Tue Sep 29, 2026 | 02:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kapil Sharma , Group Director - Gastroenterology & Advanced Endoscopy

पॉटी में बलगम (च‍िपच‍िपा पदार्थ) द‍िखता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण और इलाज 

म्यूकस एक गाढ़ा, जेली जैसा पदार्थ होता है। यह कई बार स्‍टूल के साथ अध‍िक मात्रा में शरीर से बाहर न‍िकलता है। इसके पीछे पाचन तंत्र की गड़बड़ी या आंतों में सूजन जैसे कारण हो सकते हैं। डॉक्‍टर से अन्‍य कारणों को समझते हैं।
पॉटी में बलगम (च‍िपच‍िपा पदार्थ) द‍िखता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण और इलाज 
पॉटी में बलगम (च‍िपच‍िपा पदार्थ) द‍िखता है? डॉक्‍टर से जानें इसके कारण और इलाज 

हमारे शरीर में म्‍यूकस मेंब्रेन, म्‍यूकस (च‍िपच‍िपे पदार्थ) को बनाती है। यह इसल‍िए बनता है ताक‍ि स्‍टूल आसानी से शरीर से बाहर न‍िकल जाए। म्‍यूकस हमारे आंतों को इंफेक्‍शन से भी बचाता है। म्‍यूकस जो सामान्‍य तरीके से स्‍टूल के साथ पास होता है, वह आंखों से नजर नहीं आता है, लेक‍िन कुछ कंडीशन में म्‍यूकस ज्‍यादा बनने लग जाता है। कई मरीज जब स्‍टूल पास करने जाते हैं, तो स्‍टूल कम पास होता है और म्‍यूकस ज्‍यादा न‍िकलता है। मरीजों को म्‍यूकस कई बार मोटे जेली फॉर्म में नजर आता है। डॉक्‍टर से जानते हैं मल में म्‍यूकस आने के कारण और इलाज। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Kapil Sharma, Gastroenterologist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

Mayo Clinic के मुताब‍िक, मल में थोड़ी मात्रा में म्यूकस होना आमतौर पर चिंता की बात नहीं मानी जाती है, लेकि‍न अगर आपको मल में म्यूकस की मात्रा ज्‍यादा दिखे, तो यह आंतों का कोई संक्रमण हो सकता है। मल में खून वाला म्यूकस या पेट दर्द के साथ म्यूकस का आना क्रोहन रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है।

मल में म्‍यूकस आने के कारण 

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1. इंफेक्‍शन

आंतों में बैक्‍टीर‍ियल, वायरल या पैरास‍िट‍िक इंफेक्‍शन के कारण ऐसा हो सकता है।

2. आईबीएस और आईबीडी

Gastroenterologist Dr. Kapil Sharma ने बताया क‍ि कई बीमार‍ियों में म्‍यूकस अध‍िक बन सकता है जैसे आईबीएस यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और आईबीडी यानी इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज। आईबीडी की दो कंडीशन ज‍िसमें आंतों की सूजन के कारण मल के साथ म्‍यूकस आने की समस्‍या हो सकती है-
1. क्रोहन रोग (Crohn's Disease) में आंतों में सूजन हो जाती है और इससे पाचन तंत्र भी प्रभाव‍ित होता है। यह भी ज्‍यादा म्‍यूकस का एक कारण हो सकता है।
2. बड़ी आंत और मलाशय में सूजन या घाव की कंडीशन यानी अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) में भी मल के साथ अध‍िक म्‍यूकस बनने की समस्‍या कुछ मामलों में हो सकती है।

3. फैटी या स्पाइसी फूड्स का सेवन

ज‍िन चीजों में म‍िर्च, मसाले, फैट ज्‍यादा होते हैं उसे खाकर भी मल के साथ अध‍िक म्‍यूकस बनने की समस्‍या हो सकती है।

4. फूड एलर्जी

अगर व्‍यक्‍त‍ि को कोई फूड एलर्जी है जैसे म‍िल्‍क एलर्जी है, तो वो खाने पर इंटेस्‍टाइन ट्र‍िगर हो सकता है और मल के साथ म्‍यूकस अध‍िक मात्रा में न‍िकल सकता है।

5. क्रॉन‍िक कब्‍ज

लंबे समय से कब्‍ज की शि‍कायत है, तो आंतों में मल के साथ म्‍यूकस भी जमा हो जाता है और स्‍टूल पास करने के दौरान ज्‍यादा मात्रा में म्‍यूकस न‍िकलता है।

6. ड‍िहाइड्रेशन

जो लोग ड‍िहाइड्रेशन के श‍िकार होते हैं उन्‍हें भी मल के साथ अध‍िक मात्रा में म्‍यूकस आने की समस्‍या हो सकती है।

7. सिस्टिक फाइब्रोसिस

सिस्टिक फाइब्रोसिस में पूरे शरीर में ज्‍यादा म्‍यूकस बनने लगता है। इस कंडीशन में कई बार आंतों में भी ज्‍यादा म्‍यूकस बनने लगता है और स्‍टूल के साथ नजर आता है।

8. प्रोक्टाइटिस

प्रोक्टाइटिस (Proctitis) या पाइल्‍स होने पर भी स्‍टूल के साथ अध‍िक मल नजर आ सकता है।

9. पैक्‍ड फूड्स का सेवन

पैक्‍ड फूड्स में प्रि‍जर्वेट‍िव्‍स की मात्रा ज्‍यादा होती है ज‍िसका ज्‍यादा सेवन करने के कारण भी आंतों की सेहत को नुकसान पहुंचता है और मल में म्‍यूकस अध‍िक द‍िख सकता है।

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मल में म्यूकस हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता

साल 2023 में Mucus In Stool Handle- With Care नामक एक केस र‍िपोर्ट के मुताब‍िक, 20 साल के युवक को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) के लक्षण के अलावा मल के साथ अध‍िक मात्रा में म्‍यूकस आ रहा था। व्‍यक्‍त‍ि को कैंसर का अंदेशा था। डॉक्‍टर की सलाह पर कोलोनोस्कोपी की गई और कैंसर नहीं न‍िकला। इस केस स्‍टडी के न‍िष्‍कर्ष में डॉक्‍टरों ने सलाह दी क‍ि हर केस में मल में अध‍िक मात्रा में म्‍यूकस का कारण कैंसर नहीं होता। इसल‍िए लक्षणों की जांच करानी चाह‍िए ताक‍ि सही कारण का पता चल सके।

मल के साथ म्‍यूकस आने पर ये सावधान‍ियां बरतें

Dr. Kapil Sharma ने कहा, ''मल के साथ म्‍यूकस आने पर डॉक्‍टर की सलाह पर कारण का पता लगाकर इलाज और दवाओं का सेवन शुरू करें। इस दौरान ड‍िहाइड्रेशन से बचें। पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें ताक‍ि पाचन सही रहे। इस तरह कब्‍ज से बचने में मदद म‍िलेगी और म्‍यूकस फॉर्मेशन कम होगा।''

  • फाइबर र‍िच फूड्स का सेवन पाचन और आंतों की सेहत के ल‍िए फायदेमंद होता है इसल‍िए इसे डॉक्‍टर की सलाह पर डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं। हालांक‍ि, मानसून सीजन में हरी सब्‍ज‍ियां खा सकते हैं, लेक‍िन हरी पत्तेदार सब्‍जी जैसे पालक या पत्ता गोभी के सेवन से बचें। इनमें बार‍िश के द‍िनों में कीड़े हो सकते हैं।
  • प्रोबायोट‍िक्‍स फूड्स जैसे दही, योगर्ट का सेवन करें। इससे आंतों की सेहत बेहतर होगी और स्‍टूल पास करने में आसानी होगी।
  • मल के साथ म्‍यूकस आ रहा है, तो बाहर का खाना लेने से बचें। इस दौरान घर का बना ताजा भोजन ही खाएं।
  • स्‍ट्रेस भी इंटेस्‍टाइन पर बुरा असर डालता है इसल‍िए बचाव के ल‍िए डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज और योग की मदद लें।

मल में म्‍यूकस की जांच

  • रेक्‍टल एग्‍जाम‍िनेशन
  • स्‍टूल टेस्‍ट
  • ब्‍लड टेस्‍ट
  • अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या एमआरआई
  • एंडोस्कोपिक टेस्ट

मल के साथ अध‍िक म्‍यूकस आने का इलाज

  • डॉक्‍टर लक्षणों की जांच करके एंटीबायोट‍िक्‍स या एंटीइंफ्लेमेटरी दवाएं दे सकते हैं।
  • आईबीडी जैसी कंडीशन में मरीज को लंबे समय तक दवाएं लेनी होती हैं।
  • पाचन मामलों में डॉक्‍टर फाइबर फूड्स और पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह देते हैं।

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मल के साथ म्‍यूकस आना कब च‍िंता की बात है?

  • अगर मल के साथ म्‍यूकस आए और साथ में कोई अन्‍य लक्षण न द‍िखें, तो समस्‍या कम गंभीर मानी जाती है। यह कुछ समय में ठीक भी हो सकती है। कम मात्रा में म्‍यूकस के पीछे अक्‍सर कब्‍ज या खानपान से जुड़ी गलती हो सकती है।
  • अगर मल में खून वाला म्‍यूकस द‍िखे, साथ में वजन घट जाए, थकान हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। साथ ही ज्‍यादा मात्रा में म्‍यूकस का द‍िखना भी बीमारी के गंभीर स्‍टेज का संकेत हो सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

मल में म्‍यूकस आने के पीछे इंफेक्‍शन, आईबीएस, आईबीडी, फैटी या स्पाइसी फूड्स का सेवन, फूड एलर्जी, क्रॉन‍िक कब्‍ज, ड‍िहाइड्रेशन, सिस्टिक फाइब्रोसिस, प्रोक्टाइटिस, पैक्‍ड फूड्स का अध‍िक सेवन जैसे कारण हो सकते हैं। मल में म्‍यूकस का कारण हमेशा कैंसर नहीं होता और हर बार यह गंभीर स्‍थ‍ित‍ि का लक्षण हो ऐसा भी जरूरी नहीं है, लेक‍िन मल के साथ ज्‍यादा मात्रा में म्‍यूकस आए, साथ में ब्‍लड न‍िकले, थकान या कमजोरी हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार स्टूल टेस्ट, ब्लड टेस्ट या अन्य जांच करा सकते हैं। कारण के मुताब‍िक डॉक्‍टर दवाएं, फाइबर फूड्स और पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीने की सलाह दे सकते हैं।

FAQ

  • मल में म्‍यूकस आने पर दर्द भी होता है?

    कभी-कभी मल में म्‍यूकस आने की समस्‍या दर्द के बगैर भी हो सकता है। पाचन संबंध‍ित समस्‍या होने पर पेट दर्द महसूस हो सकता है।
  • डाइट में बदलाव करके मल में म्‍यूकस ठीक हो जाता है?

    हां, कई बार ज्‍यादा म‍िर्च-मसाले या प्रोसेस्‍ड फूड्स के सेवन से भी मल के साथ अध‍िक म्‍यूकस नजर आ सकता है और हेल्‍दी डाइट और ड‍िहाइड्रेशन से बचाव इसे रोकने में मदद कर सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Aug 14, 2026 14:16 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kapil Sharma