शाकाहारी खाना सेहत के लिए बेहतर माना जाता है, अगर इसे सही तरीके से प्लान किया गया हो। खाने में प्रचुर मात्रा में दाल, सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसी चीजों को शामिल करके शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। हालांकि, शाकाहारी डाइट लेते समय कुछ पोषक तत्वों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना पड़ सकता है। खासतौर पर जब खाने में बहुत कम वैरायटी हो या कुछ फूड्स न खाते हो। ऐसे में सवाल उठता है कि शाकाहारी लोगों को कौन-से पोषक तत्वों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि बीमार न पड़े। यह जानने के लिए हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।
शाकाहारी लोग किन पोषक तत्वों पर ध्यान दें?
Chief Dietician Meena Kumari कहती हैं, “बैलेंस्ड वेजिटेरियन डाइट में पोषण की कमी से बचने के लिए अलग-अलग तरह के फूड्स को शामिल करना जरूरी है। कुछ पोषक तत्व ऐसे हैं, जिनकी पर्याप्त मात्रा डाइट के जरिए लेना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।”
National Institute of Nutrition (NIN) के अनुसार, महिलाओं और पुरुषों को रोजाना इस मात्रा में पोषक तत्व लेने चाहिए।
पोषक तत्व |
लिंग |
RDA |
शाकाहारी स्रोत |
जिंक |
पुरुष |
17 मिग्रा/दिन |
दालें, चना, मूंगफली, तिल, कद्दू व सूरजमुखी के बीज, साबुत अनाज और काजू। |
विटामिन D |
पुरुष महिला |
600 IU/दिन 600 IU/दिन |
सुबह की धूप, फोर्टिफाइड दूध/दही, फोर्टिफाइड अनाज और मशरूम। |
कैल्शियम |
पुरुष महिला |
1000 मिग्रा/दिन 1000 मिग्रा/दिन |
दूध, दही, पनीर, रागी, तिल, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियां। |
आयरन |
पुरुष महिला |
19 मिग्रा/दिन 29 मिग्रा/दिन |
दाल, चना, राजमा, रागी, तिल, गुड़, खजूर और हरी पत्तेदार सब्जियां। |
विटामिन बी 12 |
पुरुष महिला |
2.2 µg/दिन 2.2 µg/दिन |
दूध, दही, पनीर और फोर्टिफाइड सीरियल्स (अनाज)। |
ओमेगा-3 (n-3 PUFA) |
दोनों |
2.2 ग्राम/दिन |
अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट और कैनोला ऑयल। |
ओमेगा-6 (n-6 PUFA) |
दोनों |
6.6 ग्राम/दिन |
सूरजमुखी का तेल, तिल, मूंगफली, सोयाबीन और बादाम। |
1. विटामिन B12
Meena Kumari का कहना है, “विटामिन B12 शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। यह रेड ब्लड सेल्स बनाने और नर्व सिस्टम के फंक्शन में मदद करता है। अगर विटामिन B12 की कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो थकान, कमजोरी और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर यह विटामिन ज्यादातर मांसाहारी खाने में मिलता है। इसलिए शाकाहारी डाइट में इसकी मात्रा पर खास ध्यान देना जरूरी हो सकता है।”
- विटामिन B12 के लिए दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स से कुछ विटामिन B12 मिल सकता है। इसके अलावा कुछ फोर्टिफाइड फूड्स भी विकल्प हो सकते हैं।
- अगर ब्लड टेस्ट में विटामिन B12 की कमी सामने आती है, तो सप्लीमेंट्स की जरूरत है या नहीं और उसकी डोज कितनी होनी चाहिए? इस बारे में एक्सपर्ट से ही सलाह लें।

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2. आयरन
Meena Kumari के अनुसार, आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने और ऑक्सीजन को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर या काम करने की क्षमता कम महसूस हो सकती है।
- शाकाहारी डाइट में आयरन के अच्छे स्त्रोत दाल, चना, राजमा, रागी, हरी पत्तेदार सब्जियां और तिल हो सकते हैं।
- आयरन के अवशोषण को बेहतर करने के लिए इसके साथ विटामिन C वाले फूड्स को शामिल करना मददगार हो सकता है। जैसे दाल या चने के साथ नींबू, टमाटर या खाने से पहले अमरूद जैसे विटामिन C से भरपूर फल लिए जा सकते हैं।
3. कैल्शियम
Chief Dietician Meena Kumari के मुताबिक, हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है। कैल्शियम मांसपेशियों और शरीर के कई जरूरी फंक्शन के लिए जरूरी है।
- कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों में क्रैम्पस पड़ना और शरीर में सुन्नपन हो सकता है।
- वेजिटेरियन डाइट में दूध, दही, पनीर, रागी और तिल कैल्शियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।
- इसके साथ विटामिन D को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल और हड्डियों की सेहत के लिए विटामिन D महत्वपूर्ण है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति में विटामिन D की कमी है, तो सिर्फ कैल्शियम लेना ही काफी नहीं है। कैल्शियम के अवशोषण के लिए विटामिन D बहुत जरूरी है।
4. ओमेगा-3 फैटी एसिड
Meena Kumari का कहना है, “ओमेगा 3 फैटी एसिड के बारे में अक्सर कहा जाता है कि यह मछली या सी-फूड्स में ही पाया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। वेजिटेरियन डाइट में भी इनके कुछ अच्छे स्त्रोत है।”
- ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी के कारण याददाश्त कमजोर होना, एंग्जायटी बढ़ना, स्किन रूखी होना, आंखों में सूखापन और हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
- अलसी के बीज, चिया सीड्स और अखरोट ALA यानी Alpha-Linolenic Acid के स्रोत हैं। इसलिए इसे अपनी डाइट में रोजाना शामिल करना चाहिए।
5. जिंक
Meena Kumari कहती हैं, “जिंक शरीर में कई महत्वपूर्ण काम करता है। यह इम्यून फंक्शन, ग्रोथ, घाव भरने और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण है। इसलिए वेजिटेरियन डाइट में जिंक का खास ध्यान रखना चाहिए”
- दालें, चना, मूंगफली, तिल, सीड्स और साबुत अनाज को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
- हालांकि, पौधों से मिलने वाले फूड्स में कुछ कम्पाउंड्स जिंक के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अलग-अलग फूड्स लेने चाहिए।
न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह
Meena Kumari सलाह देती है कि शाकाहारी लोगों में विटामिन D की कमी हो सकती है। इसलिए इस पर ध्यान देना भी जरूरी है। अगर किसी को लगातार थकान, हड्डियों से जुड़ी परेशानी हो, तो ब्लड टेस्ट कराने के बाद ही डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D सप्लीमेंट लें।
- सबसे जरूरी बात यह है कि वेजिटेरियन होने से पोषण की कमी नहीं होती, बल्कि फर्क इस बात से पड़ता है कि लोग डाइट में कितनी वैरायटी और मात्रा शामिल कर रहे हैं।
- रोज सिर्फ रोटी-सब्जी या चावल-दाल खाने के बजाय अलग-अलग तरह की दालें, बींस, सब्जियों, फलों, मेवों और सीड्स को डाइट में शामिल करें।
- अगर डेयरी प्रोडक्ट्स लेते हैं, तो दूध, दही या पनीर को भी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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निष्कर्ष
Meena Kumari के अनुसार, किसी पोषक तत्व की कमी का अंदाजा सिर्फ लक्षणों के आधार पर नहीं लगाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डाइट हिस्ट्री और ब्लड टेस्ट के जरिए किसी भी पोषक तत्व की कमी की पुष्टि की जा सकती है। शाकाहारी लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि खाने में वैरायटी के फूड्स शामिल करें, ताकि रोजाना के पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सके। अगर किसी भी तरह की समस्या हो, तो डॉक्टर को दिखाकर ही किसी भी तरह का सप्लीमेंट लेना चाहिए।
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FAQ
क्या शाकाहारियों में प्रोटीन की कमी होना आम बात है और इसे कैसे पूरा करें?
आमतौर पर पौधे से जुड़े फूड्स में सभी जरूरी अमीनो एसिड नहीं होते। हालांकि, अनाज और दालों का सही कॉम्बिनेशन जैसे चावल-दाल, खिचड़ी, या रोटी-छोले खाकर आप पूरा प्रोटीन ले सकते हैं। इसके अलावा, पनीर, टोफू और सोयाबीन बेहतरीन स्रोत हैं।शाकाहारी लोगों को वर्ष में कितनी बार विटामिन्स और मिनरल्स का ब्लड टेस्ट कराना चाहिए?
साल में कम से कम एक बार विटामिन B12, विटामिन D3, फोलिक एसिड और कम्पलीट ब्लड काउंट (CBC) जरूर कराएं। इससे शरीर में किसी भी पोषक तत्व की शुरुआती कमी की पहचान की जा सकती है।
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Sep 10, 2026 19:03 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dt Meena Kumari