अक्ल दाढ़ निकलने के दौरान अचानक जबड़े के पीछे दर्द होना, मसूड़े में सूजन आना या मुंह खोलने में तकलीफ होने जैसी परेशानियां कई लोगों को होती हैं लेकिन इसके साथ एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या अक्ल दाढ़ निकलने से जबड़े की बनावट भी बिगड़ सकती है? देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, कई लोगों के जबड़े में अक्ल दाढ़ के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती। ऐसी स्थिति में दांत पूरी तरह बाहर नहीं आ पाता या गलत दिशा में निकल सकता है, जिसे इम्पैक्टेड विजडम टूथ कहा जाता है। ऐसी अक्ल दाढ़ सिर्फ दर्द की वजह नहीं बनती, बल्कि इसके आसपास खाना फंसने, मसूड़ों में इंफेक्शन, कैविटी और पास वाले दांत को नुकसान जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। आइए डेंटिस्ट डॉक्टर लोकेश बहादुर सिंह से समझते हैं कि किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या अक्ल दाढ़ से जबड़े की बनावट प्रभावित होती है?
डॉक्टर लोकेश बहादुर सिंह बताते हैं, ''सामान्य स्थिति में अक्ल दाढ़ निकलने मात्र से जबड़े की बाहरी बनावट या चेहरे का आकार स्थायी रूप से बिगड़ना सामान्य नहीं है। असल समस्या तब पैदा हो सकती है जब दाढ़ को निकलने के लिए पर्याप्त जगह न मिले और वह जबड़े के अंदर फंस जाए या टेढ़ी दिशा में निकलने लगे। ऐसी स्थिति को इम्पैक्टेड विजडम टूथ कहा जाता है। अगर दांत आधा निकला हो या गलत दिशा में हो, तो उसके आसपास खाना और बैक्टीरिया जमा होने से मसूड़ों में सूजन, अक्ल दाढ़ में दर्द और इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती है।''
क्या अक्ल दाढ़ से आगे के दांत टेढ़े हो सकते हैं?
डॉक्टर लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, निचली अक्ल दाढ़ और आगे के दांतों में भीड़ यानी क्राउडिंग के बीच संबंध देखा गया है। साल 2010 में BMJ Clinical Evidence में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, अक्ल की दाढ़ अक्सर जगह की कमी या गलत स्थिति के कारण मसूड़ों में फंस जाती है, जिससे दर्द, सूजन और इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 72% युवाओं में कम से कम एक दाढ़ फंसी हुई होती है।
इसे भी पढ़ें: अक्ल दाढ़ निकलवाने के बाद क्या खाएं और किससे बचे? डॉक्टर से जानें जल्दी रिकवरी के लिए सही फूड्स
- समय के साथ, इनमें से कई दाढ़ें अपनी जगह बदल लेती हैं और भविष्य में मसूड़ों या आसपास के दांतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- यही वजह है कि 30% से 60% लोग जिन्हें शुरुआत में कोई परेशानी नहीं होती, उन्हें भी 4 से 12 साल के भीतर अपनी दाढ़ निकलवानी पड़ जाती है।
- यदि दाढ़ में दर्द या बीमारी है, तो उसे तुरंत निकलवा देना चाहिए। हालांकि, जिन मामलों में दाढ़ पूरी तरह हेल्दी और लक्षणों के बिना है, उन्हें बिना किसी समस्या के केवल एहतियात के तौर पर निकलवाने को लेकर डॉक्टरों की राय आज भी अलग-अलग है।
- अपनी दाढ़ की सही स्थिति जानने के लिए डेंटिस्ट से नियमित जांच जरूर करवाएं।

क्या हर अक्ल दाढ़ निकलवाना जरूरी है?
डॉक्टर लोकेश बहादुर सिंह का कहना है कि अगर अक्ल दाढ़ सही दिशा में निकल रही है, उसके लिए पर्याप्त जगह है, वह साफ रखी जा सकती है और कोई दर्द या समस्या नहीं है, तो उसे निकालना जरूरी नहीं होता।
दूसरी ओर, बार-बार इंफेक्शन, कैविटी, आसपास के दांत को नुकसान या गलत स्थिति जैसी समस्या होने पर डेंटिस्ट दांत निकालने की सलाह दे सकते हैं। अगर बार-बार उसी जगह दर्द या इंफेक्शन हो रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डेंटिस्ट एक्स-रे के जरिए यह देख सकते हैं कि दांत किस दिशा में है और उसके आसपास की हड्डी व दूसरे दांतों पर क्या असर पड़ रहा है।
इसे भी पढ़ें: अक्ल दाढ़ का दर्द या मसूड़ों में इंफेक्शन? डेंटिस्ट से जानिए दोनों में कैसे पहचानें अंतर
निष्कर्ष
अक्ल दाढ़ निकलने से आमतौर पर जबड़े की बाहरी बनावट खराब नहीं होती, लेकिन जगह की कमी या दांत के गलत दिशा में फंसने से आसपास के दांतों और मसूड़ों में परेशानी हो सकती है। आगे के दांतों की क्राउडिंग में अक्ल दाढ़ की भूमिका को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अभी पूरी तरह एकमत नहीं हैं। इसलिए अक्ल दाढ़ निकलने के दौरान दर्द, सूजन, बार-बार इंफेक्शन या मुंह खोलने में परेशानी हो तो डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर है।
All Image Credit- magnific
FAQ
अक्ल दाढ़ कितनी उम्र में निकलती है?
अक्ल दाढ़ आमतौर पर किशोरावस्था के बाद निकलती है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका समय अलग हो सकता है। कुछ लोगों में यह देर से भी दिखाई दे सकती है।क्या अक्ल दाढ़ निकलने पर सिरदर्द होता है?
कुछ लोगों को अक्ल दाढ़ से जुड़ी सूजन या जबड़े की मांसपेशियों में तनाव के कारण आसपास के क्षेत्र में दर्द महसूस हो सकता है। लेकिन बार-बार या तेज सिरदर्द को केवल अक्ल दाढ़ से जोड़ना सही नहीं है।अक्ल दाढ़ निकलवाने पर दर्द कितने दिन रहता है?
दर्द का समय इस बात पर निर्भर करता है कि दांत किस स्थिति में था और किस तरह की सर्जरी से निकाला गया है। सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक दर्द, सूजन या जबड़े में जकड़न रह सकती है, जो धीरे-धीरे कम होनी चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 07, 2026 11:58 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Sep 07, 2026 11:58 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh