Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

आपकी Skin Type के लिए कौन सा SPF सही है? सनस्‍क्रीन चुनने से पहले जानें डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट की एडवाइज

त्‍वचा के मुताब‍िक सही सनस्‍क्रीन चुनना जरूरी है वरना ब्रेकआउट्स, इर‍िटेशन और स्‍क‍िन पोर्स ब्‍लॉक जैसी समस्‍याएं होती हैं। जानें आपकी स्‍क‍िन टाइप के मुताब‍िक क‍ितनी SPF वाली सनस्‍क्रीन ठीक रहेगी?

सनस्‍क्रीन त्‍वचा को सूरज क‍ी हान‍िकारक क‍िरणों से बचाती है। बाजार में तरह-तरह की सनस्‍क्रीन उपलब्‍ध हैं, फ‍िर भी यह समझने में अक्‍सर लोगों को परेशानी होती है क‍ि कौन सी सनस्‍क्रीन चुनें? क‍िसी पर SPF 15 ल‍िखा होता है, क‍िसी पर 20, तो क‍िसी पर 50++, ऐसे में यह समझना मुश्‍क‍िल हो जाता है क‍ि अपनी स्‍क‍िन टाइप के मुताब‍िक कौन सी सनस्‍क्रीन ठीक रहेगी। कई बार लोग ज्‍यादा प्रोटेक्‍शन के चक्‍कर में SPF 50 का इस्‍तेमाल करने लगते हैं, लेक‍िन यह हर क‍िसी की स्‍क‍िन के ल‍िए सही नहीं है। तो चल‍िए जानते हैं क‍ि SPF के आधार पर क‍िस स्‍क‍िन टाइप को क‍ितनी SPF वाली सनस्‍क्रीन लगानी चाह‍िए। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

SPF क्या होता है?

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एसपीएफ (SPF) को सन प्रोटेक्‍शन फैक्‍टर (Sun Protection Factor) कहा जाता है। SPF से पता चलता है क‍ि यूवी क‍िरणों के ख‍िलाफ क‍ितनी सुरक्षा म‍िलेगी? सनस्‍क्रीन UVB क‍िरणों से सुरक्षा देती है जो क‍ि सनबर्न का मुख्‍य कारण माना जाती हैं। साल 2021 में JAAD International नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, सनस्‍क्रीन की मदद से सनबर्न, समय से पहले एज‍िंग साइन्‍स और स्‍क‍िन कैंसर के खतरे से बचने में मदद म‍िलती है।

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स्‍क‍िन टाइप के मुताब‍िक कौन सा SPF चुनें?

चाहे स्‍क‍िन ड्राई, ऑयली, कॉम्‍ब‍िनेशन या सेंस‍िट‍िव हो, आप जरूरत के मुताब‍िक, SPF 50 या SPF 30 का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। SPF क‍ितना होना चाह‍िए यह इस बात पर न‍िर्भर करता है-

  • अगर आप घर पर ही रहते हैं और सन एक्‍सपोजर बहुत कम है, तो SPF 15 वाली सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • रोजाना के इस्‍तेमाल के ल‍िए SPF 30 का इस्‍तेमाल सही है। यह उन लोगों के ल‍िए अच्‍छी है ज‍िन्‍हें धूप में नहीं जाना होता है।
  • अगर आप धूप में काम करते हैं या फील्‍ड वर्कर हैं और सन एक्‍सपोजर ज्‍यादा है, तो SPF 50 वाली सनस्क्रीन का इस्‍तेमाल करें। हर 3 से 4 घंटे में सनस्‍क्रीन को र‍ि-अप्‍लाई करना न भूलें।

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स्‍क‍िन टाइप के मुताब‍िक कौन सी सनस्‍क्रीन चुनें?

  • ड्राई स्‍क‍िन- क्रीम बेस्‍ड सनस्‍क्रीन, ऐसी सनस्‍क्रीन ज‍िसमें हायलूरोनिक एस‍िड और ग्‍ल‍िसरीन हो।
  • ऑयली स्‍क‍िन- लाइट वॉटर या जेल बेस्‍ड सनस्‍क्रीन जो नॉन-कॉमेडोजेनिक हो और स्‍क‍िन पर हैवी न लगे।
  • कॉम्‍ब‍िनेशन स्‍क‍िन- जेल या क्रीम बेस्‍ड सनस्‍क्रीन।
  • सेंस‍िट‍िव स्‍क‍िन- म‍िनरल सनस्‍क्रीन ज‍िसमें नियासिनमाइड हो और जो नॉन-एलर्जि‍क हो। डॉक्‍टर की सलाह लेकर ही सनस्‍क्रीन ब्रांड चुनें।

सनस्‍क्रीन चुनते वक्‍त गौर करें क‍ि उस पर ब्रॉड स्‍पेक्‍ट्रम ल‍िखा हो क्‍योंक‍ि ऐसी सनस्‍क्रीन UVA और UVB दोनों तरह की हान‍िकारक क‍िरणों से त्‍वचा को बचाती है। सनस्‍क्रीन UVB क‍िरणों से सुरक्षा देती है, इसल‍िए ब्रॉड स्‍पेक्‍ट्रम देखकर सनस्‍क्रीन का चुनाव करें।

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क्या ज्यादा SPF हमेशा अच्छा होता है?

हमेशा ऐसा जरूरी नहीं होता। SPF 30 97 प्रत‍िशत तक प्रोटेक्‍शन देता है वहीं SPF 50 करीब 98 प्रत‍िशत तक सुरक्षा देता है। हालांक‍ि ज‍ितना ज्‍यादा SPF होगा, उतना लंबे समय तक यूवी क‍िरणों से सुरक्षा म‍िलेगी। SPF का असर पसीना न‍िकलने और समय बीतने के साथ कम होता जाता है इसल‍िए 3 से 4 घंटे में एक बार सनस्‍क्रीन अप्‍लाई कर सकते हैं।

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क‍ितना होना चाह‍िए सनस्‍क्रीन का SPF?

  • अगर आप घर पर ही रहते हैं, तो एसपीएफ 30 वाली सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • जो लोग फील्‍ड पर रहते हैं या ज‍िनका सन एक्‍सपोजर ज्‍यादा होता है, वो एसपीएफ 50 वाली सनस्‍क्रीन लगा सकते हैं।

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SPF 50 सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल सभी कर सकते हैं?

नहीं, वैसे तो त्‍वचा के ल‍िए SPF 50 सुरक्ष‍ित होती है, लेक‍िन हर कोई इसका इस्‍तेमाल नहीं कर सकता। अगर आप पूरे द‍िन ऑफ‍िस या घर पर रहते हैं और आपका सन एक्‍सपोजर कम है, तो आपको SPF 50 की जरूरत नहीं है। आपके ल‍िए SPF 30 काफी है। अगर आप ज्‍यादा देर धूप में रहते हैं, आउटडोर स्‍पोर्ट्स खेलते हैं, ट्रैवल करते हैं या सनबर्न जल्‍दी हो जाता है, तो SPF 50 को चुन सकते हैं।

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SPF 50 सनस्‍क्रीन से क‍िसे सावधान रहना चाह‍िए?

  • ज‍िन लोगों की स्‍क‍िन सेंस‍िट‍िव हो।
  • ज‍िन्‍हें आए द‍िन चेहरे पर दाने या एक्‍ने होते हों।
  • स्‍क‍िन अध‍िक ऑयली हो, तो SPF 50 की जगह नॉन-कॉमेडोजेनिक SPF 50 चुनना चाहिए।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर आप घर पर रहते हैं, तो SPF 30 चुन सकते हैं, वहीं अगर आप फील्‍ड पर काम करते हैं या सन एक्‍सपोजर ज्‍यादा है, तो SPF 50 चुन सकते हैं। ड्राई, ऑयली, कॉम्‍ब‍िनेशन या सेंस‍िट‍िव स्‍क‍िन टाइप चारों ही अपनी जरूरत के अनुसार SPF चुन सकते हैं।

FAQ

  • चेहरे और शरीर पर एक ही सनस्‍क्रीन लगा सकते हैं?

    चेहरे पर इस्‍तेमाल की जाने वाली सनस्‍क्रीन हल्‍की होती है और नॉन-कॉमेडोजेनिक यानी पोर्स को ब्‍लॉक नहीं होने देती, जबक‍ि बॉडी सनस्‍क्रीन ज्‍यादा हैवी होती है और उसे चेहरे पर लगाने से ऑयली स्‍क‍िन टाइप को एक्‍ने हो सकते हैं।
  • डेली यूज के ल‍िए सनस्क्रीन का SPF क‍ितना होना चाह‍ि‍ए?

    रोजाना सनस्‍क्रीन लगाना है और आप ज्‍यादातर समय इंडोर ही ब‍िताते हैं, तो SPF 30 वाली सनस्‍क्रीन चुन सकते हैं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 07, 2026 17:07 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 07, 2026 17:07 IST

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