Sun Oct 11, 2026 | 11:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akash Singhal , Consultant – Orthopaedics

कंधे के दर्द को मामूली न समझें, ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत लें डॉक्टर से सलाह

हर कंधे का दर्द सामान्य नहीं होता है, अगर दर्द के साथ हाथ में कमजोरी, सुन्नपन, सूजन, सीने में दर्द या चोट के बाद तेज दर्द जैसे संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कंधे के दर्द को मामूली न समझें, ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत लें डॉक्टर से सलाह
कंधे के दर्द को मामूली न समझें, ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत लें डॉक्टर से सलाह

कंधे में हल्का दर्द होने पर ज्यादातर लोग इसे थकान, गलत पॉश्चर या ज्यादा काम करने का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार ऐसा करना सही भी होता है, क्योंकि मामूली खिंचाव या मसल्स की थकान कुछ समय आराम करने के बाद ठीक हो सकती है लेकिन अगर कंधे का दर्द बार-बार लौट रहा है, लगातार बना हुआ है या धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, तो इसके पीछे सिर्फ थकान नहीं बल्कि कंधे के जोड़, मसल्स, टेंडन या नसों से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. आकाश सिंघल के अनुसार, कंधे के दर्द की प्रकृति और उसके साथ दिखाई देने वाले दूसरे लक्षणों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। खासकर अगर दर्द रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगे या इसके साथ हाथ में कमजोरी, सुन्नपन अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

कंधे का दर्द कब गंभीर होता है?

ऑर्थोपेडिक डॉ. आकाश सिंघल बताते हैं कि लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने, गलत पॉश्चर में बैठने, ज्यादा वजन उठाने या अचानक एक्सरसाइज करने के बाद कंधे में दर्द और जकड़न महसूस हो सकती है। कई बार आराम करने से यह परेशानी ठीक भी हो जाती है लेकिन हर बार कंधे का दर्द सामान्य नहीं होता। कुछ मामलों में लगातार या बढ़ता हुआ दर्द किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

1. दर्द लगातार बढ़ रहा हो

ऑर्थोपेडिक डॉ. आकाश सिंघल के अनुसार, अगर कंधे का दर्द कुछ दिनों तक बना रहे और आराम करने के बावजूद कम न हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर अगर दर्द धीरे-धीरे बढ़ रहा है या रात में सोते समय ज्यादा परेशान करता है, तो इसके पीछे कंधे के जोड़, मसल्स या टेंडन से जुड़ी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

2. हाथ उठाने या घुमाने में परेशानी

ऑर्थोपेडिक डॉ. आकाश सिंघल बताते हैं कि कंधे की समस्या का एक अहम संकेत हाथ को ऊपर उठाने, पीछे ले जाने या घुमाने में दिक्कत होना है। अगर रोजाना के काम जैसे कपड़े पहनना, बाल बनाना या किसी सामान को उठाना मुश्किल हो गया है, तो यह केवल सामान्य दर्द नहीं हो सकता। कंधे की मूवमेंट लगातार सीमित होने पर जांच जरूरी हो सकती है।

3. कंधे में सूजन या अचानक तेज दर्द

अगर चोट लगने के बाद कंधे में अचानक तेज दर्द, सूजन या हाथ चलाने में काफी परेशानी हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। गिरने या चोट के बाद फ्रैक्चर, डिसलोकेशन या लिगामेंट और टेंडन में चोट की संभावना हो सकती है। ऐसी स्थिति में खुद से मालिश करने या दर्द दबाने के बजाय डॉक्टर को दिखाना सही रहता है।

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4. हाथ में कमजोरी या सुन्नपन

कंधे के दर्द के साथ हाथ में कमजोरी, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना भी एक चेतावनी संकेत है। कई बार नसों पर दबाव पड़ने से इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर हाथ की पकड़ कमजोर हो रही है या सामान्य काम करने में परेशानी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

shoulder pain warning signsshoulder pain warning signs

5. कंधे में दर्द के साथ सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी

ऑर्थोपेडिक डॉ. आकाश सिंघल के अनुसार, कंधे का दर्द हमेशा हड्डी या मसल्स की समस्या के कारण नहीं होता। कुछ परिस्थितियों में शरीर के दूसरे हिस्सों की समस्या का दर्द कंधे तक महसूस हो सकता है। अगर कंधे के दर्द के साथ सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, चक्कर या बेचैनी जैसे लक्षण हों, तो इसे इमरजेंसी स्थिति मानकर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

साल 2024 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, जो लोग अक्सर सिर के ऊपर हाथ उठाकर काम करते हैं (जैसे पेंटर, इलेक्ट्रिशियन और वेयरहाउस वर्कर) या टेनिस, बास्केटबॉल और तैराकी जैसे खेल खेलते हैं, उन्हें कंधे का दर्द होने का खतरा काफी ज्यादा होता है।

  • बार-बार हाथ ऊपर ले जाने से कंधों पर बहुत दबाव पड़ता है और इंफेक्शन या दर्द की समस्या पैदा हो जाती है।
  • इसके अलावा, कमजोर कंधे की मसल्स, लिगामेंट्स और टेंडन भी इस दर्द के बड़े कारणों में शामिल हैं।
  • कंधे की मसल्स कमजोर पड़ जाएं, तो ऊपरी बांह की हड्डी अपनी जगह से खिसक कर आस-पास के टिश्यू पर दबाव डालने लगती है।
  • इस समस्या से बचने के लिए कंधों की एक्सरसाइज करके उन्हें मजबूत रखना और काम के दौरान सही पॉश्चर अपनाना बहुत जरूरी है। कंधे में लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है?

ऑर्थोपेडिक डॉ. आकाश सिंघल सलाह देते हैं कि अगर कंधे का दर्द हल्का है और किसी खास कारण जैसे ज्यादा एक्सरसाइज या गलत पॉश्चर के बाद शुरू हुआ है, तो कुछ समय आराम करने से राहत मिल सकती है लेकिन दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए, हाथ की मूवमेंट प्रभावित हो, कमजोरी या सुन्नपन हो या चोट के बाद तेज दर्द और सूजन हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही कारण पता लगाने के लिए डॉक्टर फिजिकल चेकअप के साथ जरूरत पड़ने पर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या अन्य चेकअप की सलाह दे सकते हैं।

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निष्कर्ष

कंधे का दर्द हर बार गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ लक्षणों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। खासतौर पर लगातार बढ़ता दर्द, हाथ उठाने में परेशानी, सूजन, कमजोरी, सुन्नपन और सीने से जुड़े लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच कराने से समस्या का कारण पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।

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FAQ

  • कंधे में दर्द होने पर गर्म सिकाई करनी चाहिए या ठंडी?

    यह दर्द के कारण पर निर्भर करता है। नई चोट या सूजन के मामले में ठंडी सिकाई फायदेमंद हो सकती है, जबकि मसल्स में जकड़न जैसी स्थिति में गर्म सिकाई से आराम मिल सकता है। लगातार दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह बेहतर है।
  • कंधे का दर्द कितने समय में ठीक होता है?

    मसल्स के खिंचाव में कुछ दिनों में आराम मिल सकता है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है या बार-बार वापस आता है, तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी हो सकता है।
  • क्या कंधे के दर्द में एक्सरसाइज बंद कर देनी चाहिए?

    हर स्थिति में पूरी तरह एक्सरसाइज बंद करना जरूरी नहीं है। हालांकि, जिस एक्टिविटी से दर्द बढ़ रहा हो उसे कुछ समय रोकना चाहिए। कंधे की एक्सरसाइज एक्सपर्ट की सलाह से करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 07, 2026 13:32 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Sep 07, 2026 13:32 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Akash Singhal