Thu Oct 15, 2026 | 10:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shashank MS , Consultant – Urology & Renal Transplant

पॉटी में खून आता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

पॉटी के साथ ब्‍लड न‍िकलने के पीछे केवल बवासीर नहीं होता, बल्‍क‍ि इसके पीछे इंटेस्‍टाइनल या पाचन संबंध‍ित बीमारि‍यां भी हो सकती हैं। डॉक्‍टर से जानें कारण और इलाज।
पॉटी में खून आता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण, लक्षण और इलाजपॉटी में खून आता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

मल या स्‍टूल में ब्‍लड आने की समस्‍या को सामान्‍य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाह‍िए। इसके पीछे बवासीर, एनल फ‍िशर (Anal Fissure), कब्‍ज या मल त्‍याग के दौरान ज्‍यादा जोर लगाने जैसे कारण हो सकते हैं। आंतों में इंफेक्‍शन, इंफ्लेमेटरी बाउल ड‍िजीज, पेट या आंत में अल्‍सर, कुछ मामलों में आंतों का कैंसर होने पर भी मल में ब्‍लड नजर आ सकता है। डॉक्‍टर से जानें स्‍टूल में ब्‍लड के अन्‍य संकेत और इलाज। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shashank M S, Consultant- Urology And Renal Transplant, Aster CMI Hospital, Bangalore से बात की।

Dr. Shashank M S, Consultant- Urology And Renal Transplant ने कहा, ''स्‍टूल में ब्‍लड आना खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है। इसलिए इसे केवल बवासीर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर खून बार-बार या बिना किसी स्पष्ट कारण के आ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।''

ब्‍लड के रंग पर गौर करें

Dr. Shashank M S ने बताया क‍ि ब्‍लड का रंग भी कुछ संकेत दे सकता है। चमकीला लाल ब्‍लड आमतौर पर गुदा या मलाशय के आसपास से ब्लीडिंग की ओर संकेत करता है, जबकि गहरा लाल खून या काला और तारकोल जैसा मल पाचन तंत्र के ऊपरी हिस्से में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। कई बार ब्‍लड टॉयलेट पेपर पर साफ दिखाई देता है, मल में मिला हुआ होता है या इतनी कम मात्रा में होता है कि केवल स्टूल टेस्ट से ही पता चलता है। इसलिए केवल ब्‍लड के रंग या दिखने के आधार पर सही कारण का पता नहीं लगाया जा सकता।

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आंत में संक्रमण, बवासीर, एनल फ‍िशर की संभावना

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  • अगर मल त्याग के दौरान दर्द, गुदा में खुजली या गांठ महसूस हो, तो बवासीर या एनल फिशर की संभावना हो सकती है।
  • वहीं, पेट दर्द, दस्त, बुखार, मल में म्यूकस, बार-बार मल की आदत बदलना, बिना कारण वजन कम होना, थकान या बार-बार खून आना किसी संक्रमण, सूजन या दूसरी आंतों की समस्या का संकेत हो सकता है।
  • अगर मल काला, चिपचिपा जैसा हो, खून की उल्टी हो, तेज पेट दर्द, चक्कर, बेहोशी, दिल की धड़कन तेज होना या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, तो तुरंत डॉक्‍टर से मदद लेना चाह‍िए।

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से संबंध‍ित कारण

Johns Hopkins Medicine के मुताब‍िक, पाचन तंत्र, जिसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) ट्रैक्ट भी कहा जाता है, में भोजन की नली, पेट, छोटी आंत, बड़ी आंत, मलाशय और गुदा शामिल होते हैं। इनमें से किसी भी हिस्से से ब्लीडिंग हो सकती है। यह पेट की अंदरूनी परत पर बने छोटे अल्सर से हो सकती है या बड़ी आंत में होने वाली सूजन जैसी समस्या के कारण भी हो सकती है। कई बार पाचन तंत्र में ब्लीडिंग इतनी कम होती है कि व्यक्ति को इसका पता ही नहीं चलता। इसे ऑकल्ट या छिपी हुई ब्‍लीड‍िंग कहा जाता है। ऐसे मामलों में स्टूल टेस्ट की मदद से मल में छिपे ब्‍लड का पता लगाया जा सकता है।

MedlinePlus के मुताब‍िक, अगर स्‍टूल में ब्‍लड है और नजर नहीं आ रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे पॉलीप यानी मलाशय की अंदरूनी परत पर असामान्‍य ग्रोथ, डायवर्टीकुलोसिस (बड़ी आंत की दीवार में छोटी-छोटी थैलियां) वगैरह।

पॉटी में ब्‍लड की जांच

डॉक्‍टर की सलाह पर ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट, रेक्टल जांच, कोलोनोस्कोपी या अन्य जांच करा सकते हैं।

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पॉटी में ब्‍लड का इलाज

  • पॉटी में ब्‍लड आने का इलाज, पूरी तरह उसके कारण पर न‍िर्भर करता है। अगर व्‍यक्‍त‍ि को कब्‍ज या बवासीर है, तो फाइबर र‍िच फूड्स का सेवन और पानी की मात्रा को हल्‍का बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
  • साथ ही व्‍यक्‍त‍ि को मल त्‍याग के दौरान जोर लगाने से बचने की सलाह भी दी जाती है।
  • इंफेक्‍शन या आंतों की सूजन के ल‍िए डॉक्‍टर दवाएं देते हैं।
  • अल्‍सर या पॉलीप जैसी समस्‍याओं में अलग इलाज क‍िया जाता है।
  • स्‍टूल में ब्‍लड आने पर एंटीबायोट‍िक्‍स न लें क्‍योंक‍ि इंटेस्‍टाइन के सभी संक्रमण में एंटीबायोट‍िक्‍स की जरूरत नहीं होती है।

न‍िष्‍कर्ष:

स्‍टूल में ब्‍लड आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे- बवासीर, एनल फ‍िशर, कब्‍ज या मल त्‍याग के दौरान ज्‍यादा जोर लगाना, आंतों में इंफेक्‍शन, इंफ्लेमेटरी बाउल ड‍िजीज, पेट या आंत में अल्‍सर, कुछ मामलों में आंतों का कैंसर वगैरह। इलाज के ल‍िए डॉक्‍टर दवाओं, फाइबर फूड्स, पर्याप्‍त पानी पीने की सलाह देते हैं। कारण के आधार पर इलाज क‍िया जाता है। स्‍टूल में ब्‍लड आने पर डॉक्‍टर की सलाह के बगैर एंटीबायोटि‍क दवाओं का सेवन करने से बचना चाह‍िए।

FAQ

  • काला मल किस चीज का संकेत है?

    काला या तारकोल जैसा मल पाचन तंत्र के ऊपरी हिस्से में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है और इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
  • स्टूल में ब्लड के साथ कौन से लक्षण गंभीर माने जाते हैं?

    बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, काला मल, तेज पेट दर्द, चक्कर, बेहोशी, कमजोरी, बुखार या बिना कारण वजन कम होना गंभीर संकेत हो सकते हैं।

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  • Current Version

    Aug 14, 2026 17:08 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shashank MS