Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

एक हफ्ते तक सॉलिड फूड्स बिल्कुल न खाएं तो क्या होगा? डायटिशियन से जानें

क्या एक हफ्ते तक सॉलिड फूड बिल्कुल न खाने से आपके शरीर पर किसी तरह का नेगेटिव असर पड़ सकता है? अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

आपने देखा होगा कि कई लोग वजन कम करने के लिए पूरी तरह सॉलिड फूड छोड़ देते हैं। इसके बजाय सिर्फ लिक्विड फूड लेना पसंद करते हैं। हालांकि, यह सच है कि वजन का नियंत्रण जरूरी है। बढ़ता वजन कई तरह की बीमारियों का कारण होता है, जैसे डायबिटीज, थायराइड आदि, लेकिन यहां एक सवाल जरूर उठता है कि क्या पूरी तरह सॉलिड फूड छोड़ देना सही होता है और इसका हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है? आइए, जानते हैं नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant -Dietetics वंदना राजपूत की राय।

एक हफ्ते तक सॉलिड फूड न खाएं तो क्या होगा?- Side Effects Of Not Eating Solid Food

what happens if you dont eat solid food for a week 01 (1)

हमारे शरीर को सुचारू ढंग से चलने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना होता है। अगर आप एक हफ्ते तक लगातार सॉलिड फूड का सेवन नहीं करते हैं, तो यह आपकी हेल्थ के लिए सही नहीं है। इससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है। इस संबंध में एक्सपर्ट का कहना है, "अगर कोई लगातार एक हफ्ते तक सॉलिड फूड नहीं खाता है, तो शरीर भुखमरी की स्थिति में पहुंच जाता है। ऐसे में तेजी से वेट लॉस होने लगता है, थकान और कमजोरी भी बढ़ने लगती है। यहां तक कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस हो जाता है।" एनसीबीआई की एक रिपोर्ट बताती है कि कुछ समय के लिए लिक्विड डाइट पर रहने से शरीर का वजन संतुलित रहता है सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में थोड़ी कमी आती है, लेकिन सप्ताह भर इस रूटीन को फॉलो करना सही नहीं है।

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एक हफ्ते तक सॉलिड फूड न खाने के नुकसान

  1. तेजी से वजन में कमीः सॉलिड फूड न खाने से मसल्स लॉस तेजी से होने लगता है। ऐसे में थकान, कमजोरी और हर समय शरीर को ठंड का एहसास बना रहता है।
  2. मेटाबॉलिज्म पर असरः लिक्विड डाइट लेने से शरीर कीटोसिस (3-4 दिन) में चला जाता है। इसका मतलब है कि ग्लूकोज बर्न होने के बजाय फैट में बदल जाता है। इससे मसल्स भी ब्रेकडाउन होने लगती हैं।
  3. पोषक तत्वों की कमीः जाहिर है जब कोई सप्ताह भर सॉलिड फूड से दूर है, तो ऐसे में उनके शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। आपको बता दें कि विटामिन की कमी की वजह से बालों का झड़ना, नाखून टूटना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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निष्कर्ष

अगर कोई वजन कम करने के लिए सॉलिड फूड को पूरी तरह बंद करना चाहता है, तो आप ऐसा बिल्कुल न करें। यह सही नहीं है। किन परिस्थितियों में सिर्फ लिक्विड फूड लेना है, इस बारे में डॉक्टर की राय ले लें। वे आपके डाइट प्लान को इस तरह डिजाइन करेंगे ताकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो। आपको बता दें कि स्वस्थ लोगों को फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे सभी पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनकी कमी होने पर शरीर में कई गंभीर बीमारियां जगह बना सकती हैं।

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FAQ

  • 10 दिन खाना ना खाए तो क्या होगा?

    10 दिनों तक खाना न खाना समझदारी नहीं है। ऐसा किसी को नहीं करना चाहिए। इससे भुखमरी हो सकती है, शरीर पूरी तरह कमजोर हो सकता है और इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • 30 दिन तक रोटी नहीं खाने से क्या होता है?

    30 दिनों के रोटी नहीं खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है, ब्लड शुगर नियंत्रित हो सकता है और पाचन क्षमता में सुधार भी देखा जा सकता है। हालांकि, रोटी छोड़ने के बाद शुरुआती दिनों में थकान, कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • अगर मैं सिर्फ 7 दिन पानी पीऊं तो क्या होगा?

    सिर्फ पानी पीना सेहत के लिए सही नहीं है। इससे निम्न रक्तचाप, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और मांसपेशियों में कमजोर आ सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 28, 2026 10:45 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 28, 2026 10:45 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Vandana Rajput

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