त्वचा पर अचानक लाल चकत्ते उभर आएं, खुजली हो, त्वचा सूखी पड़ने लगे या सफेद पपड़ी दिखाई देने लगे तो अक्सर पहला सवाल यही होता है यह एक्जिमा है या सोरायसिस? दोनों ही स्थितियां त्वचा में लालिमा, रूखापन और जलन पैदा कर सकती हैं, इसलिए मेडिकल टेस्ट किए बिना इनके बीच फर्क करना आसान नहीं होता। यही वजह है कि कई लोग एक ही तरह की क्रीम दोनों समस्याओं पर इस्तेमाल करने लगते हैं, जबकि इनके पीछे की वजह और इलाज अलग हो सकते हैं।
राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, त्वचा पर किसी भी तरह के लगातार बने रहने वाले बदलाव को केवल एलर्जी या सामान्य ड्रायनेस मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एक्जिमा और सोरायसिस में अंतर
सिर्फ एक लक्षण के आधार पर एक्जिमा और सोरायसिस में अंतर करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ संकेत मदद कर सकते हैं-
| एक्जिमा | सोरायसिस | |
| लक्षण | एक्जिमा में खुजली अक्सर ज्यादा प्रमुख होती है। त्वचा सूखी, संवेदनशील, लाल और कभी-कभी फटी हुई दिखाई देती है। यह शरीर की सिलवटों में ज्यादा नजर आ सकता है। | सोरायसिस में पैच आम तौर पर ज्यादा मोटे, उभरे हुए और स्पष्ट सीमाओं वाले होते हैं। उनके ऊपर सफेद या सिल्वर रंग की पपड़ी दिखाई दे सकती है। कोहनी और घुटने जैसी बाहरी सतहें और स्कैल्प इसके आम स्थानों में शामिल हैं। |
| इलाज | एक्जिमा में सबसे पहले त्वचा की नमी और बैरियर को बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग, ट्रिगर से दूरी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सूजन या खुजली कम करने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। | सोरायसिस का उपचार उसकी गंभीरता, प्रभावित हिस्से और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। हल्के मामलों में स्थानीय रूप से लगाई जाने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि ज्यादा गंभीर मामलों में फोटोथेरेपी या डॉक्टर की निगरानी में अन्य दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। |
एक्जिमा में त्वचा क्यों बदल जाती है?
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The Journal Of Dermatology एक्जिमा को आमतौर पर त्वचा में सूजन और उसके कमजोर हुए सुरक्षात्मक बैरियर से जोड़कर देखा जाता है। जब त्वचा की बाहरी परत नमी को ठीक तरह से बनाए नहीं रख पाती, तो वह ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। साबुन, डिटर्जेंट, पसीना, गर्मी, मौसम में बदलाव, धूल या कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों के संपर्क से कुछ लोगों में समस्या बढ़ सकती है।
एक्जिमा का सबसे परेशान करने वाला लक्षण अक्सर खुजली होती है। त्वचा लाल और बेहद सूखी महसूस हो सकती है। लगातार खुजलाने से छोटे घाव, पपड़ी या त्वचा का मोटा होना भी देखा जा सकता है। बच्चों में यह चेहरे और हाथ-पैरों पर दिखाई दे सकता है, जबकि वयस्कों में हाथ, गर्दन और कोहनी या घुटनों के अंदरूनी हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।
डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "एक्जिमा में खुजली कई बार इतनी ज्यादा होती है कि मरीज अनजाने में बार-बार प्रभावित हिस्से को खुजलाता रहता है। इससे त्वचा का बैरियर और कमजोर हो सकता है और समस्या का एक चक्र बन जाता है, खुजली, खुजलाना और फिर ज्यादा सूजन।"
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सोरायसिस सिर्फ सूखी त्वचा नहीं है
सोरायसिस को केवल ड्राई स्किन समझना सही नहीं होगा। National Psoriasis Foundation के अनुसार यह एक क्रॉनिक इंफ्लेमेटरी और ऑटोइम्यून स्थिति है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा की कोशिकाओं के बनने और हटने की सामान्य प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसके कारण त्वचा पर कोशिकाएं तेजी से जमा हो सकती हैं और मोटे, उभरे हुए पैच बन सकते हैं।
डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "सोरायसिस में लाल या गुलाबी रंग के पैच के ऊपर सफेद या सिल्वर जैसी पपड़ी दिखाई दे सकती है। ये पैच अक्सर कोहनी, घुटनों, सिर की त्वचा और शरीर के कुछ अन्य हिस्सों पर नजर आते हैं। कुछ मरीजों में नाखूनों में भी बदलाव हो सकते हैं, जैसे गड्ढे पड़ना, मोटा होना या नाखून का बिस्तर से अलग होना।"
यही नहीं, सोरायसिस कुछ लोगों में त्वचा से आगे बढ़कर जोड़ों को प्रभावित कर सकता है। इसे सोरायटिक आर्थराइटिस कहा जाता है। इसलिए यदि त्वचा की समस्या के साथ जोड़ों में लगातार दर्द, अकड़न या सूजन हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
यदि त्वचा पर चकत्ते लगातार बने हुए हैं, बार-बार लौट रहे हैं, तेजी से फैल रहे हैं, बहुत ज्यादा खुजली या दर्द हो रहा है या घरेलू देखभाल के बावजूद सुधार नहीं हो रहा, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। इसी तरह स्कैल्प पर लगातार पपड़ी, नाखूनों में असामान्य बदलाव या त्वचा की समस्या के साथ जोड़ों में दर्द को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डाॅक्टर की राय
डॉक्टरों के लिए केवल एक तस्वीर या मरीज के बताए लक्षणों से हर बार सही निष्कर्ष निकालना संभव नहीं होता। कुछ फंगल इंफेक्शन और दूसरी त्वचा संबंधी स्थितियां भी एक्जिमा या सोरायसिस जैसी दिखाई दे सकती हैं। डॉ. करुणा कहती हैं, "त्वचा पर लाल चकत्ता या पपड़ी देखकर खुद से स्टेरॉयड या कोई कॉम्बिनेशन क्रीम शुरू करना सही तरीका नहीं है। गलत दवा से लक्षण कुछ समय के लिए दब सकते हैं, लेकिन मूल समस्या बनी रह सकती है और कई बार स्थिति और जटिल हो सकती है।"
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निष्कर्ष
आखिरकार, एक्जिमा और सोरायसिस दोनों ऐसी स्थितियां हैं, जिन्हें केवल ड्राई स्किन कहकर टालना सही नहीं है। त्वचा में हो रहे बदलाव हमें स्वास्थ्य से जुड़े कई संकेत देते हैं। सही समय पर उन संकेतों को पहचानना, बीमारी का सही निदान कराना और अपनी मर्जी से इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना ही त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का बेहतर तरीका है।
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FAQ
क्या डाइट एक्जिमा या सोरायसिस के लक्षण ट्रिगर हो सकते हैं?
अगर कोई प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो इसकी वजह से शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है, जिससे सोरायसिस और एक्जिमा दोनों के लक्षण बिगड़ सकते हैं।क्या सोरायसिस या एक्जिमा के मरीजों को धूप से फायदा मिलता है?
एक्जिमा के मरीजों को अधिक समय तक धूप में नहीं रहना चाहिए। इससे सनबर्न हो सकता है, जिससे मरीजों में जलन और पसीने के कारण खुजली की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि, सोरायसिस के मरीजों की बात करें, तो नियंत्रित मात्रा में सुबह की धूप लेने से उनमें स्किन सेल्स के तेजी से बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे पैच कम होते हैं।
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Aug 14, 2026 17:10 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra