Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Jayaditya Ghosh , Consultant Endocrinologist

इंसुलिन सेंसटिविटी बढ़ाने के लिए क्या खाएं? बता रहे हैं डॉक्टर

सही खानपान इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यहां जानिए, कौन-से फूड्स ब्लड शुगर कंट्रोल रखने और डायबिटीज के खतरे को कम करने में फायदेमंद हैं।

आजकल की मॉडर्न लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या लोगों में ज्यादा देखने को मिल रही है। इसलिए समय रहते इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने के लिए सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष का मानना है कि दवाओं के साथ-साथ बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सही फूड्स का चुनाव न केवल ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है, बल्कि शरीर की सेल्स को इंसुलिन के प्रति ज्यादा प्रभावी ढंग से रिएक्शन देने के लिए भी प्रेरित करता है।

इंसुलिन सेंसटिविटी बढ़ाने के लिए क्या खाएं?

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, ''कोई एक फूड अकेले इंसुलिन रेजिस्टेंस को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन बैलेंस और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शरीर को इंसुलिन का बेहतर उपयोग करने में मदद करता है। यदि रोजमर्रा के भोजन में सही फूड्स को शामिल किया जाए, तो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना आसान हो जाता है और डायबिटीज का खतरा भी कम किया जा सकता है।''

1. साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर सब्जियां

डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि साबुत अनाज जैसे ओट्स, जौ, बाजरा, क्विनोआ और ब्राउन राइस इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है और इनका ग्लाइसेमिक प्रभाव रिफाइंड अनाज की तुलना में कम होता है। इसके साथ ही पालक, मेथी, सरसों, ब्रोकोली, फूलगोभी, भिंडी, खीरा और लौकी जैसी बिना स्टार्च वाली सब्जियां विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। ये ब्लड शुगर को संतुलित रखने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक हैं।

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साल 2018 में The Journal of Nutrition में प्रकाशित रिव्यू से यह साफ होता है कि रोजाना सही मात्रा में फाइबर (महिलाओं के लिए 25 ग्राम और पुरुषों के लिए 38 ग्राम से ज्यादा) खाने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 20-30% तक कम हो सकता है लेकिन यह फायदा हमें फल या सब्जियों वाले फाइबर से उतना नहीं मिलता, जितना साबुत अनाज और मोटे अनाजों से मिलने वाले फाइबर से मिलता है। अनाज वाला फाइबर भले ही चिपचिपा नहीं होता और न ही यह तुरंत शुगर लेवल को बदलता है, फिर भी यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को सुधारने में सबसे ज्यादा मदद करता है।

2. लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल और लीन प्रोटीन

फलों का सेवन भी इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में मददगार हो सकता है, लेकिन सही फलों का सेवन जरूरी है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, बेरीज, सेब और नाशपाती जैसे लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI fruits) वाले फल धीरे-धीरे शुगर रिलीज करते हैं, जिससे ब्लड ग्लूकोज में अचानक बढ़ोतरी नहीं होती। वहीं प्रोटीन के अच्छे सोर्स जैसे मछली, अंडे, दालें, चना, राजमा और चिकन शरीर की मसल्स को मजबूत बनाने के साथ-साथ ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में भी सहायक होते हैं। प्रोटीन युक्त भोजन लंबे समय तक एनर्जी प्रदान करता है और बार-बार भूख लगने की समस्या को कम करता है।

foods to improve insulin sensitivity

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3. हेल्दी फैट और प्रोबायोटिक फूड्स

हेल्दी फैट्स भी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं, ''बादाम, अखरोट, अलसी, चिया सीड्स, एवोकाडो और ऑलिव ऑयल जैसे फूड्स शरीर में सूजन को कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।'' इसके साथ ही बिना चीनी वाला दही और अन्य फर्मेंटेड फूड्स आंतों के स्वास्थ्य को सुधारते हैं। हेल्दी आंतें शरीर में पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करती हैं।

किन फूड्स से बनानी चाहिए दूरी?

डॉ. जयादित्य घोष सलाह देते हैं कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से बचने के लिए शुगर ड्रिंक्स, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, प्रोसेस्ड स्नैक्स और ट्रांस फैट से भरपूर फूड्स का सेवन सीमित करना चाहिए। ये फूड्स ब्लड में शुगर का लेवल तेजी से बढ़ाते हैं और लंबे समय में इंसुलिन के फंक्शन को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा अनियमित समय पर भोजन करना, ज्यादा मात्रा में खाना और लगातार जंक फूड का सेवन भी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है। इसलिए भोजन हमेशा संतुलित मात्रा में और निश्चित समय पर करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा है, तो शरीर के कुल वजन का 5 से 10 प्रतिशत कम करना इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने के सबसे असरदार उपायों में से एक माना जाता है।

निष्कर्ष

इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने के लिए किसी एक फूड की नहीं, बल्कि बैलेंस और पौष्टिक डाइट की जरूरत होती है। साबुत अनाज, हाई-फाइबर सब्जियां, लो-जीआई फल, लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट और प्रोबायोटिक फूड्स को रोज भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। वहीं शुगर ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड्स और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से दूरी बनाना भी उतना ही जरूरी है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, यदि बैलेंस डाइट के साथ नियमित एक्सरसाइज और सही लाइफस्टाइल अपनाई जाए, तो इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार लाया जा सकता है और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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FAQ

  • इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने के लिए कौन-से फल अच्छे हैं?

    सेब, अमरूद, नाशपाती और बेरी जैसे साबुत फल अच्छे विकल्प हैं। फलों का जूस पीने के बजाय पूरे फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इनमें फाइबर ज्यादा होता है।
  • क्या फर्मेंटेड फूड इंसुलिन सेंसिटिविटी के लिए फायदेमंद हैं?

    बिना चीनी वाला दही और कुछ नेचुरल फर्मेंटेड फूड आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट कर सकते हैं, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ सकता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 20, 2026 17:19 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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