Wed Oct 7, 2026 | 12:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

सौंफ पर सीमेंट पोतकर बेचा जा रहा नकली जीरा, जानें यह सेहत के लिए कितना खतरनाक है?

जीरा भी नकली हो सकता है? जी हां, हाल ही में एमपी के ग्‍वाल‍ियर का एक मामला सामने आया है ज‍िसमें खाद्य पदार्थों में म‍िलावट देखी गई। बाजार में जीरे के नाम पर सौंफ पर सीमेंट को लपेटकर बेचा जा रहा था। इससे सेहत पर सीधा असर पड़ता है और आप बीमार हो सकते हैं।
सौंफ पर सीमेंट पोतकर बेचा जा रहा नकली जीरा, जानें यह सेहत के लिए कितना खतरनाक है?सौंफ पर सीमेंट पोतकर बेचा जा रहा नकली जीरा, जानें यह सेहत के लिए कितना खतरनाक है?

मध्‍य प्रदेश के ग्‍वाल‍ियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में जीरे में म‍िलावट का गंभीर मामला सामने आया है। लगभग हर द‍िन रसोई में जीरे का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। चाहे दाल में तड़का लगाना हो या सब्‍जी तैयार करनी हो, जीरे का इस्‍तेमाल न हो यह मुमक‍िन नहीं है। यह च‍िंता की बात है क‍ि एक ग‍िरोह सौंफ पर सीमेंट और खतरनाक रसायनोंं को च‍िपकाकर उसे बाजार में बेचने जा रहा था। आरोप‍ियों ने नकली जीरा बनाकर उसे नकली पैकेज‍िंग में बचने की तैयार कर ली थी। श‍िकायत होने पर पुल‍िस ने करीब 46 बोरी नकली जीरा जब्‍त क‍िया है। ऐसी स्‍थ‍िति‍ में आपके मन में भी यह सवाल आया होगा क‍ि जो जीरा आप इस्‍तेमाल कर रहे हैं कहीं वो भी नकली तो नहीं है? असली और नकली जीरे के बीच के फर्क को समझकर आप कुछ हद तक नकली जीरे के नुकसान से बच सकते हैं। इस लेख में एक्‍सपर्ट की मदद से जानेंगे क‍ि नकली जीरा सेहत के ल‍िए नुकसानदायक क्‍योंं है और नकली और असली जीरे के बीच अंतर कैसे करें? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

नकली जीरा कैसे तैयार क‍िया?

आरोप‍ियों ने बेहद शात‍िर तरीके से सौंफ को नकली जीरे में बदल द‍िया। पहले सौंफ पर स्‍लेटी रंग का सीमेंट लगाया गया और उसे स्‍टोन पाउडर और अन्‍य केम‍िकल्‍स के साथ म‍िक्‍स करके सुखाया गया। इसके बाद उसे पॉल‍िश क‍िया ताक‍ि वह असली नजर आए। सौंंफ द‍िखने में जीरे जैसा ही लगता है इसल‍िए पहली नजर में आपके ल‍िए भी फर्क करना मुश्‍क‍िल होगा।

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नकली जीरा है सेहत का दुश्‍मन- Side Effects Of Eating Fake Cumin

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  • सीमेंट वाला जीरा खाएंगे, तो यह आंतों में जमा हो जाएगा और इससे पेट में पथरी या क‍िडनी की समस्‍याएं भी हो सकती हैं।
  • नकली जीरे में मौजूद केमि‍कल्‍स लंबे समय में कैंसर जैसी जानलेवा बीमार‍ियों का कारण भी बन सकते हैं।
  • सीमेंट या केम‍िकल वाले जीरे का सेवन करने से पेट में दर्द, डायरि‍या, उल्‍टी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • म‍िलावटी जीरे से फूड पॉइजन‍िंग, जी म‍िचलाना जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • लंबे समय तक नकली जीरा खाने से शरीर की इम्‍यून‍िटी कमजोर हो सकती है और आप इंफेक्‍शन एवं बीमार‍ियोंं का श‍िकार हो सकते हैं।

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असली जीरे की पहचान के ल‍िए अपनाएं FSSAI का बताया तरीका

  • सबसे पहले अपने हाथ में थोड़ा जीरा लें।
  • अब हाथ से जीरे को रगड़ें।
  • अगर जीरा नकली होगा और उसमें रंग म‍िलाया होगा, तो रंग आपके हाथ पर लग जाएगा।
  • अगर हाथ पर कोई रंग नहीं लगा, तो मतलब जीरे में कोई रंग मौजूद नहीं है।

असली और नकली जीरे की पहचान कैसे करें?- How To Identify Real And Fake Cumin

                असली जीरा                नकली जीरा 
सुगंध तेज होगी कम होगी या नहीं होगी 
आकार  पतला और हल्‍का मुड़ा हुआ  मोटा और सीधा 
रंग  रंग नहीं छूटता  रंग छूटता है 
अनुभव  खुशबू आती है और हल्‍का ऑयल न‍िकलता है ड्राई और लकड़ी जैसा लगता है

न‍ि‍ष्‍कर्ष:

असली जीरे की सुगंध तेज होती है। यह आकार में पतला होता है और इसका रंग पानी में नहीं छूटता है। साथ ही इससे हल्‍का ऑयल न‍िकलता है। अगर जीरा नकली होगा, तो सुगंध नहीं आएगी और वह द‍िखने में भी मोटा होगा।

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Feb 11, 2026 19:03 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 11, 2026 19:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh