Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्या प्रेग्नेंसी की प्लानिंग के दौरान शाकाहारी डाइट अपनाना जरूरी है? एक्‍सपर्ट से जानें

प्रेग्नेंसी की प्लानिंग वह समय होता है जब आप आने वाले भव‍िष्‍य में गर्भावस्‍था की सीढ़ी की नींव रखती हैं। इस दौरान डाइट और पोषण की खास अहम‍ियत होती है। प्रेग्नेंसी की प्लानिंग के दौरान शाकाहारी डाइट लेना जरूरी है या नहीं इसका जवाब एक्‍सपर्ट से जानते हैं।

प्रेग्नेंसी एक नाजुक दौर होता है। इससे संबंध‍ित कई सवाल होने वाली मां को परेशान करते हैं। एक सवाल जो ज्‍यादातार मह‍िलाओं के मन में आता है वह यह है क‍ि प्रेग्नेंसी से पहले और उस दौरान कैसी डाइट लेनी चाह‍िए? गूगल पर हमें यह सवाल भी म‍िला क‍ि क्‍या प्रेग्नेंसी की प्लानिंग के दौरान शाकाहारी डाइट को अपनाना चाहि‍ए? यह सवाल इसल‍िए भी अहम है क्‍योंक‍ि बहुत से लोग शाकाहारी डाइट की ओर रुख कर रहे हैं बल्‍क‍ि कुछ तो वीगन यानी प्‍लांट-बेस्‍ड डाइट की ओर बढ़ रहे हैं। मांसाहारी भोजन के साथ अक्‍सर बीमार‍ियों का जोख‍िम जुड़ा हुआ होता है ऐसे में यह जानना जरूरी है क‍ि प्रेग्नेंसी प्‍लान‍िंग के दौरान शाकाहारी डाइट लेना जरूरी है या नहीं? इस सवाल का जवाब हम आगे जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

प्रेग्नेंसी प्लानिंग में शाकाहारी डाइट अपनाना जरूरी नहीं है: Nutritionist Neha Sinha

is-vegetarian-diet-is-necessary-in-pregnancy-planning

Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि प्रेग्नेंसी प्लानिंग के दौरान शाकाहारी डाइट को अपनाना जरूरी नहीं है। हालांक‍ि शाकाहारी भोजन प्रेग्नेंसी में फायदेमंद माना जाता है, लेक‍िन अगर आप नॉन-वेज‍िटेर‍ियन डाइट को प्राथम‍िकता देती हैं, तो भी कोई परेशानी नहीं है। प्रेग्नेंसी प्लानिंग के दौरान शरीर को सही पोषक तत्‍व जैसे फोल‍िक एस‍िड, आयरन, प्रोटीन, कैल्‍श‍ियम, व‍िटाम‍िन-डी, व‍िटाम‍िन-बी12, आयोडीन, ओमेगा-3 फैटी एस‍िड्स वगैरह चाह‍िए होते हैं। ऐसे में इस बात से खास फर्क नहीं पड़ता क‍ि इन पोषक तत्‍वों का स्रोत प्‍लांट-बेस्‍ड है या एन‍िमल-बेस्‍ड है, केवल सेहत अच्‍छी रहनी चाह‍िए।

यह भी पढ़ें- Pregnancy Weight Gain: कम या ज्यादा नहीं, सही वजन बढ़ना क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट्स से जानें

प्रेग्नेंसी में फायदेमंद है शाकाहारी डाइट: स्‍टडी

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, प्रेग्नेंसी की प्लानिंग के दौरान शाकाहारी या वीगन लाइफस्‍टाइल अपनाने के कई फायदे होते हैं। क‍िडनी ड‍िजीज से जूझ रही मह‍िलाओं के ल‍िए प्रेग्नेंसी में शाकाहारी डाइट लेना फायदेमंद होता है क्‍योंक‍ि नॉन-वेज वि‍कल्‍पों के मुकाबले प्‍लांट-बेस्‍ड प्रोटीन स्रोत संतुल‍ित होता है। अमेरिकन डायटेटिक एसोसिएशन के अनुसार, अच्‍छी तरह से प्‍लान की गई शाकाहारी डाइट भी प्रेग्नेंसी में मह‍िलाओं को उच‍ित पोषण देती है। वहीं इसके विपरीत, जर्मन न्यूट्रिशन सोसाइटी मानती है क‍ि गर्भावस्था में मह‍िलाओं को पोषक तत्‍वों की कमी से बचने के ल‍िए वीगन या शाकाहारी डाइट पर न‍िर्भर नहीं रहना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

प्रेग्नेंसी की प्लानिंग के दौरान शाकाहारी डाइट अपनाना जरूरी नहीं है लेक‍िन शाकाहारी या वीगन डाइट को फॉलो करेंगी, तो शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी से बचें और डॉक्‍टर की सलाह के अनुसार ही डाइट प्‍लान फॉलो करें।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं लग रही भूख? जानें मैनेज करने के 5 टिप्स

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 12, 2026 18:27 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 12, 2026 18:27 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content