13 से 19 साल के बच्चों को जरूर दें डोपामाइन और सेरोटोनिन हॉर्मोन्स बढ़ाने वाले ये 7 फूड्स, जानें इसके फायदे

सेरोटोनिन और डोपामाइन की कमी से चिंता और डिप्रेशन के लक्षण बढ़ने लगते हैं। साथ ही सही से नींद भी नहीं आती। इसलिए डाइट में इन फूड्स को शामिल करें।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Aug 12, 2021 03:43 IST
13 से 19 साल के बच्चों को जरूर दें डोपामाइन और सेरोटोनिन हॉर्मोन्स बढ़ाने वाले ये 7 फूड्स, जानें इसके फायदे

हर उम्र की अपनी ही स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें होती हैं। चाहे वो नवजात बच्चे हों या 70 साल के बूढ़े। पर आज हम बात 13 से 19 साल के बड़े बच्चों की करेंगे, जिन्हें टीनएजर्स (teenagers) भी कहा जाता है। टीनएज बच्चों की सबसे बड़ी परेशानी होती है हार्मोनल असंतुलन (hormonal imbalance)। हार्मोनल असंतुलन के कारण इस उम्र के बच्चों में मानसिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं। जैसे कि मूड स्विंग्स, अचानक से बैचेन हो जाना, हमेशा चिढ़चिढ़ा रहना और डिप्रेशन के लक्षण। ऐसे में इस उम्र के बच्चों की डाइट में थोड़ा सा हेल्दी बदलाव करना जरूरी है। उनके खाने में डोपामाइन और सेरोटोनिन से भरपूर फूड्स को शामिल करना बेहद जरूरी है ताकि वो इन मानसिक परशानियों से बचे रहें। इसी बारे में हमने डाइटिशियन डेलनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), मुख्य आहार विशेषज्ञ, जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र से भी बात की।  जिन्होंने हमें  डोपामाइन और सेरोटोनिन फूड्स (serotonin and dopamine foods) के बारे में बताया। पर उससे पहले जान लेते हैं कि टीनएज बच्चों के लिए डोपामाइन और सेरोटोनिन फूड्स क्यों जरूरी है। 

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डोपामाइन और सेरोटोनिन क्यों जरूरी है- Importance of serotonin and dopamine

डोपामाइन (dopamine) और सेरोटोनिन (serotonin), दोनों ही एक टीनएज बच्चे के लिए जरूरी है। दरअसल, ये दोनों हार्मोन्स बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के साथ उनमें मूड स्विंग्स को कम करते हैं। दरअसल, जब आपके शरीर के अंदर सही मात्रा में सेरोटोनिन होता है, तो उनका मूड स्थिर रहता है और उनमें नेगेटिव फीलिंग्स कम आती है। डोपामाइन, एक अन्य प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर प्रभावित करता है जो कि हम कैसे आनंद का अनुभव करते हैं उस फंक्शन को बेहतर खता है। जब हम कुछ ऐसा करते हैं जिसका हमें आनंद मिलता है, तो डोपामाइन हमारे दिमाग के अंदर आनंद केंद्र को सक्रिय करने में मदद करता है। इसलिए डाइटिशियन डेलनाज चंदूवाडिया भी कहना है कि अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए किशोरों के लिए सेरोटोनिन और डोपामाइन फूड्स देना जरूरी है। आज के समय में जब बच्चे सबसे ज्यादा जंक फूड खा रहे हैं, तो ये उनमें मोटापा, डायबिटीज के साथ मानसिक बीमारियों को भी बढ़ावा देता है। 

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सेरोटोनिन और डोपामाइन बढ़ाने वाले फूड्स-Serotonin and dopamine foods

1. पनीर

पनीर ट्रिप्टोफैन का एक अच्छा सोर्स है। ये जहां सेरोटोनिन हार्मोन को बढ़ाने के लिए फायदेमंद है वहीं, ये स्वस्थ हड्डियों और दांतों के लिए के लिए भी फायदेमंद है। ये शरीर में प्रोटीन की मात्रा भी बढ़ता है और दिमाग को एनर्जी देता है। 

2. चॉकलेट

चॉकलेट लंबे समय से अवसाद से जुड़ी हुई है। ये चिंता और चिड़चिड़ापन की भावनाओं से राहत देता है। चॉकलेट कुछ न्यूरोट्रांसमीटर सिस्टम जैसे डोपामाइन, सेरोटोनिन और एंडोर्फिन के लेवन को संतुलित करने में मदद करता है और क्रेविंग और मूड स्विंग्स को कंट्रोल करने में मदद करता है।चॉकलेट में  ट्रिप्टोफैन होता है, जो कि एक ऐसा एमिनो एसिड  है जिसका उपयोग मस्तिष्क सेरोटोनिन बनाने के लिए करता है, जो कि खुशी की भावना पैदा करता है।

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3. अंडे

अंडे प्रोटीन से भरे होते हैं और एथलीटों और बॉडी बिल्डरों के पसंदीदा प्रोटीन सोर्स हैं। इसमें भी ट्रिप्टोफैन होता है, जो कि मूड स्विंग्स को कंट्रोल करने और शरीर में थकावट को कम करने में मदद करते हैं।

4. ओट्स

ओट्स में ट्रिप्टोफैन होता है, जो कि एक एमिनो-एसिड है जो मस्तिष्क सेरोटोनिन में परिवर्तित कर लेता है और जो सोने से पहले शरीर को आराम देता है। मस्तिष्क को सेरोटोनिन बनाने के लिए ट्रिप्टोफैन की आवश्यकता होती है, इसलिए अच्छी नींद के लिए इसका पर्याप्त मात्रा में सेवन करना जरूरी है।

5. टोफू

टोफू सोया से बना होता है और यह ट्रिप्टोफैन से भरा होता है। ये जहां आपकी नींद को बेहतर बनाता है वहीं आपको डिप्रेशन के लक्षण से भी बचाता है। 

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6. नट और बीज (सीड्स)

नट और बीज ट्रिप्टोफैन और प्रोटीन के प्राकृतिक स्रोत हैं। आप इन्हें हेल्दी स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं। साथ ही आप इन्हें नाश्ते में और अपने जूस और स्मूदी बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

7. अनानस

अनानास खाने के फायदे की बात करें तो, अनानास में भरपूर मात्रा में ट्रिप्टोफैन होता है जो दिमाग में सेरोटोनिन को बढ़ाता है। साथ ही अनानास ब्रोमेलैन से भी भरा होता है, जो कि एक और शानदार प्रोटीन है और शरीर को कई प्रकार के बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

इसके अलाव शरीर में सेरोटोनिन और डोपामाइन बढ़ाने के लिए कुछ अन्य प्राकृतिक उपायों की भी मदद ले सकते हैं। जैसे कि सुबह 10 बजे से पहले की धूप लें। सुबह शाम एक्सरसाइज करें। कोशिश करें दिन में एक बार बच्चों को ध्यान करने के लिए कहें या कुछ ना हो तो उन्हें एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करने के लिए कहें।

Main and Inside Images Credit:getty images

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