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अक्ल दाढ़ के पास सूजन और पस हो सकते हैं पेरिकोरोनिटिस (Pericoronitis) के लक्षण, जानें कारण और इलाज

Pericoronitis in Hindi: अक्‍ल दाढ़ पूरी तरह से न‍ न‍िकल पाने के कारण इन्‍फेक्‍शन हो जाता है। इस समस्‍या को मेड‍िकल भाषा में पेरिकोरोनिटिस कहते हैं।  

Pericoronitis in Hindi: पेरिकोरोनिटिस दांतों से जुड़ी एक समस्‍या है। इसमें अक्‍ल दाढ़ के आस-पास के ह‍िस्‍से में दर्द होता है। ऐसा तब होता है जब अक्‍ल दाढ़ पूरी तरह से बाहर नहीं न‍िकल पाती। पेरिकोरोनिटिस होने पर कुछ लोगों को कम दर्द होता है, तो कुछ को असहनीय दर्द हो सकता है। यह समस्‍या होने पर गाल में सूजन नजर आ सकती है। इसके अलावा मुंह से बदबू, पस बनना आद‍ि लक्षण भी नजर आ सकते हैं। पेरिकोरोनिटिस को ब‍िना इलाज के छोड़ देना ठीक नहीं है। ऐसा करने से पर संक्रमण बढ़ सकता है। आगे लेख में जानेंगे पेरिकोरोनिटिस के लक्षण, कारण और इलाज। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।   

पेरिकोरोनिटिस क्‍या होता है?- What is Pericoronitis

पेरिकोरोनिटिस को हम आसान भाषा में मसूड़ों में सूजन कह सकते हैं। लेक‍िन यह समस्‍या तभी होती है जब अक्‍ल दाढ़ न‍िकल रही हो। ऐसा जरूरी नहीं है क‍ि सभी को अक्‍ल दाढ़ न‍िकलने पर यह समस्‍या हो। दांतों के आस-पास बैक्‍टीर‍िया जमा होने के कारण यह समस्‍या हो सकती है। यह समस्‍या क‍िसी भी जेंडर और उम्र के व्‍यक्‍त‍ि को हो सकती है। पेरिकोरोनिटिस को ठीक होने में 1 से 2 द‍िन या हफ्ते भर का समय लग सकता है। इलाज न कराने पर यह समस्‍या लौट आती है।  

पेरिकोरोनिटिस के लक्षण क्‍या हैं?- Pericoronitis Symptoms 

  • अक्‍ल दाढ़ के आस-पास सूजन 
  • मसूड़ों में दर्द होना 
  • मसूड़ों में पस जमा होना 
  • चेहरे पर सूजन आना 
  • बुखार होना 
  • दांत के आस-पास तेज दर्द होना 
  • खाना चबाने में मुश्‍क‍िल होना 
  • मसूड़ों में सफेद पस नजर आना 
  • मुंह से बदबू आना 

पेरिकोरोनिटिस की समस्‍या क्‍यों होती है?- Pericoronitis Causes 

pericoronitis in hindi

पेरिकोरोनिटिस होने पर एक व्‍यक्‍त‍ि से दूसरा व्‍यक्‍त‍ि संक्रम‍ित हो सकता है। पेरिकोरोनिटिस से पीड़ि‍त व्‍यक्‍त‍ि को क‍िस करने या उसके बर्तन इस्‍तेमाल करने से यह फैल सकता है। पेरिकोरोनिटिस होने के ये कारण हो सकते हैं-   

  • अक्‍ल दाढ़ का पूरी तरह से बाहर न न‍िकल पाना
  • मुंह की सफाई ठीक ढंग से न करना 
  • ओरल हाइजीन का ख्‍याल न रखना 
  • गम ट‍िशू ज्‍यादा होना  

इसे भी पढ़ें- दांत दर्द में क‍िन चीजों का सेवन नहीं करना चाह‍िए?

पेरिकोरोनिटिस का इलाज क्‍या है?- Pericoronitis Treatment 

  • पेरिकोरोनिटिस होने पर डॉक्‍टर लक्षणों की जांच करते हैं।
  • जांच के ल‍िए दांत का एक्‍सरे क‍िया जा सकता है।
  • कई बार पेरिकोरोनिटिस की समस्‍या 1 से 2 द‍िनों में ठीक हो जाती है।
  • डॉक्‍टर पेरिकोरोनिटिस का इलाज करने के ल‍िए दांत को साफ करते हैं।
  • इलाज के ल‍िए डॉक्‍टर एंटीबायोट‍िक्‍स का सेवन करने की सलाह देते हैं।
  • इसके अलावा पेरिकोरोनिटिस माउथवॉश करने की सलाह भी दी जाती है ताक‍ि मुंह में बैक्‍टीर‍िया जमा न हो। 
  • कुछ केस में डॉक्‍टर अक्‍ल दाढ़ को न‍िकलवाने की सलाह देते हैं। इस प्रक्र‍िया में मरीज को एनेस्थिसिया द‍िया जाता है।

पेरिकोरोनिटिस का घरेलू उपचार भी है?- Pericoronitis Home Remedies 

ओनलीमायहेल्‍थ, इन उपायों से पेरिकोरोनिटिस का इलाज करने की सलाह नहीं देता। पेरिकोरोनिटिस का इलाज डॉक्‍टर से ही कराएं। इमरजेंसी की स्‍थ‍ित‍ि में दर्द को कम करने के ल‍िए इन उपायों की मदद ले सकते हैं-    

  • मुंह को गुनगुने नमक के पानी से द‍िन में 3 से 4 बार साफ करें।
  • एल्‍कोहल-फ्री एंटीबैक्‍टीर‍ियल माउथवॉश का इस्‍तेमाल द‍िन में 2 बार करें।   
  • डॉक्‍टर की सलाह पर पेनक‍िलर खा सकते हैं।
  • दांतों को साफ रखें और ज्‍यादा ठंडा या गरम खाना न खाएं।

उम्‍मीद करते हैं आपके ल‍िए यह जानकारी बीमारी को समझने में मदद करेगी। लेख को शेयर करना न भूलें। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 29, 2023 10:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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