Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या आपको भी होती है अक्सर त्वचा में जलन? जानें इसके 7 कारण

क्या आप भी अक्सर त्वचा में होने वाली जलन से परेशान होते हैं? अगर हां, तो अपनी इस समस्या को नजरअंदाज न करें। इससे निपटने से पहले इसके मूल कारणों को जानें-समझें। इस लेख में हम उन्हीं का जिक्र कर रहे हैं।

Triggers Of Skin Irritation: आमतौर पर जब हम अपनी त्वचा पर जोर से खुजली कर देते हैं या कोई कीड़ा काट लेता है, तो उसमें जलन होने लगती है। यह इतनी छोटी समस्या है कि हमारा ध्यान शायद ही इस तरफ जाता है। हालांकि, त्वचा में हो रही जलन को हर बार इग्नोर किया जाना सही नहीं है। कभी-कभी त्वचा में हो रही जलन के पीछे गंभीर कारण जिम्मेदार होते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।

त्वचा में जलन के कारण

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1. हार्श केमिकल का इस्तेमाल

घरों में रूम क्लीनर, डिटर्जेंट आदि के रूप में ज्यादातर महिलाएं हार्श केमिकल के संपर्क में रोजाना आती है। अगर कोई ग्लव्स पहनकर इनका उपयोग करता है, तो इससे त्वचा को ज्यादा नुकसान नहीं होता है, लेकिन जो महिलाएं रोज इसके संपर्क में आती हैं और अपनी स्किन की केयर भी नहीं करती हैं, उनमें त्वचा में जलन जैसी समस्या हो सकती है। इस संबंध में साल 2022 में Toxics पत्रिका में एक प्रकाशित शोध पत्र है, जिसके अनुसार, क्लीनर में इस्तेमाल होने वाले एसिड ही त्वचा में होने वाली जलन के लिए जिम्मेदार नहीं है, बल्कि एसिड कंसंट्रेशन भी इसका मुख्य कारण है।

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2. गलत सनस्क्रीन लगाना

डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "हर मौसम में सनस्क्रीन लगाया जाना जरूरी होता है। इससे त्वचा को सूरज की यूवी रेज से बचाया जा सकता है और कैंसर जैसी घातक बीमारी के जोखिम को कम किया जा सकता है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि कई बार गलत सनस्क्रीन लगाने से त्वचा में जलन की समस्या पैदा हो सकती है? दरअसल, कई सनस्क्रीन में Para-aminobenzoic Acid होता है, जिससे स्किन में जलन ट्रिगर हो सकती है।"

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3. एक्जिमा के कारण

precautions for psoriasis and eczema patients follow 01 (14)

डॉ. करुणा मल्होत्रा के मुताबिक, "यह एक तरह की मेडिकल कंडीशन है, जिसमें स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर डैमेज हो जाती है। इस स्थिति में अगर मरीज अपनी स्किन पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवा को समय पर नहीं लगाते हैं, किसी भी केमिकल युक्त चीजों को छूने या लोशन आदि लगाने से पहले कॉन्शियस नहीं रहते हैं, तो ऐसे में उन्हें जलन जैसी समस्या हो सकती है। एनसीबीआई बुकशेल्फ के अनुसार, एक्जिमा त्वचा की पुरानी और सूजन संबंधी बीमारी है। इस तरह की मेडिकल कंडीशन में साबुन, धूल मिट्टी के संपर्क में आना और नमी बनाए रखने के कारण त्वचा में जलन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।"

4. एलर्जी के संपर्क में आना

कुछ लोगों को किसी खास चीज, वस्तु, साबुन, परफ्यूम, कॉस्मेटिक या पौधे को छूने से एलर्जी है। इन्हें छूनेभर से ही त्वचा रिएक्ट करने लगती है। ऐसे में स्किन पर त्वचा में रेडनेस, खुजली होना, छोटे-छोटे दाने या चकत्ते पड़ना और कभी-कभी सूजन तथा जलन होने लगती है। यह सामान्य जलन से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह समस्या इम्यून सिस्टम के ओवर-रिएक्ट करने के कारण होती है। साल 2022 में IJERPH (International Journal of Environmental Research and Public Health) में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, कॉन्टैक्ट एलर्जी के मामले बढ़ रहे हैं, क्योंकि रोजमर्रा के उत्पादों में नए-नए एलर्जेंस (जैसे परफ्यूम, प्रिजर्वेटिव्स, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स) लगातार बढ़ रहे हैं। अगर आपको यह नहीं पता है कि आपको किस चीज से एलर्जी है, तो इस संबंध में बेहतर होगा कि आप पैच टेस्ट लें और एलर्जेंस से दूरी बनाए रखने की कोशिश करें।

5. मौसम का प्रभाव

आमतौर पर इस बात का यकीन करना मुश्किल लगता है कि मौसम के कारण त्वचा में जलन जैसी समस्या पैदा हो सकती है। हकीकत यह है कि ऐसा होता है। दरअसल, खराब मौसम और क्लाइमेट त्वचा की प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान पहुंचाकर सीबम प्रोडक्शन और पसीने के संतुलन को बिगाड़ देते हैं। इससे शरीर में सूजन संबंधी प्रतिक्रिया पैदा करके त्वचा में जलन का कारण बनते हैं। ऐसा ह्यूमिडिटी के बढ़ने और तेज धूप के कारण हो सकता है।

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6. बढ़ता तनाव

क्या आप यह जानते हैं कि बढ़ता तनाव भी स्किन इरिटेशन की वजह बन सकता है? साल 2021 में Dermatology Practical & Conceptual में प्रकाशित एक रिव्यू पेपर के अनुसार, स्ट्रेस और त्वचा (या स्किन) का आपस में गहरा संबंध है। मानसिक तनाव नर्वस सिस्टम और इम्यून सिस्टम को प्रभावित करके त्वचा की सूजन, खुजली और घाव भरने की क्षमता पर नकारात्मक असर डालता है। जानकारी के लिए बता दें कि जब घाव लंबे समय तक नहीं भरता है, तो प्रभावित हिस्से में जलन और सूजन बढ़ जाती है।

7. खराब फैब्रिक के कपड़े पहनना

अगर आप ऐसे फैब्रिक के कपड़े पहन रहे हैं, जो आपको सूट नहीं करते हैं, तो यह भी सही नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि जब आप खुरदरे कपड़े पहनते हैं, तो उसके त्वचा के संपर्क में आने से नसों में उत्तेजना पैदा होती है, जिससे खाज-खुजली की समस्या पैदा हो सकती है। कई बार खुरदुरे और खराब क्वालिटी के कपड़े स्किन पर बारीक चोट पहुंचाते हैं, जिससे त्वचा की नमी तेजी से कम होने लगती है। ऐसे में स्किन अंदर से गर्म हो जाती है और पसीना जमा होने लगता है। अंततः त्वचा में जलन, रेडनेस और खुजली जैसी समस्याएं ट्रिगर होने लगती हैं।

निष्कर्ष

स्किन में जलन  को हल्के में लिया जाना सही नहीं है। हालांकि, कई बार आपकी जीवनशैली से जुड़ी छोटी-छोटी चीजें भी त्वचा में जलन पैदा करते हैं। अगर आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो पहले इसके कारणों पर गौर करें। इस लेख में हमने कई कारणों का जिक्र किया है। हालांकि, इसके अलावा भी कई अन्य कारण हैं। अगर आपको लंबे समय से त्वचा में जलन हो रही है, तो बेहतर है कि आप इसे इग्नोर न करें और डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • त्वचा में जलन होने पर तुरंत राहत पाने के लिए घर क्या करना चाहिए?

    त्वचा पर जलन होने पर प्रभावित हिस्से को ठंडे पानी से धोएं या ठंडी सिकाई करें।
  • क्या खान-पान या डाइट की गड़बड़ी से भी त्वचा में जलन हो सकती है?

    हां, बहुत ज्यादा मात्रा में मसालेदार खाना खाने से शरीर में हिस्टामाइन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे अंदरूनी सूजन बढ़ सकती है और जलन ट्रिगर हो सकती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 22, 2026 13:23 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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