Fri Sep 11, 2026 | 07:31 PM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

खराब नींद कैसे आपकी डाइट को कर रही है बर्बाद? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए इसे मैनेज करने के 5 आसान तरीके

Health Tips: नींद पूरी न होने का असर डाइट पर भी पड़ता है, इसलिए इस लेख में हमने न्यूट्रिशनिस्ट से जाना कि खराब नींद के बाद अपनी डाइट को मैनेज कैसे किया जाए? साथ ही इस लेख में न्यूट्रिशनिस्ट ने अच्छी नींद के लिए रेसिपी भी शेयर की है।

Health Tips: दिल्ली की रहने वाली 33 साल की नीता ऑफिस का स्ट्रेस लेकर घर लौटती थी और फिर घर के काम करने के बाद वह करीब 11 बजे सोती थी। सुबह बच्चे को स्कूल भेजने के कारण वह 5 बजे उठती और तुरंत ही टिफिन और नाश्ता बनाने में बिजी हो जाती। इस रूटीन के कारण धीरे-धीरे उसके खाने का पैटर्न बदलने लगा। नीता को न्यूट्रिशनल डाइट लेने की बजाय मीठा खाने की तलब ज्यादा रहती थी। इससे उसका वजन बढ़ने लगा। जब वजन ज्यादा ही बढ़ने लगा, तो वह न्यूट्रिशनिस्ट से मिली। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर नींद पूरी न हो या फिर रात को बार-बार उठा जाए, तो इसका सीधा असर भूख, मेटाबॉलिज्म और वजन पर पड़ता है। इस बारे में हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा (Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad) से बात की। उन्होंने बताया कि जब नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर की भूख कंट्रोल करने वाले हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है।

नींद खराब होने पर भूख पर क्या असर पड़ता है?

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा कहती हैं, “जब नींद कम होती है, तो शरीर के दो हार्मोन पर असर पड़ता है। पहला घ्रेलिन हार्मोन जो भूख बढ़ाने का काम करता है और दूसरा लेप्टिन हार्मोन, जो शरीर को बताता है कि अब खाने की तृप्ति हो गई है। जब नींद खराब होती है, तो घ्रेलिन हार्मोन बढ़ने लगता है और लेप्टिन हार्मोन घटने लगता है। इससे शरीर को भूख का एहसास तो होता है, लेकिन पौष्टिक खाना खाने का मन नहीं करता, बल्कि मीठा और तला हुआ भोजन खाने का मन होने लगता है। इस कारण लोग देर रात को स्नैकिंग करते हैं और अगले दिन शरीर में ज्यादा कैलोरी होती है। इसके अलावा, नींद पूरी न होने के कारण शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी घट जाती है, जिससे शरीर कार्बोहाइड्रेट को सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता और इससे उसकी मीठे की क्रेविंग बढ़ जाती है। अगर लगातार वजन बढ़ता रहता है, तो टाइप-2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ सकता है।

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खराब नींद से स्ट्रेस का बढ़ना

सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा के अनुसार, “जब लोगों की नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ने लगता है, और यह हार्मोन पेट के आसपास फैट को जमा होने में मदद करते हैं। कॉर्टिसोल हार्मोन मेटाबॉलिज्म को भी धीमा कर देता है, जिससे लोगों की बैलेंस्ड डाइट होने के बावजूद वजन कम करने में दिक्कत होती है।” कुछ ऐसा ही NCBI की रिपोर्ट पुष्टि करती है। रिपोर्ट के अनुसार, स्लीप क्वालिटी खराब होने पर लोग अनहेल्दी फूड ऑप्शन्स बढ़ा सकते हैं। इसलिए डाइट को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग स्ट्रैटजी बनानी चाहिए।

खराब नींद के बाद डाइट को कैसे करें मैनेज?

ऋतिका शर्मा के मुताबिक, “खराब नींद के कारण भूख और क्रेविंग्स बढ़ती हैं, इससे मीठा खाने का मन होता है और लोग बार-बार स्नैकिंग करते हैं। इसलिए डाइट को मैनेज करना बहुत जरूरी है।”

  1. रात को बिल्कुल भी भारी या तला-भुना खाना न खाएं। सोने से करीब दो से तीन घंटे पहले हल्का डिनर कर लें।
  2. दोपहर के बाद चाय या कॉफी कम लें क्योंकि कैफीन शरीर को छह से आठ घंटे तक एक्टिव रखता है।
  3. डिनर में ट्रिप्टोफैन से भरपूर भोजन जैसे दूध, दही, केला, ओट्स और मेवे जरूर शामिल करें। ये सेरोटोनिन और मेलाटोनिन बनने में मदद करते हैं, जिससे अच्छी नींद आती है।
  4. रात को मीठा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट बिल्कुल न लें क्योंकि इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ती है, जो नींद खराब कर सकती है।
  5. रोजाना एक ही समय पर डिनर लेने की आदत डालें ताकि शरीर की सर्कैडियन रिद्म बैलेंस रहे।
  6. दिन में प्रचुर मात्रा में पानी पिएं, लेकिन रात में सोने से ठीक पहले ज्यादा पानी न पिएं।

 बेहतर नींद के लिए बनाएं ये ड्रिंक

ऋतिका शर्मा ने बताया कि दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन बनाने में मदद करता है, जिससे नींद अच्छी आती है। इसके अलावा, खसखस और बादाम में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और नर्वस सिस्टम को शांत करता है। जायफल लेने से नींद की क्वालिटी बेहतर होती है।

 सामग्री - एक सर्विंग के लिए

  • गुनगुना दूध - 1 कप
  • खसखस - 1 छोटा चम्मच
  • बादाम - 1 से 2 (भिगोकर रखे)
  • जायफल - एक चुटकी
  • हल्दी - एक चुटकी (ऑप्शनल)
  • शहद - आधा चम्मच (मीठे के लिए)

विधि

खसखस को कम से कम आधा घंटा पहले भिगोकर रख दें। भीगे हुए खसखस को पीसकर दूध में मिला दें और अंत में जायफल डाल दें। हल्दी और शहद को अंत में डालें और सोने से करीब आधा घंटा पहले धीरे-धीरे पी लें।

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निष्कर्ष

अच्छी नींद लेने से डाइट पर कंट्रोल रहता है और वजन भी कंट्रोल में रहता है। जो लोग अपने मेंटल हेल्थ को बेहतर रखना चाहते हैं, उन्हें क्वालिटी वाली पूरी नींद लेनी चाहिए। अगर किसी को अनिद्रा की समस्या है, तो उसे डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी नींद को सही करना चाहिए।

FAQ

  • क्या खाएं जिससे नींद आ जाए?

    जिन लोगों को नींद नहीं आती, उन्हें मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन से भरपूर चीजें जैसे टर्की, सोयाबीन और कद्दू के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए।
  • कौन से विटामिन की कमी से नींद नहीं आती है?

    आमतौर पर नींद न आने का कारण विटामिन डी की कमी हो सकता है क्योंकि विटामिन डी मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है।
  • कौन सा फल खाने से नींद अच्छी आती है?

    कीवी, अनानास और चेरी जैसे फलों में नेचुरल मेलाटोनिन और मैग्नीशियम होता है, जो नींद को बेहतर करता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 17, 2026 16:11 IST

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