Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

सोरायसिस की पहचान कैसे करें? जानें त्वचा और नाखूनों पर दिखने वाले मुख्य संकेत

सोरायसिस होने पर स्किन बहुत ज्यादा ड्राई हो जाती है, इसका लचीलापन कम हो जाता है और लगातार खुजली होती रहती है। बार-बार खुजली करने की वजह से प्रभावित हिस्से से खून तक निकल सकता है।

सोरायसिस प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी एक लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है। इस बीमारी में स्किन सेल्स बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं। ये अतिरिक्त कोशिकाएं आपस में इकट्ठा होकर शरीर पर सूखी, उभरी हुई, खुजलीदार या दर्दनाक पपड़ी या चकत्ते बना देती हैं। आमतौर पर लोगों के लिए इसकी पहचान करना मुश्किल होता है। हालांकि, आपके सामान्य लक्षणों के बारे में जानकर सोरायसिस का पता लगा सकते हैं। इस लेख में राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा सोरायसिस से जुड़े कुछ लक्षणों के बारे में बता रही हैं, ताकि आपके लिए इसकी पहचान आसान हो जाए।

  सोरायसिस का प्रकार लक्षण कारण
1.

प्लाक सोरायसिस (Plaque Psoriasis)

• उभरे हुए लाल/गुलाबी धब्बे (Plaque)
• उन पर चांदी जैसी सफेद पपड़ीदार परत
• कोहनी, घुटने, सिर की त्वचा और पीठ पर होना
• तेज खुजली और त्वचा का फटना

• ओवरएक्टिव इम्यून सिस्टम
• आनुवंशिकता
• त्वचा पर चोट या मानसिक तनाव

2.

गटेट सोरायसिस (Guttate Psoriasis) (अक्सर बच्चों और युवाओं में)

• त्वचा पर छोटी, बूंद के आकार के लाल चकत्ते
• गर्दन हाथ और पैर पर पतली पपड़ी जमना
• अचानक से पूरे शरीर पर उभरना

• स्ट्रेप्टोकोकल संक्रमण (Streptococcal Throat Infection या गले की खराश)
• अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन

3. इनवर्स सोरायसिस

• त्वचा की परतों/सिलवटों में चिकने, गहरे लाल धब्बे होना
• बगल (Armpits), जांघों के बीच, स्तनों के नीचे होना

• त्वचा का आपस में रगड़ लगना
• अत्यधिक पसीना आना
• फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण

4. पस्टुलर सोरायसिस

• लाल सूजी हुई त्वचा पर सफेद मवाद (Pus) भरे दाने या छाले होना
• अत्यधिक जलन, दर्द और बुखार होना
• हथेलियों, पैरों के तलवों या पूरे शरीर पर होना

• अचानक दवाइयां, जैसे स्टेरॉयड बंद करना
• अत्यधिक तनाव या तेज धूप में रहना
• संक्रमण या केमिकल का असर

5. एरिथ्रोडर्मिक सोरायसिस (Erythrodermic Psoriasis)

• शरीर के 90% से अधिक हिस्से पर रेडनेस होना
• पूरी त्वचा छिलना और बड़ी पपड़ी उतरना
• शरीर का तापमान असंतुलित होना, हृदय की धड़कन अनियमित होना

• गंभीर रूप से बढ़ा हुआ प्लाक सोरायसिस
• गंभीर सनबर्न या संक्रमण

6. नेल सोरायसिस

• नाखूनों में छोटे-छोटे गड्ढे पड़ना (Pitting)
• नाखूनों का रंग पीला/भूरा होना या मोटा होना
• नाखून का अपनी जगह से उखड़ने लगना

• प्लाक या अन्य सोरायसिस का नाखूनों तक फैलाव
• नाखूनों पर बार-बार चोट लगना या दबाव पड़ना

सोरायसिस की पहचान कैसे करें?

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पैच और प्लाक होना

National Psoriasis Foundation के अनुसार सोरायसिस होने पर त्वचा पर मोटे, उभरे हुए चकत्ते, जो चांदी जैसी सफेद, धूसर या पपड़ीदार परत से ढके होते हैं। डाॅ. करुणा मल्होत्रा समझाती हैं, "आमतौर पर सामान्य त्वचा की कोशिकाओं को बनने और झड़ने में 28-30 दिन का समय लगता है। वहीं, सोरायसिस की बात करें, तो यह प्रक्रिया मात्र 3 से 4 दिनों में पूरी होने लगती है।"

डाॅ. करुणा मल्होत्रा आगे बताती हैं, "सोरायसिस इतनी जल्दी पुरानी त्वचा झड़ नहीं पाती, इसलिए नई और पुरानी कोशिकाएं एक के ऊपर एक जमा होकर मोटी परत बना लेती हैं। इस तरह की समस्या सबसे ज्यादा कोहनी, घुटनों, पीठ के निचले हिस्से और सिर की त्वचा पर दिखाई देती है।"

डाॅ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, "सोरायसिस का असर त्वचा की रंगत पर भी नजर आता है। सोरायसिस होने पर त्वचा लाल या गुलाबी दिखती है, जबकि सांवली या गहरी रंगत वाली त्वचा पर यह बैंगनी, भूरा दिखाई दे सकता है। यह व्यक्ति के स्किन कलर पर निर्भर करता है कि सोरायसिस होने पर उनकी त्वचा का रंग कैसा नजर आता है।"

खुजली या जलन होना

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सोरायसिस के कारण त्वचा के आसपास बहुत तेज खुजली, जलन या दर्द होने लगता है। यह स्थिति काफी ज्यादा असहजता से भरी होती है। Health and Quality of Life Outcomes नाम के मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुए एक वैज्ञानिक शोध पत्र के अनुसार, सोरायसिस में त्वचा पर लगातार खुजली, जलन और फटी हुई त्वचा का दर्द मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है, काम करने की क्षमता पर असर डालता है और स्लीप साइकिल बुरी तरह प्रभावित होता है। सोरायसिस में अक्सर जलन और सुई चुभने जैसा अहसास होता है। कई मरीजों को तो यह चींटी काटने जैसा महसूस होता है। 

डाॅ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "सोरायसिस के लक्षण अक्सर रात के समय ट्रिगर होते हैं, जिसकी वजह से खुजली और जलन दोनों होती है। बार-बार खुजली करने से प्रभावित हिस्से में घाव भी हो सकता है। यह स्थिति लोगों की नींद को बाधित करती है।"

त्वचा में ड्राईनेस

सोरायसिस के कारण त्वचा बहुत ज्यादा सूखी हो जाती है। कई बार दरारें तक पड़ जाती हैं। ऐसे में खुजली करने से प्रभावित हिस्से में खून भी निकल सकता है। दरअसल, सोरायसिस के कारण त्वचा की इलास्टिसिटी कम हो जाती है, नमी में भी कमी आती है, जिससे त्वचा सख्त और कड़क हो जाती है।

नाखूनों पर सोरायसिस के मुख्य लक्षण

सोरायसिस सिर्फ त्वचा से जुड़ी समस्या नहीं है। यह नाखूनों को भी गंभीरता से प्रभावित कर सकता है। नाखूनों पर नजर आने वाले इसके लक्षणों की बात करें, तो-

  • नाखूनों की सतह पर छोटे-छोटे छेद या गड्ढे बनना
  • नाखून की ऊपरी परत पिघली हुई मोम जैसी या खुरदरी दिखाई देने लगती है। 
  • नाखूनों का रंग पीला, हरा या भूरा नजर आना।
  • नाखून के नीचे चाय या तेल की बूंद जैसा धब्बा दिखाई देना। 
  • धीरे-धीरे नाखून मोटे होकर टूटने या झड़ने लगना। 
  • गंभीर मामलों में नाखून अपनी जगह से ढीला होकर नीचे की त्वचा से अलग होने लगता है।
  • नाखूनों के आसपास सूजन और दर्द भी हो सकता है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कत आना।

निष्कर्ष

सोरायसिस त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या है। इसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए। यह एक तरह की ऑटोइम्यून कंडीशन है, जिसमें त्वचा दो-तीन दिन में खुद रिन्यू होने लगती है और पुरानी स्किन झड़ती नहीं है। ऐसे में प्रभावित हिस्से में त्वचा की लेयर जम जाती है। इसमें तेज खुजली, रेडनेस हो सकती है। इनके लक्षणों को देखते हुए जरूरी है कि आप समय पर डाॅक्टर के पास जाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या सोरायसिस एक संक्रामक बीमारी है?

    नहीं, सोरायसिस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह एक ऑटोइम्यून कंडीशन है, जो इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होती है। यह छूने, साथ खाना खाने या साथ में रहने से नहीं फैलती है।
  • कौन से आहार सोरायसिस के लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं?

    मानसिक तनाव, शराब और धूम्रपान का सेवन, अधिक मसालेदार या प्रोसेस्ड फूड खाने से सोरायसिस लक्षण बिगड़ सकते हैं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 12, 2026 15:19 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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