Fri Sep 11, 2026 | 05:57 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

गेहूं के आटे में मिलावट कैसे पहचानें? एक्सपर्ट से जानें

Atta Adulteration: घर के पीसे गेहूं के आटे के रंग और बाहर से खरीदे आटे में काफी फर्क होता है। ये अंतर मिलावट की वजह से होता है, आइए जानते हैं मिलावटी आटे की पहचान कैसे करें?

ज्यादातर लोगों के घरों में बाहर से खरीदकर आटा आता है जिसमें चोकर की मात्रा न के बराबर होती है। जबकि, आप गेहूं खरीदकर इसका आटा बनवाकर इस्तेमाल करें तो इसमें चोकर की अच्छी मात्रा मिलेगी। आप इन दोनों की तुलना कर समझ सकते हैं कि असली आटा कौन सा है? जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से हमने इसी बारे में विस्तार से बात की और जाना कि मिलावटी आटे की पहचान कैसे करें?

किन चीजों की मिलावट हो सकती है?     कैसे करें पहचान? 
दूसरे अनाजों की मिलावट होने पर    आटे में  ज्यादा चोकर नजर आता है 
जौ की मिलावट होने पर      आटा बिलकुल बारीक और सफेद होता है
चॉक पाउडर की मिलावट होने पर  आटे में पानी मिलाने पर बुलबुले नजर आएंगे
कॉर्नफ्लोर या अरारोट पाउडर की मिलावट होने पर   बेस्वाद आटा तैयार होगा जिससे बेस्वाद रोटी बनती है

गेहूं के आटे में मिलावट को कैसे पहचानें?

इस पर अर्चना जैन कहती हैं कि गेहूं के आटे में मिलावट की पहचान करने के लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration) कुछ गाइडलाइन्स जारी किए हैं। हालांकि, आप गेहूं के आटे को देखकर और इसके टैक्चर से पहचान करके मिलावट की पहचान कर सकते हैं।

1. चोकर से करें पहचान

अर्चना कहती हैं कि चोकर देखकर असली आटे की पहचान करना बहुत पुराना ट्रिक है। दरअसल, जिस आटे में चोकर की मात्रा ज्यादा होती है, ऐसा आटा असली है, लेकिन अगर आटे में बिलकुल भी चोकर नहीं है तो इसमें जौ और मैदे की मिलावट हो सकती है। इस प्रकार के आटे को खाने से शुगर स्पाइक तेजी से बढ़ता है और यही धीमे-धीमे सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण हो सकता है।

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2. रंग और टैक्सचर से करें पहचान

रंग और टैक्सचर की पहचान करके आप असली-नकली आटे की पहचान कर सकते हैं। जैसे असली आटे का रंग गेहुंआ रंग होता है तो मैदे का रंग बिलकुल सफेद होता है। इसके अलावा छूने में भी दोनों में फर्क होता है। गेहूं को जितना भी पीस लें ये दरदरा रहता है जबकि मिलावटी आटा बिलकुल महीन होता है और छूने में आपको थोड़ा भी दरदरा महसूस नहीं होगा।

3. नींबू के रस से करें असली आटे की पहचान

नींबू के रस की मदद से आप असली आटे की पहचान कर सकते हैं। आपको करना ये है कि
आटा लें नींबू का रस मिलाएं। अगर नींबू का रस पूरी तरह से अवशोषित हो जाएगा और कोई बुलबुला नहीं नजर आएगा।
अगर बुलबुला ऊपर नजर आएगा तो समझ लें इसमें चॉक पाउडर मिलावट हो सकती है।

4. पानी से करें असली आटे की पहचान

अर्चना जैन कहती हैं असली आटे की पहचान करने का ये सबसे सरल उपाय है। इसमें आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है बस

  • एक कटोरी आटे में आधा कप पानी मिलाएं। अगर आटा पूरी तरह से पानी को सोख ले तो ये असली है।
  • अगर आटे के कण पानी में ऊपर तैरने लगे तो समझ लें कि इसमें जौ की मिलावट हो सकती है।

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5. रोटी के स्वाद से करें असली आटे की पहचान

Eatrightindia में बताया गया है कि जब मिलावटी आटे से आटा गूंथा जाता है, तो कम पानी की जरूरत होती है। जबकि, असली आटे को गूंथने में ज्यादा पानी लगता है और इसे गूंथने में समय लग सकता है। इसके अलावा असली आटे की रोटी का स्वाद मीठा होता है जबकि मिलावटी का स्वाद फीका लगेगा और इसकी रोटी भी कुछ देर बाद कड़क हो जाती है। जबकि असली आटे की रोटी लंबे समय तक मुलायम रहती है।

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गेहूं के आटे में किन चीजों की मिलावट हो सकती है?

डॉ. अर्चना जैन कहती हैं कि आजकल आटे में कई चीजों की मिलावट हो रही है जिसकी पहचान कई बार हो नहीं पाती जैसे-
सबसे पहले गेहूं के आटे में मैदा की मिलावट होती है जो कि इसे बिलकुल महीन या रिफाइंड कण देता है। इस प्रकार के आटे की रोटी देखने में बिलकुल सफेद और सुंदर नजर आती है जबकि असली आटे की रोटी में आपको छोटे-छोटे महीन चोकर जैसे कण नजर आ सकते हैं।

  • रेत और धूल-मिट्टी की मिलावट आटे की बनावट प्रभावित करती है और ये बताता है कि ऐसा आटा मिलावटी है।
  • चॉक पाउडर की मिलावट हो सकती है और इसकी पहचान आप नींबू की मदद से कर सकते हैं।
  • इतना ही नहीं जरूरत से ज्यादा चोकर निकलना भी मिलावटी आटे की पहचान है। ये बताता है कि आटे में बाकी अनाजों की मिलावट की गई है।
  • इसके अलावा आटे में कॉर्नफ्लोर या अरारोट पाउडर की भी मिलावट हो सकती है।

निष्कर्ष:

इस प्रकार से आप मिलावटी आटे की पहचान कर सकते हैं। अर्चान जैन कहती हैं कि आप बिलकुल शुद्ध आटा खाना चाहते हैं तो अपने सामने साफ गेहूं खरीदकर आटा बनावा लें और इसका इस्तेमाल करें। इस काम में बहुत समय नहीं लगेगा और आप बिलकुल शुद्ध आटा खा सकेंगे। इसके अलावा आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि असली आटे को लंबे समय तक रखेंगे तो इसमें कीड़े पड़ जाएंगे लेकिन मिलावटी आटे को आप जितने लंबे समय तक रखें इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा।

FAQ

  • गेहूं खाने से कौन सी बीमारी होती है?

    गेहूं खाने से सीलिएक रोग हो सकता है, गेहूं से एलर्जी हो सकती है और कुछ लोगों को गेहूं की धूल से बेकर एलर्जी भी हो सकती है।
  • क्या शुगर पेशेंट गेहूं खा सकते हैं?

    शुगर के मरीजों को गेहूं खाने से बचाना चाहिए क्योंकि इससे शुगर स्पाइक बढ़ता है, वजन बढ़ता है और सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 11, 2026 12:06 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Archana Jain

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