आजकल बाजार में असली और नकली खाद्य पदार्थों का खेल आम हो गया है। छोटे विक्रेता बेखौफ होकर नकली तेल का व्यापार चला रहे हैं। तेल बेचने वाले, लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं। मिलावट का खेल त्यौहारों के आस-पास ज्यादा देखने को मिलता है जब कुछ खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। नकली दूध, घी, शहद की तरह बाजार में नकली सरसों का तेल भी धड़ल्ले से बिक रहा है। नकली सरसों के तेल को केमिकल्स और धान की भूसी का तेल, अर्जेमोन ऑयल वगैरह मिलाकर बेचा जाता है। यह दिखने में एकदम असली तेल की तरह दिखता है। आइए जानते हैं असली और नकली सरसों के तेल में अंतर कैसे समझें? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
साल 2024 में International Journal Of Biochemistry And Molecular Biology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, असली तेल में कई बार लो क्वालिटी वाला तेल मिलाया जाता है। इसके सेवन से किडनी, हार्ट और लिवर से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है और पोषण संबंधित नुकसान भी हो सकते हैं। स्टडी के अनुसार, सरसों, जैतून और सूरजमुखी के तेल के साथ-साथ घी, मक्खन और कोकोआ बटर में भी मिलावट की जाती है।
नकली सरसों के तेल से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
- नकली तेल से अपच, ब्लोटिंग, डायरिया, गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- कई लोग सरसों के तेल से त्वचा की मालिश करते हैं। अगर तेल नकली है, तो स्किन एलर्जी की आशंका भी बढ़ जाती है।
- अगर सरसों के तेल में अर्जेमोन ऑयल की मिलावट है, तो एपिडेमिक ड्रॉप्सी की समस्या हो सकती है। इसमें शरीर के टिशूज में जरूरत से ज्यादा तरल जमा होने लगता है, जिससे खासकर पैरों और हाथों में सूजन दिखाई दे सकती है।
- तेल में अर्जेमोन ऑयल की मौजूदगी को कार्डियक अरेस्ट और गंभीर आंखों के नुकसान के साथ जोड़कर भी देखा जाता है।
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असली और नकली सरसों के तेल में अंतर कैसे करें?

1. रंग की जांच करें
- असली सरसों का तेल हल्का और गहरा पीला होता है।
- अगर तेल जरूरत से ज्यादा साफ और चमकदार है, तो वह नकली हो सकता है।
2. खुशबू की जांच करें
- सरसों के तेल की पहचान उसकी तेज खुशबू से होती है।
- अगर तेल की खुशबू कम है या बिल्कुल नहीं है, तो यह मिलावटी हो सकता है।
3. तेल को गर्म करें
- सरसों के तेल को एक बर्तन में गर्म करें।
- असली तेल जैसे ही गर्म होगा, उसमें से तीखी गंध आएगी।
- नकली तेल में खुशबू भी हल्की होती है।
4. वॉटर टेस्ट
- एक गिलास में थोड़ी मात्रा में सरसों का तेल लें।
- इसमें कुछ बूंदें पानी की डालें।
- असली तेल पानी में घुले बगैर तैरता रहेगा।
- नकली तेल का मिश्रण धुंधला नजर आएगा या पानी के साथ घुल जाएगा।
5. हथेली पर तेल रखकर जांच करें
- सरसों के तेल को अपनी हथेली पर रखें।
- अगर हाथों पर पीला रंग छूटने लगे, तो समझ जाएं कि तेल नकली है।
- असली सरसों का तेल रगड़ने पर हाथों पर रंग नहीं छोड़ता है।
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सरसों का तेल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- पैक पर खाद्य सुरक्षा संबंधित जानकारी और FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच करें।
- खुले तेल की बजाय अच्छी तरह पैक किए हुए तेल को प्राथमिकता दें। पैकेजिंग से उत्पाद की पहचान, बैच और अन्य जरूरी जानकारी चेक की जा सकती है।
- लेबल पर इंग्रीडिएंट्स की लिस्ट चेक करें।
- फूला हुआ, लीक हो रहा, टूटा हुआ या सील से छेड़छाड़ वाला पैकेट न खरीदें।
- बहुत पुराना या पैक पर लिखी तारीख अगर निकल गई हो, तो तेल न खरीदें।
निष्कर्ष:
अगर हाथों पर पीला रंग छूटने लगे, तो समझ जाएं कि सरसों का तेल नकली है। नकली तेल का मिश्रण धुंधला नजर आएगा या पानी के साथ घुल जाएगा। नकली तेल में खुशबू भी हल्की होती है। अगर तेल जरूरत से ज्यादा साफ और चमकदार है, तो वह नकली हो सकता है। नकली तेल से अपच, ब्लोटिंग, डायरिया, गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसे त्वचा पर लगाने से स्किन एलर्जी भी हो सकती है। तेल खरीदने से पहले पैक पर FSSAI लाइसेंस नंबर चेक करें, पैक किए हुए तेल को प्राथमिकता दें। लेबल पर इंग्रीडिएंट्स की लिस्ट चेक करें। फूला हुआ, लीक हो रहा, टूटा हुआ या खराब सील वाला पैकेट खरीदने से बचें।
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FAQ
क्या डायबिटिक मरीज सरसों का तेल खा सकते हैं?
डायबिटिक मरीज संतुलित आहार के रूप में सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। तेल कैलोरी से भरपूर होता है इसलिए सीमित मात्रा ही लेनी चाहिए।क्या सरसों के तेल में ट्रांस फैट होता है?
शुद्ध सरसों के तेल में ट्रांस फैट की मात्रा बहुत कम होती है। हालांकि, तेल की प्रोसेसिंग के बाद इसकी क्वालिटी बदल सकती है।
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Sep 17, 2026 19:07 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha