Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lokesh Bahadur Singh , Sr. Consultant Dental Surgeon

अक्ल दाढ़ का दर्द या मसूड़ों में इंफेक्शन? डेंटिस्ट से जानिए दोनों में कैसे पहचानें अंतर

अक्ल दाढ़ निकलने के दौरान दर्द और मसूड़ों में इंफेक्शन के लक्षण कुछ मिलते-जुलते हो सकते हैं। सूजन, लालिमा, पस और दर्द की जगह देखकर दोनों में अंतर समझने में मदद मिल सकती है।

मुंह में अचानक दर्द, मसूड़ों में सूजन और चबाते समय तकलीफ हो रही है? अगर आपकी अक्ल दाढ़ निकल रही है, तो आपको लग सकता है कि दर्द का कारण सिर्फ दांत का निकलना है लेकिन यही लक्षण मसूड़ों के इंफेक्शन में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में अक्सर समझ नहीं आता कि आखिर दर्द अक्ल दाढ़ की वजह से है या मसूड़ों में इंफेक्शन हो गया है। देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह बताते हैं कि अक्ल दाढ़ के आसपास होने वाला इंफेक्शन भी मसूड़ों में इंफेक्शन जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए दर्द को केवल दांत निकलने का सामान्य हिस्सा समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना सही नहीं है।

अक्ल दाढ़ का दर्द Vs मसूड़ों में इंफेक्शन

डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह बताते हैं कि अक्ल दाढ़ से जुड़ा दर्द अक्सर मुंह के सबसे पीछे उस जगह महसूस होता है जहां दांत निकल रहा होता है। वहीं मसूड़ों में इंफेक्शन में लालिमा, सूजन, ब्रश करते समय खून आना और मुंह से बदबू जैसे लक्षण ज्यादा हो सकते हैं।

विशेषता अक्ल दाढ़ का दर्द मसूड़ों का इंफेक्शन
मुख्य कारण मुंह में जगह की कमी के कारण जब अक्ल दाढ़ ठीक से बाहर नहीं निकल पाती, तो आसपास के टिश्यू पर दबाव पड़ता है। मसूड़ों और दांतों के बीच बैक्टीरिया, प्लाक और टार्टर जमा होने के कारण इंफेक्शन फैलता है।
स्थान यह दर्द आमतौर पर मुंह के सबसे पिछले हिस्से में, केवल अक्ल दाढ़ के निकलने की जगह पर होता है। यह समस्या मुंह के किसी भी हिस्से में हो सकती है, हालांकि यह अक्सर पूरे मसूड़ों को प्रभावित करती है।
लक्षण पीछे के मसूड़ों में दबाव, लगातार भारीपन, मसूड़े का सूजना और कभी-कभी मुंह खोलने में कठिनाई। मसूड़े लाल होना, सूजना, छूने पर बहुत दर्द होना और ब्रश या फ्लॉस करते समय खून आना।
भोजन और बैक्टीरिया आधा निकला हुआ दांत भोजन के कणों और बैक्टीरिया को फंसा लेता है, जिससे दर्द बढ़ता है। भोजन के छोटे कण और प्लाक मसूड़ों और दांत के बीच फंसकर बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं।
गंभीर रिजल्ट जब अक्ल दाढ़ ठीक से न निकले, तो पेरिकोरोनाइटिस (Pericoronitis) हो सकता है, जिससे निगलने में भी परेशानी होती है। इंफेक्शन बढ़ने पर मसूड़ों में पस, मुंह से बदबू और दांत ढीले हो सकते हैं।
इलाज और समाधान डेंटिस्ट एक्स-रे करवाकर स्थिति को देखते हैं और जरूरत पड़ने पर अक्ल दाढ़ को सर्जरी या निकालकर हटाया जा सकता है।

डेंटिस्ट द्वारा गहरी सफाई की जाती है, एंटीबायोटिक्स और बेहतर ओरल हाइजीन की सलाह दी जाती है।

सावधानियां

  • दांतों और मसूड़ों की नियमित सफाई करना जरूरी है।
  • अक्ल दाढ़ के आसपास का हिस्सा भी जितना संभव हो, धीरे-धीरे साफ करें।
  • बहुत गर्म या ज्यादा मसालेदार भोजन से दर्द बढ़ता हो तो कुछ समय उससे बच सकते हैं।

साल 2010 में BMJ Clinical Evidence में प्रकाशित रिव्यू में मुख्य सवाल यह था कि क्या बिना किसी परेशानी के छिपी हुई अक्ल दाढ़ को पहले ही निकाल देना चाहिए या नहीं और इसके लिए कौन सी सर्जिकल विधियां सबसे बेहतर हैं।

इस रिव्यू से यह निष्कर्ष निकलता है कि अक्ल दाढ़ के इलाज के लिए Prophylactic extraction (बिना लक्षण के निकालना) और नियमित निगरानी दोनों विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी सर्जरी या इलाज का चयन करने से पहले उसकी सुरक्षा, प्रभावशीलता और मरीज की स्थिति की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।

Wisdom Tooth Pain vs Gum Infection

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किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह सलाह देते हैं कि अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है, मसूड़ों से पस निकल रहा है, चेहरे या जबड़े में सूजन दिखाई दे रही है या मुंह खोलने में परेशानी हो रही है, तो डेंटिस्ट से जल्द संपर्क करना चाहिए। बुखार, चेहरे की तेजी से बढ़ती सूजन, निगलने या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण गंभीर इंफेक्शन का संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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निष्कर्ष

अक्ल दाढ़ के दर्द और मसूड़ों में इंफेक्शन के लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन दोनों के कारण अलग हो सकते हैं। अक्ल दाढ़ के निकलने या जगह की कमी से दर्द हो सकता है, जबकि मसूड़ों में इंफेक्शन होने पर मसूड़ों में लालिमा, सूजन, खून या पस जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर दर्द लगातार बना हुआ है या सूजन बढ़ रही है, तो खुद से इलाज करने के बजाय डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर है।

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FAQ

  • क्या मसूड़ों का इंफेक्शन अपने आप ठीक हो सकता है?

    हल्की मसूड़ों की समस्या में बेहतर ओरल हाइजीन से सुधार हो सकता है, लेकिन इंफेक्शन के लक्षण लगातार बने रहें तो डेंटिस्ट से जांच जरूरी है।
  • क्या अक्ल दाढ़ा को निकलवाना जरूरी होता है?

    हर अक्ल दाढ़ को निकालना जरूरी नहीं होता। अगर दांत सही दिशा में है, पर्याप्त जगह है और उससे कोई समस्या नहीं हो रही है, तो इसे नहीं निकाला जाता है।
  • क्या मसूड़ों के इंफेक्शन में मुंह से बदबू आती है?

    मसूड़ों के इंफेक्शन की समस्या में मुंह में बदबू महसूस हो सकती है। लगातार बदबू रहने पर डेंटल जांच कराना बेहतर है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 13, 2026 15:17 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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