Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

Strict Diet क्यों बन सकती है सेहत के लिए खतरनाक? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें इसके गंभीर नुकसान

Strict Diet: अगर आप भी वजन घटाने के लिए Strict Diet फॉलो कर रहे हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें। इस लेख में न्यूट्रिशनिस्ट ने ऐसी डाइट फॉलो करने वालों को नुकसान के बारे में विस्तार से बताया है। 

Strict Diet: आजकल लोग वजन घटाने के लिए Strict Diet फॉलो कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द वजन कम हो जाए और इसी कारण सोशल मीडिया पर जो भी चलता है, लोग उसे फॉलो करने लगते हैं। लोग बिना किसी जानकारी के कम कैलोरी लेने लगते है या किसी फेवरेट इन्फुलेंसर की सुनकर लंबे समय तक भूखे रहने लगते हैं। इसका असर शुरुआत में तो असर सही लगता है क्योंकि इससे तेजी से असर कम होता, लेकिन सवाल यह है कि क्या Strict Diet से लंबे समय तक शरीर सेफ रह सकता है? इस बारे में हमने सर्वोदय अस्पताल की चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी (Ms Meena Kumari, Chief Dietician, Sarvodaya Hospital, Faridabad) से बात की। उन्होंने बताया कि बहुत ज्यादा Strict Diet से शरीर अंदर से कमजोर बन सकता है।

Strict Diet से शरीर को क्या नुकसान होते हैं?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, “जब शरीर को अचानक कैलोरी कम मिलने लगती है, तो इसका सीधा असर मेटाबॉलिज्म और शरीर के फैट पर पड़ता है।”

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मेटाबॉलिज्म पर असर

जब शरीर खाना पचाता है, तो मेटाबॉलिज्म के जरिए एनर्जी बनती है। अगर कोई लंबे समय तक कम खाता है, तो शरीर एनर्जी कम खर्च करने लगता है और फैट बर्न का प्रोसेस धीमा हो जाता है। इससे वजन शुरुआत में तो तेजी से कम होता है, लेकिन फिर वजन कम होना रुक जाता है और जैसे ही लोग थोड़ा नॉर्मल खाने लगते हैं, वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इसे यो-यो डाइटिंग कहा जाता है, जो लंबे समय में मोटापे का रिस्क बढ़ाती है।

फैट और मांसपेशियों की भी होती है कमी

जब भी लोग वजन कम करने की सोचते हैं, तो उन्हें लगता है कि फैट कम होगा, लेकिन Strict Diet में ऐसा नहीं होता क्योंकिक बहुत कम कैलोरी लेने से फैट के साथ मांसपेशियों को भी तोड़ने लगता है, शरीर की पावर कम होने लगती है और थकान जल्दी महसूस होती है। दरअसल, मांसपेशियां ही मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखती है। जब मसल मास घटता है, तो मेटाबॉलिज्म और ज्यादा स्लो हो जाता है। इस वजह से फ्यूचर में वजन घटाना और मुश्किल हो जाता है।

हार्मोनल बैलेंस न रहना

जब लोग Strict Diet करते हैं, तो इसका असर सिर्फ वजन तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि हार्मोनल बैलेंस भी बिगड़ सकता है। Strict Diet से महिलाओं को कई तरह की हार्मोनल समस्याएं होनी शुरू हो जाती है। इसमें पीरियड्स रेगुलर न होना, थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं और फर्टिलिटी पर असर पड़ता है। वहीं पुरुषों में एनर्जी की कमी और स्टैमिना व मसल स्ट्रेंथ कम होती है। दरअसल, हार्मोन शरीर के हर सिस्टम को कंट्रोल करते हैं, इसलिए उनका बैलेंस होना जरूरी है, लेकिन Strict Diet के कारण हार्मोन असंतुलन कई बीमारियों की शुरुआत कर सकता है।

मेंटल हेल्थ पर असर

जो लोग लगातार भूखे रहते हैं, उसका असर शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है। Strict Diet में आमतौर पर लोगों को चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस, बेचैनी और हर समय खाने को लेकर चिंता होने लगती है। कई मामलों में यह कंडीशन बिंज ईटिंग में बदल जाती है। बिंज ईटिंग में लोग लंबे समय तक कंट्रोल करने के बाद अचानक बहुत ज्यादा खाना खाने लगते हैं। इससे वजन और मेंटल हेल्थ दोनों खराब हो सकते हैं।

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विटामिन और मिनरल की कमी

जब लोग Strict Diet पर रहते हैं, तो उनके शरीर को जरूरी न्यूट्रिशन नहीं मिल पाते हैं। इस वजह से जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाते। Strict Diet के कारण आयरन, कैल्शियम, विटामिन B12, विटामिन D
और फाइबर नहीं मिल पाते, तो इसकी कमी से थकान, कमजोरी, बाल झड़ना, स्किन खराब, कब्ज और इम्यूनिटी कम होने लगती है।

डाइजेशन पर असर

जब लोग लंबे समय तक कम डाइट लेने से गट हेल्थ भी खराब हो सकती है। जब फाइबर और विटामिन कम होता है, तो गट माइक्रोबायोम बैलेंस नहीं रहता, गैस और ब्लोटिंग बढ़ती है और कब्ज की समस्या आम हो जाती है। Strict Diet से डाइजेशन खराब होता है और इसका सीधा असर पूरे शरीर पर पड़ता है।

वजन घटाने के लिए क्या करना चाहिए?

मीना कुमारी कहती हैं, “वजन घटाने के लिए डाइट सख्त नहीं, स्मार्ट डाइट होनी चाहिए। सेहतमंद तरीके से वजन घटाने के लिए बैलेंस डाइट, सही मात्रा में कैलोरी, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर, रेगुलर एक्सरसाइज, पूरी नींद और स्ट्रेस कंट्रोल होना चाहिए।

निष्कर्ष

मीना कुमारी कहती हैं कि Strict Diet से शुरुआत में वजन जरूर कम हो जाता है, लेकिन इससे बाद में शरीर को बहुत नुकसान हो सकता है। इसलिए जो भी डाइट करना चाहते हैं, वे लोग न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेकर ही किसी भी तरह की डाइट शुरू करें। न्यूट्रिशनिस्ट सेहत और बीमारियों को देखते हुए ही डाइट प्लान करते हैं, इसलिए सोशल मीडिया या किसी से सुनकर डाइट फॉलो नहीं करनी चाहिए।

FAQ

  • पेट की चर्बी को कम करने के लिए क्या खाना चाहिए?

    फाइबर युक्त जैसे कि साबुत अनाज, फलियां, फल और सब्जियां खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। डाइट में ज्यादा फाइबर शामिल करने से समय के साथ वजन कम करने और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है। पेट की चर्बी कम करने में थोड़ा समय ज्यादा लगता है।
  • 21 21 21 नियम क्या है?

    वजन घटाने के लिए 21-21-21 पहले 21 दिन फिजिकल एक्टिव रहे फिर 21 दिन डाइट में बदलाव करें और आखिर के 21 दिन में स्मोकिंग, शराब और कैफीन पर कंट्रोल रखें। वेट लॉस के लिए 21-21-21 रूल एक कारगर तरीका है।
  • सुबह उठकर सबसे पहले क्या खाना चाहिए?

    सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी, नींबू या शहद के साथ पी सकते हैं, फिर कुछ हल्के और पौष्टिक चीजें जैसे कि भीगे हुए बादाम, अखरोट, फल जैसे केला, पपीता या अंकुरित अनाज खा सकते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, एनर्जी मिलती है, शरीर को न्यूट्रिशन मिलता है और दिनभर एक्टिव महसूस होता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 23, 2026 19:06 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jan 23, 2026 19:06 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari

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