Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या डाइट में बदलाव करने से नींद में सुधार किया जा सकता है? एक्सपर्ट से जानें

क्या आपने कभी नोटिस किया रात को हैवी मील लेने के बाद अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं? आखिर ऐसा क्यों होता है? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ़ रहे हैं, तो एक्सपर्ट की राय लेना न भूलें।

कई वजहों से डाइट में बदलाव करना पड़ता है। जैसे वजन बढ़ाना, वजन घटाना, कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करना, बीपी कंट्रोल करना या शुगर का संतुलित करना। कभी-कभी सर्जरी आदि की वजहों से भी हमें अपनी डाइट में बदलाव करना पड़ता है। वैसे भी विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि मानसिक सुकून और बेहतर नींद के लिए भी अनिवार्य है। बहरहाल, क्या कभी आपने सुना है कि डाइट में बदलाव करने से नींद में भी सुधार होता है? आइए, Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है?

क्या डाइट में बदलाव करने से नींद में सुधार होता है?

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hopkins medicine की एक रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि अच्छी नींद लेने के लिए आप अपनी डाइट में जरूरी बदलाव कर सकते हैं। इसका मतलब है कि डाइट का आपकी नींद से गहरा संबंध है। आप सोने से पहले हेल्दी और पोषक तत्वों से भरपूर मील लेते हैं, जिसमें फैटी एसिड, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स आदि हो, तो इससे मेलाटोनिन प्रोडक्शन बेहतर होता है और रात को अच्छी नींद आती है। यहां तक कि रेगुलर इस तरह की डाइट लेने से स्लीप साइकिल में भी सुधार होता है। वहीं, अगर आप हाई फैट, शुगर युक्त चीजों का सेवन अधिक करते हैं, तो इसकी वजह से आपकी नींद बाधित हो सकती है। यही नहीं Sleep Foundation में छपे एक लेख से पता चलता है कि प्रोटीन और कार्ब्स की मदद से नींद बेहतर होती है।

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बेहतर नींद के लिए डाइट में कैसे बदलाव करें?- Diet Tips For Better Sleep

हेल्दी डाइट लें

बेहतर नींद के लिए आपको सोने से पहले मेलाटोनिन युक्त चीजों का सेवन करना चाहिए, जैसे चेरी, कीवी, बदाम, अंडे हरी सब्जियां आदि। इन चीजों की मदद से सेरोटोनिन प्रोडक्शन भी बढ़ता है। यह एक तरह का हार्मोन है, जो आपके मूड को बेहतर करता है, स्लीप साइकिल को प्रमोट करता है। साथ ही याददाश्त में भी सुधार करता है।

सही समय पर लें मील

विशेषज्ञ इस बात की सलाह देते हैं कि हमेशा सोने से 3-4 घंटे पहले अपना डिनर कर लेना चाहिए। आयुर्वेद में तो यह तक कहा जाता है कि सूर्य ढलने के बाद खाना न खाएं। जब आप सोने से 3-4 घंटे पहले मील ले लेते हैं, तो इससे पाचन संबंधी समस्याओं में भी कमी आती है।

कैफीन का सेवन न करें

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने से पहले कभी भी कैफीन या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इनमें ऐसे केमिकल्स होते हैं, जिससे नींद बाधित होती है और देर तक जगने की क्षमता बढ़ जाती है। अगर आप अनिद्रा से बचना चाहते हैं, तो बेहतर है कि रात को सोने पहले इन चीजों का सेवन पूरी तरह बंद कर दें।

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निष्कर्ष

रात को अच्छी नींद के साथ आपकी डाइट का गहरा संबंध है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सोने से पहले हमेशा विटामिन डी, ओमेगा 3 फैट एसिड जैसे पोषक तत्वों को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। इसके लिए हरी सब्जियां, मछली आदि को अपनी बैलेंस्ड डाइट में शामिल करें। हां, अगर आपको किसी तरह की परेशानी है, जैसे शुगर या अन्य बीमारी तो रात को सोने से पहले किस तरह की डाइट लेनी है और किन्हें डाइट का हिस्सा नहीं बनाना है, इस संबंध में एक्सपर्ट की राय ले लें।

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FAQ

  • क्या रात को दूध पीने से वाकई नींद अच्छी आती है?

    दूध में ट्रिप्टोफैन नाम अमीनो एसिड होता है, जो शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन प्रोडक्शन में सुधार करता है। ये दोनों ही हार्मोन हमारी नींद और मूड को रेगुलेट। इससे रिलैक्सेशन का भी एहसास होता है।
  • नींद न आने पर रात में कौन से फल खाने चाहिए?

    नींद न आने पर आप कीवी और चेरी जैसे फल खा सकते हैं। कीवी में सेरोटोनिन होता है और चेरी मेलाटोनिन पाया जाता है।
  • क्या डार्क चॉकलेट रात को खा सकते हैं?

    अगर किसी को डायबिटीज है, तो उन्हें डार्क चॉकलेट किसी भी कंडीशन नहीं खानी चाहिए। खासकर, रात के समय डार्क चॉकलेट खाने से हृदय गति बढ़ने का रिस्क रहता है।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 11, 2026 19:57 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 11, 2026 19:57 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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