के लिए प्रेरित करती है, जिससे अच्छा महसूस होता है। यह अस्थायी खुशी कुछ समय के लिए तनाव कम कर सकती है। हालांकि, यह प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता। मीठा खाने से शरीर की तत्काल तनाव प्रतिक्रिया (stress hormone system) अस्थायी रूप से कम हो सकती है क्योंकि यह HPA तनाव हार्मोन प्रणाली को शांत करता है और तनावग्रस्त मस्तिष्क को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे थोड़े समय के लिए राहत का एहसास होता है लेकिन यह एक अल्पकालिक उपाय है जो उल्टा असर करता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर अचानक गिर जाता है, हार्मोनल असंतुलन के कारण कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, चिंता बढ़ जाती है, और संभवतः आप लंबे समय में अधिक तनावग्रस्त और चीनी पर निर्भर महसूस कर सकते हैं।

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शोध बताते हैं कि चीनी हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) अक्ष को दबा सकती है, जो आपकी तनाव प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है, जिससे आप कम तनाव महसूस करते हैं। ये तनावग्रस्त मस्तिष्क अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग करता है। चीनी इसे तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे थोड़े समय के लिए राहत मिलती है और कार्यों को संभालने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित कर सकता है, जिससे क्षणिक रूप से मनोदशा में सुधार होता है।
मूड स्विंग्स के साथ शुगर का क्या है कनेक्शन-Sugar connection to mood swings
चीनी का असर खत्म होने के बाद मूड स्विंग्स हो सकते हैं, जिससे आप अधिक थका हुआ या चिड़चिड़ा महसूस कर सकते हैं। तनाव कम करने के लिए नियमित रूप से मीठा खाने से वजन बढ़ना, ब्लड शुगर का बढ़ना और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। NIH के शोध में बताया गया है कि शुगर युक्त आहार का संबंध संज्ञानात्मक हानि, नकारात्मक न्यूरोप्लास्टिसिटी और चिंता एवं अवसाद जैसे भावनात्मक विकारों से जोड़ा गया है। शुगर का सेवन खाने की तीव्र इच्छा को बढ़ाता है। इसका अत्यधिक सेवन मस्तिष्क के तंत्रिका-जैविक कार्यों में परिवर्तन लाता है, जिससे भावनात्मक अवस्थाएं और उसके परिणामस्वरूप व्यवहार प्रभावित होते हैं।
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शुगर क्रेविंग से बचने के लिए अपनाएं मीठे का हेल्दी विकल्प
शुगर क्रेविंग से बचने के लिए आप इसके हेल्दी विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं जैसे कि गुड़ खाएं, खजूर खाएं या फिर शहद डालकर आप कुछ फ्रूट्स को खा सकते हैं जो कि मीठे की क्रेविंग को कम करने के साथ मन को शांत करता है और आपको बेहतर महसूस करवा सकता है।
डॉक्टर तनाव कम करने के लिए स्वस्थ तरीके सुझाते हैं, जैसे एक्सरसाइज करना, ध्यान करना, दोस्तों से बात करना या फल और मेवे खाना। हालांकि मीठा खाने से तुरंत आराम मिल सकता है, लेकिन यह तनाव या मूड स्विंग्स का दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
FAQ
ज्यादा चीनी खाने के नुकसान
ज्यादा चीनी खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो जाता है और शुगर पचने की जगह खून में ही मिलने लगता है। इसके अलावा ज्यादा मीठा खाने से एक्ने, मोटापा और हार्मोनल गड़बड़ियां भी हो सकती हैं।1 दिन में कितनी चीनी खा सकते हैं?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार पुरुषों को हर दिन 36 ग्राम यानी लगभग 9 चम्मच से ज्यादा चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को प्रतिदिन 25 ग्राम यानी लगभग 6 चम्मच से ज्यादा चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।शुगर बहुत ज्यादा होने पर क्या लक्षण होते हैं?
NIH के शोध से पता चलता है कि शुगर बहुत ज्यादा होने से शरीर में कई प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं जैसे कि बहुत प्यास लगना और पेशाब आना। इसके अलावा कमजोरी या थकान जिसके साथ आपको और मीठा खाने का मन हो।
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Dec 10, 2025 16:46 IST
Modified By : Pallavi Kumari Dec 10, 2025 16:46 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai