Thu Sep 17, 2026 | 08:52 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्‍या असली समझकर खा रहे हैं नकली सरसों का तेल? एक्‍सपर्ट से जानें पहचान का तरीका

सरसों के तेल में अक्‍सर अर्जेमोन ऑयल की मिलावट देखी जाती है जो क‍ि एक हानि‍कारक तेल है। सस्‍ते और खुले में ब‍िक रहा तेल अक्‍सर नकली होता है। आइए जानते हैं असली और नकली सरसों के तेल में अंतर कैसे समझें?

आजकल बाजार में असली और नकली खाद्य पदार्थों का खेल आम हो गया है। छोटे व‍िक्रेता बेखौफ होकर नकली तेल का व्‍यापार चला रहे हैं। तेल बेचने वाले, लोगों की सेहत से ख‍िलवाड़ करते हैं। मि‍लावट का खेल त्‍यौहारों के आस-पास ज्‍यादा देखने को म‍िलता है जब कुछ खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। नकली दूध, घी, शहद की तरह बाजार में नकली सरसों का तेल भी धड़ल्ले से ब‍िक रहा है। नकली सरसों के तेल को केमि‍कल्‍स और धान की भूसी का तेल, अर्जेमोन ऑयल वगैरह म‍िलाकर बेचा जाता है। यह द‍िखने में एकदम असली तेल की तरह द‍िखता है। आइए जानते हैं असली और नकली सरसों के तेल में अंतर कैसे समझें? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

साल 2024 में International Journal Of Biochemistry And Molecular Biology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, असली तेल में कई बार लो क्वालिटी वाला तेल म‍िलाया जाता है। इसके सेवन से किडनी, हार्ट और लिवर से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है और पोषण संबंधि‍त नुकसान भी हो सकते हैं। स्‍टडी के अनुसार, सरसों, जैतून और सूरजमुखी के तेल के साथ-साथ घी, मक्खन और कोकोआ बटर में भी मिलावट की जाती है।

नकली सरसों के तेल से होने वाली स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं

  • नकली तेल से अपच, ब्‍लोट‍िंग, डायर‍िया, गैस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • कई लोग सरसों के तेल से त्‍वचा की माल‍िश करते हैं। अगर तेल नकली है, तो स्‍क‍िन एलर्जी की आशंका भी बढ़ जाती है।
  • अगर सरसों के तेल में अर्जेमोन ऑयल की मिलावट है, तो एपिडेमिक ड्रॉप्सी की समस्‍या हो सकती है। इसमें शरीर के ट‍िशूज में जरूरत से ज्यादा तरल जमा होने लगता है, जिससे खासकर पैरों और हाथों में सूजन दिखाई दे सकती है।
  • तेल में अर्जेमोन ऑयल की मौजूदगी को कार्डियक अरेस्ट और गंभीर आंखों के नुकसान के साथ जोड़कर भी देखा जाता है।

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असली और नकली सरसों के तेल में अंतर कैसे करें?

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1. रंग की जांच करें

  • असली सरसों का तेल हल्‍का और गहरा पीला होता है।
  • अगर तेल जरूरत से ज्‍यादा साफ और चमकदार है, तो वह नकली हो सकता है।

2. खुशबू की जांच करें

  • सरसों के तेल की पहचान उसकी तेज खुशबू से होती है।
  • अगर तेल की खुशबू कम है या ब‍िल्‍कुल नहीं है, तो यह म‍िलावटी हो सकता है।

3. तेल को गर्म करें

  • सरसों के तेल को एक बर्तन में गर्म करें।
  • असली तेल जैसे ही गर्म होगा, उसमें से तीखी गंध आएगी।
  • नकली तेल में खुशबू भी हल्‍की होती है।

4. वॉटर टेस्‍ट

  • एक ग‍िलास में थोड़ी मात्रा में सरसों का तेल लें।
  • इसमें कुछ बूंदें पानी की डालें।
  • असली तेल पानी में घुले बगैर तैरता रहेगा।
  • नकली तेल का म‍िश्रण धुंधला नजर आएगा या पानी के साथ घुल जाएगा।

5. हथेली पर तेल रखकर जांच करें

  • सरसों के तेल को अपनी हथेली पर रखें।
  • अगर हाथों पर पीला रंग छूटने लगे, तो समझ जाएं क‍ि तेल नकली है।
  • असली सरसों का तेल रगड़ने पर हाथों पर रंग नहीं छोड़ता है।

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सरसों का तेल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • पैक पर खाद्य सुरक्षा संबंधि‍त जानकारी और FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच करें।
  • खुले तेल की बजाय अच्छी तरह पैक किए हुए तेल को प्राथमिकता दें। पैकेजिंग से उत्पाद की पहचान, बैच और अन्य जरूरी जानकारी चेक की जा सकती है।
  • लेबल पर इंग्रीड‍िएंट्स की ल‍िस्‍ट चेक करें।
  • फूला हुआ, लीक हो रहा, टूटा हुआ या सील से छेड़छाड़ वाला पैकेट न खरीदें।
  • बहुत पुराना या पैक पर ल‍िखी तारीख अगर न‍िकल गई हो, तो तेल न खरीदें।

नि‍ष्‍कर्ष:

अगर हाथों पर पीला रंग छूटने लगे, तो समझ जाएं क‍ि सरसों का तेल नकली है। नकली तेल का म‍िश्रण धुंधला नजर आएगा या पानी के साथ घुल जाएगा। नकली तेल में खुशबू भी हल्‍की होती है। अगर तेल जरूरत से ज्‍यादा साफ और चमकदार है, तो वह नकली हो सकता है। नकली तेल से अपच, ब्‍लोट‍िंग, डायर‍िया, गैस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। इसे त्‍वचा पर लगाने से स्‍क‍िन एलर्जी भी हो सकती है। तेल खरीदने से पहले पैक पर FSSAI लाइसेंस नंबर चेक करें, पैक क‍िए हुए तेल को प्राथम‍िकता दें। लेबल पर इंग्रीड‍िएंट्स की ल‍िस्‍ट चेक करें। फूला हुआ, लीक हो रहा, टूटा हुआ या खराब सील वाला पैकेट खरीदने से बचें।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या डायब‍िट‍िक मरीज सरसों का तेल खा सकते हैं?

    डायबिट‍िक मरीज संतुलित आहार के रूप में सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। तेल कैलोरी से भरपूर होता है इसल‍िए सीमि‍त मात्रा ही लेनी चाह‍िए।
  • क्या सरसों के तेल में ट्रांस फैट होता है?

    शुद्ध सरसों के तेल में ट्रांस फैट की मात्रा बहुत कम होती है। हालांकि, तेल की प्रोसेसिंग के बाद इसकी क्वालिटी बदल सकती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 17, 2026 19:07 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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