आज के समय में फिट रहने के लिए लोग जिम, वेट ट्रेनिंग और अलग-अलग तरह के वर्कआउट को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना रहे हैं। नियमित एक्सरसाइज शरीर को ताकत देने, वजन कंट्रोल करने और मसल्स की क्षमता बढ़ाने में मदद करती है लेकिन कई बार वर्कआउट शुरू करने या एक्सरसाइज को बढ़ाने के बाद लोगों को मसल्स में दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है। यह दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि सीढ़ियां चढ़ने, बैठने या रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होने लगती है। Max Hospital Patparganj के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, जब शरीर किसी नई फिजिकल एक्टिविटी के अनुकूल होने की कोशिश करता है, तो मसल्स में कुछ समय के लिए बदलाव होते हैं। इसी वजह से कई लोगों को वर्कआउट के कुछ घंटे बाद या अगले दिन दर्द महसूस हो सकता है। यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है, जो लंबे समय बाद एक्सरसाइज शुरू करते हैं या अचानक अपने वर्कआउट का लेवल बढ़ा देते हैं।
वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द क्यों होता है?
डॉक्टर दीपक अरोड़ा बताते हैं, ''जब हम कोई नई एक्सरसाइज करते हैं या सामान्य से ज्यादा मेहनत करते हैं, तो मांसपेशियों के अंदर स्ट्रेस और माइक्रो डैमेज होते हैं। यह नुकसान खतरनाक नहीं होता, बल्कि शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने की प्रोसेस का हिस्सा होता है। इस दौरान शरीर उस हिस्से की मरम्मत करता है और नई मसल्स सेल्स को बनाता है। इसी रिपेयर प्रोसेस के दौरान हल्की सूजन, जकड़न और दर्द महसूस हो सकता है। खासतौर पर ऐसी एक्सरसाइज जिनमें मसल्स को खींचना और कंट्रोल तरीके से छोड़ना शामिल होता है, जैसे स्क्वाट, लंज या वेट ट्रेनिंग, इनके बाद मसल्स में दर्द ज्यादा समय तक महसूस हो सकता है।
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कई लोग मानते हैं कि ज्यादा दर्द का मतलब है कि एक्सरसाइज ज्यादा असरदार रही, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, ''मसल्स में हल्का दर्द या जकड़न सामान्य हो सकती है, लेकिन तेज दर्द चोट का संकेत भी हो सकता है। वर्कआउट के दौरान या बाद में अचानक तेज दर्द, सूजन, किसी जोड़ को हिलाने में परेशानी या कई दिनों तक दर्द कम न होना मसल्स में खिंचाव या चोट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।''
साल 2012 में Sports Medicine Journal में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, मसल्स में होने वाला दर्द, जिसे डॉम्स (DOMS - Delayed Onset Muscle Soreness) कहा जाता है, खिलाड़ियों और एक्सरसाइज शुरू करने वाले लोगों में बहुत आम है। यह दर्द मुख्य रूप से तब होता है जब कोई व्यक्ति लंबे समय बाद दोबारा ट्रेनिंग शुरू करता है या 'एक्सेंट्रिक एक्सरसाइज' करता है। डॉम्स की वजह से मांसपेशियों की ताकत और काम करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इसे पूरी तरह ठीक करने का कोई पक्का इलाज नहीं है, लेकिन मालिश और सही समय पर ली गई दवाएं (NSAIDs) कुछ हद तक आराम दे सकती हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि हल्की एक्सरसाइज करना इस दर्द को कम करने का सबसे असरदार तरीका है, भले ही इसका असर कुछ समय के लिए ही हो। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि नई और हैवी एक्सरसाइज को धीरे-धीरे रूटीन में शामिल किया जाए। दर्द होने पर खिलाड़ियों को 1-2 दिन हल्की कसरत करनी चाहिए या शरीर के दूसरे हिस्सों को ट्रेन करना चाहिए ताकि प्रभावित मसल्स को ठीक होने का पूरा समय मिल सके।

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मांसपेशियों के दर्द को कम करने के उपाय
डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, वर्कआउट के बाद रिकवरी पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इसके लिए पर्याप्त आराम, अच्छी नींद और बैलेंस डाइट अहम भूमिका निभाते हैं।
- प्रोटीन से भरपूर भोजन मसल्स की रिपेयर प्रोसेस में मदद करता है।
- हल्की स्ट्रेचिंग, धीमी वॉक या कम तीव्रता वाली एक्टिविटी मसल्स में ब्लड फ्लो बढ़ाकर जकड़न कम कर सकती हैं।
- इसके अलावा वर्कआउट से पहले वार्म-अप और एक्सरसाइज के बाद कूल-डाउन करने से चोट के खतरे को कम किया जा सकता है।
- इस दौरान पानी भी खूब पिएं, क्योंकि डिहाइड्रेशन मसल्स की थकान को बढ़ा सकता है।
डॉक्टर की सलाह
यदि दर्द बहुत ज्यादा हो, मसल्स में ज्यादा सूजन दिखाई दे, कमजोरी महसूस हो, पेशाब का रंग गहरा हो जाए या दर्द कई दिनों तक लगातार बढ़ता रहे, तो इसे सामान्य वर्कआउट दर्द नहीं माना जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में जांच जरूरी हो सकती है। इसके अलावा, जो लोग लंबे समय बाद एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं, उन्हें धीरे-धीरे वर्कआउट की तीव्रता यानी इंटेंसिटी बढ़ानी चाहिए। अचानक बहुत भारी वजन उठाना या शरीर की क्षमता से ज्यादा एक्सरसाइज करना चोट का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
वर्कआउट के बाद कुछ दिनों तक मांसपेशियों में दर्द होना अक्सर शरीर के अनुकूलन का रिएक्शन होता है। डिलेड ऑनसेट मसल सोरनेस (DOMS) यह संकेत देता है कि शरीर नई शारीरिक चुनौती के अनुसार खुद को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, सही तकनीक, धीरे-धीरे बढ़ता वर्कआउट, पर्याप्त आराम और पौष्टिक डाइट अपनाकर इस दर्द को कम किया जा सकता है। अगर दर्द असामान्य या लंबे समय तक बना रहे, तो एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।
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FAQ
क्या वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेना जरूरी है?
प्रोटीन मसल्स की मरम्मत और रिकवरी में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए एक्सरसाइज करने वालों के लिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन फायदेमंद हो सकता है।क्या दर्द होने पर वर्कआउट करते रहना ठीक है?
दर्द होने पर वर्कआउट करता रहना ठीक है या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि दर्द आपको वर्कआउट के कारण हो रहा है या चोट लगने के कारण अगर दर्द वर्कआउट के कारण है तो उस दिन हल्की एक्सरसाइज ही करें।
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Jul 20, 2026 13:29 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Deepak Kumar Arora