Fri Sep 11, 2026 | 09:53 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

नींद की कमी से घट जाते हैं एक्‍सरसाइज के नतीजे, एक्‍सपर्ट से समझें यह क्‍यों है जरूरी?

क्‍या एक्‍सरसाइज करने के बाद भी आपको नतीजे नजर नहीं आते? इसका एक कारण नींद की कमी भी हो सकती है। अधूरी नींद के साथ एक्‍सरसाइज करना न करने के बराबर है। इससे न तो आपकी स्‍ट्रेंथ बढ़ती है और न ही नतीजे नजर आते हैं।

कई लोग यह श‍िकायत करते हैं क‍ि एक्‍सरसाइज करने के बाद भी उन्‍हें वो नतीजे नजर नहीं आते, जो क‍िसी और के शरीर पर द‍िखते हैं। कई लोग तो यह तक कहते हैं क‍ि एकदम सही रूटीन फॉलो करने के बाद भी एक्‍सरसाइज से पर‍िणाम नहीं म‍िले। क्‍या कभी आपने सोचा है क‍ि इसका कारण नींद की कमी हो सकती है। नींद और एक्‍सरसाइज का गहरा संबंध है। दोनों को एक-दूसरे से सपोर्ट म‍िलता है। अच्‍छी नींद लेकर एक्‍सरसाइज अच्‍छी होती है और एक्‍सरसाइज करके नींद अच्‍छी आती है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (Centers For Disease Control And Prevention) की मानें, तो नींद की कमी से मानस‍िक समस्‍याएं और मोटापे जैसी बीमार‍ियां हो सकती हैं। न‍ियम‍ित नींद से सेहत अच्‍छी रहती है और बीमार‍ियों का खतरा दूर होता है। इस लेख में जानेंगे क‍ि एक्‍सरसाइज के ल‍िए नींद क्‍यों जरूरी है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

नींद की कमी से एक्‍सरसाइज के दौरान एनर्जी नहीं रहती

अगर आप नींद पूरी क‍िए बगैर एक्‍सरसाइज करेंगे, तो शरीर में एनर्जी लेवल लो होने के कारण सुस्‍ती आएगी और एक्‍सरसाइज में मन नहीं लगेगा। नींद की कमी से शरीर को ऑक्‍सीजन का इस्‍तेमाल करने में मुश्‍क‍िल होती है और आप पूरी क्षमता के साथ एक्‍सरसाइज नहीं कर पाते हैं इसल‍िए नींद की कमी से बचना जरूरी है।

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नींद पूरी नहीं तो वेट लॉस नहीं

अगर एक्‍सरसाइज की मदद से वजन घटाने का प्रयास कर रहे हैं, तो अन‍िद्रा से बचें। नींद की कमी से शरीर में भूख को बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेल‍िन बढ़ता है और पेट भरने का संकेत देने वाला हार्मोन लेप्टिन घटता है। इस वजह से व्‍यक्‍त‍ि ज्‍यादा खाने लगता है और वो ज्‍यादा कैलोरी और मीठी चीजें खाने लगता है। इससे आप चाहे ज‍ितना एक्‍सरसाइज कर लें, वजन कम नहीं होता।

नींद की कमी से मसल्‍स र‍िकवरी नहीं हो पाती

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एक्‍सरसाइज के दौरान मसल्‍स लॉस होती हैं। इन्‍हें र‍िपेयर करने के ल‍िए आराम की जरूरत होती है। ज‍िस तरह एक्‍सरसाइज शरीर के ल‍िए जरूरी है उसी तरह नींद भी जरूरी है। गहरी नींद से शरीर ग्रोथ हार्मोन र‍िलीज करता है जि‍ससे मसल्‍स की मरम्‍मत होती है और ग्रोथ में मदद म‍िलती है। नींद पूरी न होने पर मसल्‍स की र‍िकवरी धीमी हो जाती है।

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नींद कैसे पूरी करें?- How To Complete Your Sleep Cycle

  • Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि आज के समय में स्‍ट्रेस इतना बढ़ गया है क‍ि लोगों के ल‍िए नींद पूरी करना क‍िसी म‍िशन से कम नहीं है। स्‍ट्रेस कंट्रोल करने के ल‍िए समय पर सोना जरूरी है। पायल ने बताया क‍ि वह सलाह देती हैं क‍ि रोज सात से आठ घंंटे की नींद पूरी करनी चाह‍िए। नींद पूरी करने के ल‍िए मसाज थेरेपी बहुत काम आती है। गुनगुने ऑयल से बॉडी की मसाज करके सोएं, तो जल्‍दी सो पाएंगे।
  • साथ ही खाने और सोने के बीच तीन से चार घंटों का गैप रखें। खाने के तुरंत बाद सोएंगे, तो नींद नहीं आएगी। रात के खाने को हल्‍का रखें। अनाज खाने के बजाय प्रोटीन या फाइबर का सेवन करें। वेज‍िटेर‍ियन सूप या सलाद का सेवन भी कर सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

नींद की कमी से शरीर में कमजोरी महसूस होगी, एक्‍सरसाइज करने का मन नहीं होगा, वजन कम नहीं हो पाएगा, स्‍टैम‍िना नहीं बढ़ेगा और एक्‍सरसाइज के नतीजे नजर नहीं आएंगे इसल‍िए रोज कम से कम सात से आठ घंटों की नींद जरूर लें।

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FAQ

  • नींद की कमी के क्‍या नुकसान हैं?

    नींद की कमी से फोकस करने में परेशानी होती है, हर समय थकान और सुस्‍ती महसूस होती है, इम्‍यून‍िटी कमजोर हो जाती है, हर समय च‍िड़च‍िड़ापन महसूस होता है और एक्‍सरसाइज के नतीजे कमजोर हो सकते हैं। 
  • रोज क‍ितने घंटे सोना चाह‍िए?

    अगर आपकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, तो रोज सात से आठ घंटों की नींद जरूर लेनी चाह‍िए। वहीं 13 से 17 साल के क‍िशोरों को आठ से दस घंटे सोना चाह‍िए। 
  • नींद पूरी होने के फायदे क्‍या हैं?

    नींद पूरी होने से हार्मोन्‍स संतुल‍ित रहते हैं, हार्मोन्‍स संतुल‍ित रहते हैं, तो शरीर बीमार‍ियों से दूर रहता है। नींंद पूरी होने से ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है और वेट मैनेजमेंट में भी मदद म‍िलती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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