कुछ लोग खाना खाने के बाद बहुत थकान और सुस्ती महसूस करने लगते हैं और सिर में भारीपन का भी अनुभव होता है। इस स्थिति को ब्रेन फॉग कहा जाता है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि कुछ लोगों को ब्रेन फॉग होता क्यों है? इसके पीछे क्या कारण हैं और क्या यह नुकसानदायक है? आइए, जानते हैं नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant -Dietetics वंदना राजपूत से।
खाना खाने के बाद ब्रेन फॉग होने का कारण
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पाचन तंत्र की ओर ब्लड का बढ़ना
खाना खाने के बाद बॉडी पाचन क्रिया को प्राथमिकता देती है। ऐसे में ब्लड फ्लो पाचन तंत्र की ओर बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप, ब्रेन सहित शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लड और ऑक्सीजन सप्लाई अस्थायी रूप से थोड़ी कम हो जाती है। इसी वजह से सुस्ती और मानसिक धुंधलापन महसूस होने लगता है।
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ब्लड शुगर का बढ़ना
जब हम कार्बोहाइड्रेट या शुगर युक्त चीजों का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है। इसे कंट्रोल करने के लिए पैंक्रियाज भारी मात्रा में इंसुलिन हार्मोन रिलीज करने लगता है। इंसुलिन की इस अचानक वृद्धि के बाद ब्लड शुगर का स्तर गिरने लगता है। यह स्थिति मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को धीमा कर देती है और ब्रेन फॉग जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
सेरोटोनिन का प्रभाव
डेयरी प्रोडक्ट्स, पोल्ट्री और प्रोटीन में ट्रिप्टोफैन नाम का अमीनो एसिड होता है। इसके मस्तिष्क में पहुंचते ही सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर में बदलाव होने लगता है। ये हार्मोन शरीर को रिलैक्स करने और नींद को बेहतर बनाने के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि जब डेयरी प्रोडक्ट्स, पोल्ट्री जैसी चीजों का सेवन करते हैं, तो इससे सुस्ती और थकान जैसा महसूस होने लगता है।
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ब्रेन फॉग से तुरंत राहत पाने के लिए क्या करें?
- ब्रेन फॉग से बचने के लिए तुरंत 1-2 गिलास पानी पिएं। ध्यान रखें कि डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) ब्रेन फॉग का सबसे बड़ा कारण है।
- खाना खाने के तुरंत बाद खुली हवा में 5-10 मिनट टहलें। इससे ब्रेन में ऑक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।
- ब्रेन फॉग दूर करने के लिए 2 मिनट के लिए ब्रीदिंग तकनीक अपना सकते हैं।
- अगर ब्लड शुगर कम होने से ब्रेन फॉग हो रहा है, तो मुट्ठी भर बादाम, अखरोट या कोई फल खाएं।
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निष्कर्ष
खाना खाने के बाद होने वाला ब्रेन फॉग कोई समस्या नहीं है। जब आप हैवी मील, मीठा या रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करते हैं, तो इसकी वजह से शरीर में शुगर का स्तर बदल जाता है और कई बार इंसुलिन भी स्पाइक करता है, जो कि कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है।
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FAQ
क्या खाने के बाद ब्रेन फॉग होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत है?
आमतौर पर यह किसी बीमारी का संकेत नहीं होता है। हां, अगर हर बार खाना खाने के बाद ऐसा महसूस होता है और जीवनशैली बदलने पर भी ठीक नहीं होता, तो यह फूड इनटॉलरेंस या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है।दोपहर के भोजन के बाद होने वाली इस सुस्ती से कैसे बचें?
दोपहर के बाद होने वाली सुस्ती से बचना आसान है। लंच के तौर पर हैवी मील न लें। इसके बजाय, कार्ब्स, लीन प्रोटीन और फाइबर युक्त संतुलित आहार लें। साथ ही, लंच के बाद हल्की वाॅक भी फायदेमंद हो सकती है।क्या कैफीन से फूड कोमा को ठीक किया जा सकता है?
फूड कोमा को ठीक करने के लिए कैफीन सही विकल्प नहीं है।
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Jun 06, 2026 11:56 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 06, 2026 11:56 IST
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Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Vandana Rajput