Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

ऋतिक रोशन की बहन सुनैना को भारी पड़ी थी क्रैश डाइट, वजन घटाने के चक्कर में कोमा तक जाने की आ गई थी नौबत

बॉलीवुड सुपरस्‍टार ऋतिक रोशन की बहन सुनैना ने हाल ही में सोशल मीड‍िया पर वीड‍िया शेयर करते हुए बताया क‍ि वेट लॉस के ल‍िए क्रैश डाइट‍िंग करने के कारण उन्‍हें जानलेवा बीमारी TB मेनिनजाइटिस हो गई थी ज‍िसके कारण उनकी जान भी जा सकती थी।

बॉलीवुड सुपरस्‍टार ऋतिक रोशन की बड़ी बहन और मशहूर फि‍ल्‍म न‍िर्माता-न‍िर्देशक और एक्‍टर राकेश रोशन के बेटी सुनैना रोशन एक जाना-माना नाम हैं। सुनैना कई फिल्मों में सह-निर्माता रही हैं। वह एक लेख‍िका भी रही हैं और आजकल सोशल मीड‍िया पर वेलनेस इन्फ्लुएंसर और मोटिवेटर के रूप में काफी एक्‍ट‍िव हैं। हाल ही में सुनैना से सोशल मीड‍िया पर एक वीड‍िया शेयर क‍िया और बताया क‍ि साल 2001 में कैसे उन्‍हें क्रैश डाइट और वेट लॉस के चक्‍कर में अपनी जान गंवानी पड़ती? आजकल यंंग जनरेशन पर वेट लॉस का भूत सवार है, लेक‍िन इसके चक्‍कर में सेहत को नजरअंदाज करना क‍ितना भारी पड़ सकता है, यह हम आगे सुनैना की कहानी से जानेंगे। साथ ही क्रैश डाइट के नुकसान जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

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क्रैश डाइट और वेट लॉस की ज‍िद्द ने पहुंचाया हॉस्‍प‍िटल

सुनैना रोशन से एक वीड‍िया के जर‍िए बताया कि‍ साल 2001 में पैर की चोट के कारण उन्‍हें बेड रेस्‍ट की सलाह दी गई। बेड रेस्‍ट के कारण उनका वजन न बढ़ जाए, यह सोचकर सुनैना ने क्रैश डाइटि‍ंंग करना शुरू कर द‍िया। वह केवल फल, जूस, ब‍िस्‍क‍िट और पानी ही लेती थींं। इस वजह से उनकी इम्‍यू‍न‍िटी इतनी कमजोर हो गई कि‍ उनके शरीर में ताकत नहीं बची। इतना ही नहीं बल्‍क‍ि सुनैना का द‍िमागी संंतुलन भी खराब होने लगा था।

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TB मेनिनजाइटिस का श‍िकार हुईं सुनैना रोशन

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सुनैना की सेहत इम्‍यून‍िटी कम होने से इतनी खराब हो गई थी क‍ि उन्‍हें हॉस्‍प‍िटल में भर्ती करना पड़ा। डॉक्‍टर ने बताया कि‍ उन्‍हें ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस हुआ है। यह टीबी फेफड़ों में होता है और इसके कारण व्‍यक्‍त‍ि की जान भी जा सकती है। सुनैना ने वीड‍िया में बताया क‍ि इस बीमारी के कारण उन्‍हें र‍िकवरी में काफी समय लगा और लगातार चार महीनों तक उन्‍हें दवा की हैवी डोज लेना पड़ा।

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क्रैश डाइट करना क्‍योंं पड़ सकता है सेहत पर भारी?

Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि क्रैश डाइट करना हर तरीके से सेहत के ल‍िए हान‍िकारक है। क्रैश डाइट के कारण शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व नहीं म‍िल पाते ज‍िसके कारण इम्‍यून‍िटी कमजोर हो जाती है और व्‍यक्‍त‍ि को बीमार‍ियांं होने का खतरा बढ़ जाता है। क्रैश डाइट के कारण ड‍िहाइड्रेशन, लो ब्‍लड शुगर लेवल, कब्‍ज, कमजोरी जैसी समस्‍याएं भी हो सकती हैं।

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क्रैश डाइट करने से वजन डबल तेजी से बढ़ सकता है

क्रैश डाइट के दौरान ब्रेन को फास्‍ट‍िंंग का संकेत म‍िलता है ज‍िसके कारण मेटाबॉलि‍ज्‍म धीमा हो जाता है। इस वजह से व्‍यक्‍त‍ि जब दोबारा कैलोरी का सेवन करने लगता है, तो वजन दोगुनी तेजी से बढ़ता है। इसल‍िए जब लोग ब‍िना सही जानकारी के क्रैश डाइट करने लगते हैं, तो लंंबे समय तक वजन कम करना मुश्‍क‍िल हो जाता है और धीरे-धीरे वजन दोबारा बढ़ने लगता है।

न‍िष्‍कर्ष:

सुनैना रोशन की कहानी से यह पता चलता है क‍ि कैसे क्रैश डाइट के कारण व्‍यक्‍त‍ि शारीर‍िक समस्‍याओं का श‍िकार हो सकता है। इसल‍िए हमेशा एक्‍सपर्ट की सलाह लेकर ही डाइट तय करें और पोषक तत्‍वों से भरपूर हेल्‍दी डाइट का सेवन करें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 12, 2026 13:40 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 12, 2026 13:40 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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