सोरायसिस ऑटोइम्यून बीमारी है, जो स्किन पर बहुत तेजी से बढ़ती है। इस बीमारी में स्किन पर खुजलीदार लाल रंग के चकते बनने लगते हैं और उन पर चांदी जैसे रंग की सफेद पपड़ी जमने लगती है। यह बीमारी आमतौर पर घुटनों, कोहनियों, पेट, पीठ या सिर के स्कैल्प पर नजर आती है। अगर इसका समय पर इलाज न कराया जाए, तो रोजाना के काम करने में भी दिक्कत हो सकती है। जिन लोगों को सोरायसिस की समस्या होती है, उनके मन में अक्सर यह सवाल होता है कि क्या बीमारी फैल रही है या यह सिर्फ एक Flare-Up है? इस बारे में हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की। उन्होंने बताया कि हालांकि देखने में दोनों कंडीशन्स एक जैसी लगती है, लेकिन दोनों के मायने बिल्कुल अलग होते हैं। इसलिए दोनों के फर्क को जानना बहुत जरूरी है। सही पहचान होने पर ही इलाज करके बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।
सोरायसिस के लक्षण बढ़ना
Dr. Karuna Malhotra कहती हैं, “Flare-Up का मतलब है कि पहले से मौजूद सोरायसिस कुछ समय के लिए ज्यादा एक्टिव हो गया है। इस दौरान पुराने लाल चकत्ते पहले से ज्यादा लाल , मोटे और खुजली वाले हो सकते हैंय़ इन पर सफेद या चांदी जैसी पपड़ी भी ज्यादा नजर आने लगती है। इसमें अच्छी बात यह होती है कि Flare-Up अक्सर कुछ समय के लिए ही होता है और अगर सही समय पर इलाज व ट्रिगर्स से बचाव हो जाए, तो स्किन फिर से नॉर्मल हो सकती है।”
सोरायसिस का फैलना
Dr. Karuna Malhotra के मुताबिक, “अगर सोरायसिस पहले से कोहनी या घुटनों पर है और अगर यह शरीर के दूसरे हिस्से जैसे सिर, चेहरा, पीठ, हथेलियों, पैरों या नाखूनों तक पहुंचने लगे, तो यह बीमारी के फैलने का संकेत हो सकता है। इसी तरह अगर स्किन पर नए चकत्ते बनने लगें या प्रभावित हिस्से का आकार लगातार बढ़ने लगे, तो इसे सिर्फ लक्षण बढ़ना ही नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थिति इस बात का संकेत हो सकती है कि मौजूदा इलाज बीमारी को पूरी तरह कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। ऐसे में डॉक्टर इलाज में बदलाव कर सकते हैं।”

यह भी पढ़ें- जेनिटल सोरायसिस क्या है? डॉक्टर से जानें लक्षण, कारण, इलाज और सेक्स लाइफ पर असर
सोरायिसस में लक्षण बढ़ना और फैलने में अंतर
Dr. Karuna Malhotra ने इन दोनों कंडीशन्स के अंतर को कुछ ऐसे समझाया है।
सोरायसिस के लक्षण बढ़ना |
सोरायसिस का फैलना |
पुराने चकत्ते ज्यादा लाल और मोटे होना |
स्किन पर नए लाल चकत्ते बनना |
प्रभावित हिस्से का उतना ही रहना |
प्रभावित हिस्से के अलावा स्किन पर दूसरी जगह फैलना |
कुछ हफ्तों या महीनों तक रहना |
बीमारी का लंबे समय तक रहना |
स्ट्र्रेस, इंफेक्शन की वजह से बढ़ना |
बीमारी का गंभीर होना |
सोरायसिस क्यों बढ़ता है?
Dr. Karuna Malhotra कहती हैं. “सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि सोरायसिस की बीमारी छूने से नहीं फैलती। इस ऑटोइम्यून बीमारी में इम्यून सिस्टम जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाता है और स्किन पर नई कोशिकाएं बहुत तेजी से बनने लगती हैं। पुरानी कोशिकाएं हटने से पहले ही नई कोशिकाएं जमा हो जाती हैं और मोटी पपड़ीदार परत बनने लगती है। अगर किसी को यह बीमारी है, तो इसके लक्षण बढ़ने के कारण कुछ ये हो सकते हैं।”
- बहुत ज्यादा स्ट्रेस रहना
- ठंडा या सूखा मौसम
- स्किन पर चोट लगना, कट या खरोंच आना
- सनबर्न
- कुछ दवाएं सोरायसिस को बढ़ा सकती है
- स्मोकिंग या शराब पीना
यह भी पढ़ें- क्या विटामिन ई सोरायसिस के इलाज के लिए उपयोगी है?
निष्कर्ष
Dr. Karuna Malhotra सलाह देती हैं कि अगर किसी को सोरायसिस की समस्या है, तो उसे डॉक्टर से रेगुलर फॉलो-अप रखना चाहिए, ताकि बीमारी में हो रहे बदलावों की पहचान करके इलाज किया जा सके। अगर किसी के शरीर में नए चकत्ते बन रहे हैं, तो घरेलू इलाज न करें, बल्कि समय पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं। इसके अलावा, मरीज को ट्रिगर्स से भी बचाव करना चाहिए ताकि बीमारी के न तो लक्षण बढ़े और न ही बीमारी शरीर में फैलें।
FAQ
क्या सोरायसिस छूने से शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में फैलता है?
बिल्कुल नहीं। सोरायसिस कोई फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन नहीं है। अगर आप अपने घुटने के सोरायसिस पैच को छूकर अपने चेहरे या पेट को छूते हैं, तो यह वहां नहीं फैलेगा। यह पूरी तरह आंतरिक इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी के कारण होता है।कैसे पहचानें कि स्थिति गंभीर हो रही है और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
अगर सोरायसिस के लक्षण बढ़ते-बढ़ते आपके शरीर के 10% से अधिक हिस्से को कवर कर लें, त्वचा पर मवाद से भरे छोटे छाले होने लगें, या पूरी त्वचा लाल होकर तपने लगे और बुखार आ जाए, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 06, 2026 16:53 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 06, 2026 16:53 IST
Modified By : Aneesh RawatJul 06, 2026 16:53 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra