Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gunjan Sarin , Obstetrics and Gynaecology

क्या एक्सरसाइज करने से पीरियड का दर्द कम हो सकता है? डॉक्टर से जानें

पीरियड्स के दौरान पेट और कमर दर्द होना की महिलाओं के लिए आम बात है। हालांकि, कई बार ये क्रैम्प्स बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे राहत के लिए आप हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं। 

पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, कमर दर्द और शरीर में भारीपन जैसी समस्याएं होना आम बात है। कई महिलाएं इस दौरान आराम करना पसंद करती हैं, ताकि उन्हें इन समस्याओं से आराम मिल सके। हालांकि, कई महिलाओं का मानना है कि पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज करने से उन्हें पीरियड्स में होने वाली समस्याओं से राहत मिल सकती है। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से शरीर को आराम मिलता है और मूड को भी बेहतर रखने में मदद मिलती है। इसलिए, सही तरीके से पीरियड्स में भी एक्सरसाइज करने से आपको क्रैम्प्स से आराम मिल सकता है। आइए, दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानते हैं कैसे?

पीरियड के दर्द में एक्सरसाइज कैसे मदद करती है?

डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि जब महिलाएं पीरियड्स में एक्सरसाइज करती हैं तो शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। इसे फील गुड हार्मोन भी कहा जाता है। एक्सरसाइज पीरियड्स के दौरान नेचुरल पेनकिलर के रूप में काम करता है और दर्द व तनाव को कम करने में फायदेमंद होता है। साथ ही, पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन कम हो सकती है।

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कौन-सी एक्सरसाइज फायदेमंद हैं?

डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, पीरियड्स के दौरान बहुत भारी वर्कआउट करने की जरूरत नहीं होती है, बल्कि हल्की और आरामदायक एक्सरसाइज ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है।

1. वॉकिंग

हल्दी वॉक शरीर को एक्टिल रखने और पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करती है इसलिए, रोजाना 15 से 20 मिनट चलना आपके दर्द को कम करने का काम कर सकता है।

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2. योग

कुछ योगासन जैसे बालासन, कैट-काउ पोज और कोबरा पोज पीरियड क्रैम्प्स से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से योग करने से आपको पीरियड्स के कारण मूड स्विंग की समस्या से भी आराम मिल सकता है।

3. स्ट्रेचिंग

हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज पीरियड्स के दौरान होने वाले क्रैम्प्स और शरीर की जकड़न को कम करने में मदद करता है। साथ ही कमर दर्द से राहत दिला सकता है। स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है।

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किन बातों का ध्यान रखें?

डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन की मानें तो पीरियड्स के दौरान अगर आपको दर्द बहुत ज्यादा हो रहा है तो शरीर को ज्यादा थकाने वाली एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए हमेशा अपने शरीर की क्षमता के अनुसार ही गतिविधि करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, आरामदायक कपड़े पहनें। साथ ही, एक्सरसाइज के दौरान अगर चक्कर और कमजोरी महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

निष्कर्ष

पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज क्रैम्प्स को कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से शरीर और मन दोनों को बेहतर महसूस होता है। हालांकि, अगर पीरियड का दर्द बहुत तेज हो, नॉर्मल काम करना मुश्किल हो जाए या दर्द लंबे समय तक बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Image Credit: Freepik 

FAQ

  • पीरियड क्रैम्प को तुरंत कैसे रोकें?

    पीरियड क्रैम्प से तुरंत राहत पाने के लिए अपने पेट और कमर के निचले हिस्से पर गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड से सिकाई करें। इसके अलावा, हल्के दर्द से राहत के लिए दर्द की दवा या नेचुरल ड्रिंक्स पी सकते हैं।
  • पीरियड्स क्रैम्प्स क्यों होते हैं?

    पीरियड क्रैम्प्स मुख्य रूप से प्रोस्टाग्लैंडीन नाम के नेचुरल केमिकल के कारण होते हैं। ये केमिकल गर्भाशय की मांसपेशियों को सिकुड़ने का संकेत देते हैं, जिससे पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की परत बाहर निकल सके।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 30, 2026 22:15 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 30, 2026 22:15 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Gunjan Sarin

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