Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

दूध पीते ही पेट खराब हो जाता है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें कहीं आपको Lactose Intolerance तो नहीं

दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स डाइट का अहम हिस्सा होते हैं, क्योंकि इनमें कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन दूध या डेयरी प्रोडक्ट खाने के बाद गैस, पेट दर्द, दस्त या पेट फूलना लैक्टोज इनटॉलरेंस का संकेत हो सकता है। 

क्या दूध पीने के बाद आपका पेट फूलने लगता है, गैस बनने लगती है या पेट में दर्द और असहजता महसूस होती है? कई लोग इन समस्याओं को सामान्य पाचन की परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह लैक्टोज इनटॉलरेंस का संकेत हो सकता है। आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, लैक्टोज इनटॉलरेंस को दूध से एलर्जी समझना सही नहीं है। दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं और इनके लक्षण भी अलग हो सकते हैं। आइए जानते हैं लैक्टोज इनटॉलरेंस के कौन-कौन से संकेत हो सकते हैं और किन बातों का ध्यान रखकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

लैक्टोज इनटॉलेरेंस के संकेत

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा बताते हैं कि लैक्टोज इनटॉलरेंस में छोटी आंत पर्याप्त मात्रा में लैक्टेज (Lactase) एंजाइम नहीं बना पाती। यह एंजाइम दूध में मौजूद लैक्टोज नामक शुगर को पचाने में मदद करता है। जब लैक्टोज पूरी तरह नहीं पच पाता, तो पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

लैक्टोज दूध में पाया जाने वाली नेचुरल शुगर है। इसे पचाने के लिए शरीर को लैक्टेज एंजाइम की जरूरत होती है। जिन लोगों में यह एंजाइम कम मात्रा में बनता है, उनमें दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन के बाद लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह समस्या हर व्यक्ति में अलग-अलग लेवल की हो सकती है। कुछ लोग थोड़ी मात्रा में दूध आसानी से सहन कर लेते हैं, जबकि कुछ लोगों में कम मात्रा लेने पर भी परेशानी हो सकती है। लैक्टोज इनटॉलरेंस के लक्षण आमतौर पर दूध या डेयरी प्रोडक्ट खाने के कुछ समय बाद दिखाई देते हैं।

  • पेट में दर्द या ऐंठन
  • पेट में गड़गड़ाहट की आवाज
  • गैस बनना
  • पेट फूलना
  • दस्त की समस्या
  • मतली महसूस होना

हर व्यक्ति में इन लक्षणों की गंभीरता अलग हो सकती है। कुछ लोगों को केवल ज्यादा मात्रा में डेयरी लेने पर परेशानी होती है।

क्या लैक्टोज इनटॉलरेंस और दूध से एलर्जी एक ही है?

डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, लैक्टोज इनटॉलरेंस और दूध से एलर्जी दोनों समस्याएं अलग-अलग होती हैं। लैक्टोज इनटॉलरेंस में शरीर दूध की शुगर को पचाने में असमर्थ होता है, जबकि दूध से एलर्जी में शरीर की इम्यून सिस्टम दूध के प्रोटीन के प्रति रिएक्ट करता है। दूध से एलर्जी में स्किन पर रैश, सांस लेने में परेशानी या सूजन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जो लैक्टोज इनटॉलरेंस में आमतौर पर नहीं होते।

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Signs of Lactose Intolerance

लैक्टोज इनटॉलरेंस की जांच कैसे होती है?

साल 2025 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लैक्टोज इनटॉलरेंस की पहचान मुख्य रूप से मरीज के लक्षणों को देखकर की जाती है। हालांकि, स्थिति को पूरी तरह समझने के लिए कुछ टेस्ट किए जाते हैं।

1. सांस और खून की जांच

हाइड्रोजन ब्रीथ टेस्ट सांस में हाइड्रोजन का लेवल मापकर लैक्टोज न पचने की पुष्टि करता है। वहीं, लैक्टोज टॉलरेंस टेस्ट और मिल्क टॉलरेंस टेस्ट दूध या लैक्टोज पीने के बाद खून में ग्लूकोज के लेवल की जांच करते हैं।

2. मल की जांच

बच्चों में स्टूल एसिडिटी टेस्ट के जरिए यह देखा जाता है कि पेट में अनपचा लैक्टोज एसिड तो नहीं बना रहा है।

3. बायोप्सी और जेनेटिक्स

स्मॉल बाउल बायोप्सी एक दर्दनाक या आक्रामक जांच है, जिसे सीलिएक रोग जैसी अन्य गंभीर समस्याओं का पता लगाने के लिए बहुत कम इस्तेमाल किया जाता है।

4. जेनेटिक्स

जेनोटाइपिंग डीएनए पर आधारित एक नई जांच है, जो वर्तमान में जर्मनी और नॉर्डिक देशों में काफी फेमस हो रही है।

डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर शरद मल्होत्रा बताते हैं कि यदि दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स से परेशानी होती है, तो कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है-

  • अपनी सहन क्षमता के अनुसार डेयरी का सेवन करें।
  • कम मात्रा में डेयरी लेना कुछ लोगों के लिए बेहतर हो सकता है।
  • लैक्टोज-फ्री दूध का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कैल्शियम और विटामिन D के अन्य सोर्स को डाइट में शामिल करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के पूरी तरह डेयरी बंद न करें।

यदि दूध या डेयरी लेने के बाद बार-बार पेट दर्द, दस्त, वजन कम होना, खून आना या लंबे समय तक पाचन संबंधी परेशानी बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। कई बार IBS, फूड इनटॉलरेंस या अन्य पाचन समस्याओं के लक्षण भी लैक्टोज इनटॉलरेंस जैसे लग सकते हैं। इसलिए सही कारण जानना जरूरी होता है।

निष्कर्ष

लैक्टोज इनटॉलरेंस में दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स को पचाने में परेशानी हो सकती है, जिसके कारण गैस, पेट दर्द, ब्लोटिंग और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में इसकी गंभीरता अलग होती है। अपनी डाइट में सही बदलाव, लक्षणों की पहचान और डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।

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FAQ

  • क्या लैक्टोज इनटॉलरेंस जन्म से होता है?

    जरूरी नहीं है कि लैक्टोज इनटॉलरेंस जन्म से हो। कुछ लोगों में यह आनुवंशिक कारणों से हो सकता है, जबकि कई लोगों में उम्र बढ़ने या आंतों से जुड़ी समस्याओं के बाद लैक्टोज पचाने की क्षमता कम हो सकती है।
  • क्या बच्चों में भी लैक्टोज इनटॉलरेंस हो सकता है?

    बच्चों में भी यह समस्या हो सकती है, लेकिन इसके लक्षणों और कारणों को समझने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।
  • क्या लैक्टोज इनटॉलरेंस ठीक हो सकता है?

    कुछ मामलों में तो सुधार हो सकता है लेकिन कई लोगों में यह लंबे समय तक बना रह सकता है और डाइट मैनेजमेंट की जरूरत होती है।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 21:54 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra

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