Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

पहले जो खाना आसानी से पचता था, अब उससे पेट खराब क्यों? क्या उम्र के साथ फूड इनटॉलरेंस हो सकता है

फूड इनटॉलरेंस किसी भी उम्र में हो सकता है। डाइजेस्टिव सिस्टम में बदलाव, किसी बीमारी या कुछ फूड्स को पचाने की क्षमता कम होने पर नॉर्मल खाना खाने पर भी परेशानी हो सकती है।

फूड इनटॉलरेंस का मतलब है कि शरीर किसी खास फूड या उसमें मौजूद तत्व को ठीक तरह से पचा या सहन नहीं कर पाता। इसकी वजह से हर व्यक्ति में अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं। खास बात यह है कि यह जरूरी नहीं कि जिस भोजन से आज परेशानी हो रही है, उससे पहले भी समस्या रही हो। कुछ स्थितियों में शरीर की भोजन को पचाने की क्षमता समय के साथ बदल सकती है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हाईटेक सिटी, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, लिवर स्पेशलिस्ट और एडवांस्ड थेराप्यूटिक एंडोस्कोपिस्ट व एंडोसोनोलॉजिस्ट, Dr. Naveen Polavarapu बताते हैं कि कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ किसी खास फूड्स को पचाने में दिक्कत शुरू हो सकती है।

क्या उम्र बढ़ने के साथ फूड इनटॉलरेंस हो सकता है?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर नवीन के अनुसार, कुछ प्रकार के फूड इनटॉलरेंस बचपन से नहीं बल्कि बाद की उम्र में भी विकसित हो सकते हैं। इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति सालों तक किसी भोजन को बिना परेशानी के खाता रहा हो, लेकिन बाद में उसी भोजन के सेवन के बाद लक्षण दिखाई देने लगें। हालांकि, हर बार ऐसा होने का कारण फूड इनटॉलरेंस ही हो, यह जरूरी नहीं है। डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी इसी तरह के लक्षण पैदा कर सकती हैं।

  • उम्र बढ़ने के साथ शरीर की डाइजेशन प्रोसेस में कुछ बदलाव आ सकते हैं।
  • कुछ लोगों में किसी खास भोजन को पचाने वाले एंजाइम या उसके फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं।
  • इसका एक उदाहरण लैक्टोज इनटॉलरेंस है। इसमें शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज को पचाने के लिए जरूरी एंजाइम पर्याप्त मात्रा में नहीं बना पाता, जिसके कारण दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स लेने के बाद गैस, पेट फूलना या दस्त हो सकते हैं।

1. बीमारी या इंफेक्शन के बाद फूड इनटॉलरेंस

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर नवीन का कहना है कि कभी-कभी आंतों को प्रभावित करने वाली बीमारी या इंफेक्शन के बाद कुछ समय के लिए भोजन पचाने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को उन फूड्स से भी समस्या महसूस हो सकती है जिन्हें वह पहले आसानी से खाता था। इसलिए अगर किसी बीमारी के बाद अचानक किसी भोजन से परेशानी शुरू हुई है, तो इसे तुरंत फूड इनटॉलरेंस मान लेना सही नहीं है।

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2. गट हेल्थ के कारण इनटॉलरेंस

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर नवीन बताते हैं कि हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम और आंतों की स्थिति भोजन को पचाने और उसके पोषक तत्वों को अवशोषित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आंतों से जुड़ी कुछ समस्याओं के कारण भी खाने के बाद असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए लगातार गैस, पेट फूलना या दस्त होने पर केवल किसी एक फूड को दोष देने के बजाय समस्या के मूल कारण का पता लगाना जरूरी है।

साल 2024 में World Allergy Organization Journal में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, शेलफिश और दूध जैसी फूड एलर्जी वयस्कों और बुजुर्गों में भी बनी रह सकती हैं या जीवन में पहली बार विकसित हो सकती हैं। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि ये एलर्जी उम्र के साथ बनी रहती हैं, लेकिन अधिकांश डेटा लोगों के अपने लक्षणों पर आधारित सर्वेक्षणों से लिया गया है। इस वजह से कभी-कभी दूध की एलर्जी और लैक्टोज इनटॉलरेंस में कंफ्यूजन हो जाता है।

Can Food Intolerance Develop with age

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कौन से लक्षण दिख सकते हैं?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर नवीन के अनुसार, फूड इनटॉलरेंस के लक्षण अक्सर उस भोजन को खाने के बाद दिखाई देते हैं जिसे शरीर ठीक से सहन नहीं कर पाता। इनमें गैस, पेट फूलना, पेट दर्द, मरोड़, मतली और दस्त जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। कुछ लोगों में लक्षण हल्के होते हैं, जबकि कुछ में बार-बार होने के कारण रोजाना के काम प्रभावित हो सकते हैं।

डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर नवीन सलाह देते हैं कि अगर किसी भोजन के बाद बार-बार परेशानी हो रही है, तो उसे हमेशा के लिए डाइट से हटाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। कई लोग गलत भोजन को समस्या की वजह मान लेते हैं और जरूरी फूड्स को भी छोड़ देते हैं जो कि गलत है। डॉक्टर लक्षणों और खानपान की हिस्ट्री देखकर जरूरत के अनुसार फूड डायरी, एलिमिनेशन डाइट या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।

निष्कर्ष

फूड इनटॉलरेंस की समस्या किसी भी उम्र में दिखाई दे सकती है, भले ही वह भोजन पहले कई सालों तक आसानी से खाया गया हो। उम्र के साथ शरीर में बदलाव, कुछ बीमारियां या आंतों से जुड़ी समस्याएं इसकी वजह बन सकती हैं। हालांकि, हर बार खाने के बाद होने वाली परेशानी फूड इनटॉलरेंस नहीं होती। इसलिए लक्षण बार-बार दिखाई दें तो खुद से कई फूड्स को डाइट से हटाने के बजाय डॉक्टर से सही कारण की जांच कराना बेहतर है।

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FAQ

  • क्या अचानक किसी खाने से दिक्कत होना सामान्य है?

    कभी-कभी किसी भोजन के बाद असहजता हो सकती है लेकिन अगर एक ही फूड खाने के बाद बार-बार समान समस्या हो रही है, तो इसके कारण की जांच कराना बेहतर है।
  • क्या फूड इनटॉलरेंस से पेट खराब रहता है?

    अगर जिस फूड से दिक्कत हो और उसका नियमित सेवन जारी रहे, तो कुछ लोगों में पेट खराब होने की समस्या हो सकती है।
  • क्या फूड इनटॉलरेंस कुछ समय के लिए भी हो सकता है?

    कुछ स्थितियों में किसी बीमारी या आंतों की समस्या के बाद भोजन को सहन करने में अस्थायी परेशानी हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 12, 2026 15:13 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu

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