Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar Prabhu , Consultant – Dermatology, Venereology & Aesthetic Medicine

क्या ऑयली स्किन वाले लोगों को सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट से

ऑयली स्किन वाले अक्सर सनस्क्रीन लगाने से बचते हैं, लेकिन सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना सभी स्किन टाइप के लिए जरूरी होता है। इसके लिए सही प्रोडक्ट को चुनना जरूरी होता है, ताकि स्किन को नुकसान से बचाया जा सके। 

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कई लोग ऑयली स्किन की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण त्वचा पर बार-बार मुंहासे और इंफेक्शन जैसी कई समस्याएं होती हैं। इन लोगों की स्किन इतनी ऑयली होती है कि कुछ लोगों को लगता है कि उनको मॉइस्चराइज या सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने की जरूरत महसूस नहीं होती है। ऑयली स्किन वाले कई लोग सनस्क्रीन लगाने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनका चेहरा और ज्यादा चमकदार दिखेगा या मुंहासे (ब्रेकआउट्स) हो सकते हैं। हालांकि, यह एक आम गलतफहमी है। लेकिन क्या ऑयली स्किन वाले लोगों को सनस्क्रीन लगानी चाहिए या नहीं? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bangalore से जानें।

क्या ऑयली स्किन में सनस्क्रीन लगानी चाहिए?

डॉ. सुनील कुमार प्रभुके अनुसार, सनस्क्रीन हर तरह की स्किन के लिए जरूरी है, जिसमें ऑयली और मुंहासे वाली स्किन भी शामिल है। रोजाना धूप से बचाव करने से सनबर्न, टाइम से पहले एजिंग, पिग्मेंटेशन से बचा जा सकता है और लंबे समय तक स्किन कैंसर के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

रोज के स्किनकेयर रूटीन में धूप से बचाव को नजरअंदाज करना सही नहीं है। इसके लिए बस सही प्रोडक्ट्स को चुनने और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने से ऑयली स्किन की देखभाल के साथ यूवी किरणों से भी बचाव हो सकता है।

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लंबे समय तक धूप में रहने से क्या होता है?

डॉ. सुनील कहते हैं, अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों के संपर्क में आने से मुंहासों के बाद होने वाला हाइपरपिगमेंटेशन (post-inflammatory hyperpigmentation) और बिगड़ सकती है, जिससे काले धब्बे ज्यादा समय तक रह सकते हैं।

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ऑयली स्किन के लिए सनस्क्रीन कैसा चुनें?

डॉ. सुनील बताते हैं, ऑयली स्किन वाले लोगों को अपनी स्किन के हिसाब से बनी सनस्क्रीन को चुनना चाहिए। हल्की, नॉन-कॉमेडोजेनिक (स्किन पोर्स को बंद न करने वाली), ऑयल फ्री, जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ट सनस्क्रीन सबसे अच्छी होती है, क्योंकि ये पोर्स को बंद किए बिना या चिपचिपापन छोड़े बिना प्रोटेक्शन देती है।

मैट फिनिश या ड्राई टच वाले प्रोडक्ट भी दिनभर चेहरे पर आने वाली ज्यादा चमक को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

सही सनस्क्रीन चुनना क्यों जरूरी है?

डॉ. सुनील का कहना है, सही सनस्क्रीन चुनने से बहुत फर्क पड़ सकता है। ऑयली स्किन के लिए बने मॉडर्न फॉर्मूलेशन के साथ, सन प्रोटेक्शन को छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है। रोजाना लगातार इस्तेमाल करना हेल्दी और यंग स्किन बनाए रखने एंव लंबे समय तक धूप से होने वाले नुकसान से बचने के सबसे आसान और असरदार तरीकों में से एक है।

SPF 30 या उससे ज्यादा क्यों है जरूरी?

डॉ. सुनील के अनुसार, रोजा के इस्तेमाल के लिए SPF 30 या उससे ज्यादा वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुनना फायदेमंद होता है। इससे स्किन का धूप से होने वाले नुकसानों से बचाव करने में मदद मिलती है।

इसके अलावा, सनस्क्रीन लगाने की मात्रा भी अहम है। बहुत कम मात्रा लगाने से प्रोडक्ट की बताई गई सुरक्षा पूरी तरह नहीं मिल सकती है। चेहरे और खुले हिस्सों पर पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन लगाना चाहिए और इसे शरीर के अन्य खुले हिस्सों तक भी ध्यान में रखना चाहिए।

सनस्क्रीन कब और कितनी बार लगाएं?

डॉ. सुनील बताते हैं, बाहर जाने से 15-20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना फायदेमंद होता है। इसके बाद लंबे समय तक धूप में रहने, ज्यादा पसीना आने या स्विमिंग करने के बाद इसे दोबारा लगाना चाहिए। हर दो घंटे में दोबारा लगाना चाहिए। 

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क्या मुंहासों की दवा लगाने वालों को सनस्क्रीन चाहिए?

डॉ. सुनील के अनुसार, नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से स्किन को UV से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है और मुंहासों के निशान जल्दी मिटने में मदद मिलती है। जो लोग रेटिनोइड्स, बेंजोयल पेरोक्साइड या केमिकल एक्सफोलिएंट्स जैसे मुंहासों के इलाज का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए भी यह जरूरी है, क्योंकि ये चीजें धूप के प्रति स्किन की सेंसिटिविटी बढ़ा सकती हैं।

सनस्क्रीन लगाते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

डॉ. सुनील बताते हैं, सिर्फ सनस्क्रीन लगाना ही धूप से बचाव का एकमात्र तरीका नहीं है। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचना, संभव हो तो छाया में रहना और पूरी बाजू के कपड़े, टोपी और धूप के चश्मे (सनग्लासेस) जैसी चीजों का इस्तेमाल भी मदद कर सकता है।

दिन खत्म होने पर चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ किया जा सकता है, ताकि पसीना, एक्स्ट्रा तेल और सनस्क्रीन की परत हट सके, लेकिन चेहरा बहुत ज्यादा रगड़कर साफ करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से त्वचा में जलन हो सकती है।

सही सनस्क्रीन चुनाव में किन बातों का ध्यान रखें?

डॉ. सुनील बताते हैं, ऑयली स्किन वाले लोगों को ऐसी सनस्क्रीन को चुनना चाहिए, जो स्किन पर बहुत भारी या चिपचिपी महसूस न हो। नॉन-कॉमेडोजेनिक, ऑयल-फ्री और हल्के टेक्सचर वाले ऑप्शन्स पर ध्यान दिया जा सकता है। अगर स्किन बहुत सेंसिटिव या मुंहासों वाली है, तो नया प्रोडक्ट्स पूरे चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर उसकी सहनशीलता देखना फायदेमंद हो सकता है।

सनस्क्रीन का चुनाव सिर्फ स्किन के ऑयली होने के आधार पर नहीं होना चाहिए। त्वचा की सेंसिटिविटी, मुंहासे, इस्तेमाल किए जा रहे दूसरे प्रोडक्ट्स और व्यक्ति की रोजाना की धूप में रहने की आदत भी अहम है।

निष्कर्ष

ऑयली स्किन होने का मतलब यह नहीं है कि सनस्क्रीन से बचना चाहिए। धूप से होने वाले स्किन के नुकसान से बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। इसके लिए सही प्रोडक्ट्स का चुनाव करने से चेहरे पर चिपचिपाहट या ज्यादा चमकने जैसी परेशानी कम हो सकती हैं।

इसके अलावा, स्किन को हेल्दी रखने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के साथ-साथ छाया, शरीर को कवर करने कपड़े और धूप के चश्मे का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अगर स्किन पर लगातार मुंहासे, जलन, रेडनेस या किसी प्रोडक्ट्स से परेशानी हो, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • ऑयली स्किन के क्या लक्षण है?

    स्किन के ऑयली होने पर व्यक्ति को चिपचिपाहट महसूस होने, पोर्स के बड़ा होने, मुंहासे होने और ब्रेकआउट होने जैसी समस्या हो सकती है।
  • अगर हम रोजाना सनस्क्रीन लगाते हैं तो क्या होता है?

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल नियमित रूप से करने से स्किन का यूवी किरणों से बचाव करने, झुर्रियों और एजिंग की समस्या से बचाव करने, दाग-धब्बों को रोकने और स्किन का सनबर्न से बचाव करने में मदद मिलती है। 

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Disclaimer

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 12, 2026 19:22 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
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