Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharadhi C , Consultant – Psychiatrist

Dopamine: खुशी में भी खुश नहीं महसूस होने देती इस हार्मोन की कमी, जानें शरीर में इसे बैलेंस रखने का तरीका

आजकल लोग हैप्पी हार्मोन के बारे में खूब बात करते हैं और ये जरूरी भी है क्योंकि ये हार्मोन आपको एक खुशमिजाज इंसान बनाता है लेकिन तब क्या होगा जब शरीर में इसकी कमी होगी? जानते हैं डॉक्टर की राय।

डोपामाइन क्या है? आमतौर पर लोगों में इसे लेकर जानकारी की कमी है जबकि ये बेहद जरूरी है कि आप जानें कि खुश रहने के लिए आपके शरीर के हार्मोन्स का हेल्दी रखना बेहद जरूरी है। पर सवाल ये है कि ये हार्मोन है क्या? इसका सही रहना आपकी सेहत पर कैसा असर डाल सकता है और इसकी कमी में शरीर में कौन से लक्षण नजर आते हैं और इसे कैसे बैलेंस रखें, जानते हैं इस बारे में विस्तार से Dr. Sharadhi C, Consultant – Psychiatry, Aster CMI Hospital, Bangalore से

क्या है डोपामाइन और क्यों जरूरी है?

Dr. Sharadhi C कहते हैं डोपामाइन एक केमिकल मैसेंजर या न्यूरोट्रांसमीटर है, जो दिमाग और शरीर के दूसरे हिस्सों में बनता है। यह दिमाग को अच्छे अनुभवों को पहचानने में मदद करता है और हमें ऐसे काम दोहराने के लिए प्रेरित करता है जो हमारी भलाई के लिए अच्छे हों, साथ ही यह शरीर के कई कामों को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। इसके अलावा इसकी वजह से आप

  • मोटिवेशन
  • खुशी
  • इनाम
  • ध्यान
  • सीखने और याददाश्त
  • मूवमेंट
  • मूड और नींद आदि महसूस कर पाते हैं।

डोपामाइन की कमी होने पर क्या होता है?

Dr. Sharadhi C डोपामाइन की कमी होने पर शरीर में कई प्रकार के लक्षण नजर आते हैं। जब डोपामाइन की एक्टिविटी बहुत कम हो जाती है या डोपामाइन सिस्टम ठीक से काम नहीं करता है, तो

  • व्यक्ति का मोटिवेशन कम हो जाता है और किसी भी काम को करने के लिए कॉन्फिडेंस की कमी महसूस होती है।
  • शरीर में लगातार थकान महसूस होती है और कई बार अच्छे से आराम करने के बाद भी शरीर थका हुआ महसूस करता है।
  • ध्यान न लगा पाना भी डोपामाइन की कमी का ही लक्षण है।
  • किसी भी चीज में दिलचस्पी या खुशी महसूस न करना भी डोपामाइन की कमी का लक्षण हो सकता है।
  • मूड में बदलाव और अचानक से कभी गुस्सा तो कभी शांति महसूस करना भी डोपामाइन की कमी का संकेत हो सकता है।
  • नींद की समस्या और कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों में मूवमेंट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

PubMed Central के इस रिसर्च की मानें तो इसकी वजह से आपको पार्किंसंस रोग भी हो सकता है। इसके अलावा Clevelandclinic.org के अनुसार डोपामाइन कम होने पर हाथों का कांपना या आराम की स्थिति में अन्य कंपन, अंगों में अकड़न, मांसपेशियों में ऐंठन और हर समय रहने वाली बेचैनी महसूस हो सकती है। कई बार इससे बार-बार गुस्सा आना, आत्मसम्मान की कमी, चिंता, भूलने की बीमारी, स्किज़ोफ्रेनिया जैसी बींमारी भी हो सकती है। इसके अलावा आपको कब्ज की समस्या भी हो सकती है।

dopamine

इसे भी पढ़ें: नींद की कमी से घट जाते हैं एक्‍सरसाइज के नतीजे, एक्‍सपर्ट से समझें यह क्‍यों है जरूरी?

डोपामाइन की कमी होती क्यों है?

  • डोपामाइन की कमी कई कारणों हो सकती है जैसे लो प्रोटीन इंटेक के कारण जिसकी कमी आपके हार्मोन्स को काफी नुकसान पहुंचाती है।
  • शरीर में आयरन, विटामिन बी6, फोलेट और मैग्नीशियम की कमी भी डोपामाइन की कमी का लक्षण हो सकता है।
  • ज्यादा स्ट्रेस लेने से भी ये दिक्कत होने लगती है।
  • नींद की कमी भी डोपामाइन की कमी का कारण बन सकता है।
  • ज्यादा तेल-मसाले वाली चीजों का सेवन भी डोपामाइन की कमी का कारण बन सकती है।
  • डिप्रेशन, दवाओं या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के कारण भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • पार्किसन बीमारी के कारण भी डोपामाइन की कमी हो सकती है।

डोपामाइन की कमी से कैसे बचें?

Dr. Sharadhi C बताते हैं कि डोपामाइन के लेवल को सुरक्षित रूप से बढ़ाने या इसकी कमी को ठीक करने का कोई आसान टेस्ट या एक खास खाना नहीं है। इसलिए, सबसे अच्छा तरीका है कि इसकी असल वजह का पता लगाकर उसका इलाज किया जाए। साथ ही कुछ चीजें हैं जिन्हें फॉलो किया जा सकता है। जैसे

-अच्छी आदतें जैसे रेगुलर एक्सरसाइज करना डोपामाइन की कमी से बचा सकता है।
- पूरी नींद लेना डोपामाइन की कमी से बचा सकता है।
-नैचुरल रोशनी में समय बिताना, स्ट्रेस मैनेजमेंट, लोगों से मिलना-जुलना और प्रोटीन व न्यूट्रिएंट्स से भरपूर बैलेंस्ड डाइट डोपामाइन के नॉर्मल काम में मदद कर सकती हैं।
-इसके अलावा प्रोटीन वाले खाने से टायरोसिन जैसे अमीनो एसिड मिलते हैं, जिनका इस्तेमाल शरीर डोपामाइन बनाने में करता है।

इसे भी पढ़ें: 10 मिनट के योग निद्रा से पूरी हो सकती है आपकी अधूरी नींद की कमी, एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

निष्कर्ष:

लेकिन, डॉक्टर की सलाह के बिना डोपामाइन बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट्स या दवाएं नहीं लेनी चाहिए। अगर मूड बहुत खराब रहना, किसी चीज में मन न लगना, ध्यान लगाने में बहुत ज़्यादा दिक्कत या चलने-फिरने में बदलाव जैसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

FAQ

  • क्या खाने से डोपामाइन बढ़ेगी?

     डोपामाइन बढ़ाने के लिए आपको टायरोसिन (Tyrosine) नामक अमीनो एसिड से चाहिए और इसके लिए अंडे, दूध, पनीर, चिकन, मछली, बादाम और बाकी ड्राई फ्रूट्स खाएं।
  • डोपामाइन हार्मोन कब रिलीज होता है

    डोपामाइन हार्मोन तब रिलीज होता है जब आप खुश रहते हैं। इसके अलावा एक्सरसाइज करने से या घूमने से भी आप इस हैप्पी हार्मोन को महसूस कर सकते हैं।

Read Next

रंगों में फर्क समझना हो जाता है मुश्किल? डॉक्टर से जानें कलर ब्लाइंडनेस के 5 कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 13, 2026 18:42 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Aug 13, 2026 18:42 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Sharadhi C

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content