Thu Sep 17, 2026 | 12:58 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

नकली शहद ब‍िगाड़ सकता है सेहत, असली शहद की पहचान के ल‍िए अपनाएं एक्‍सपर्ट के बताए ये तरीके

नकली शहद को चीनी से तैयार क‍िया जाता है ज‍िसके अध‍िक सेवन से मोटापा और डायब‍िटीज जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। एक्‍सपर्ट से जानें असली और नकली शहद में फर्क कैसे पहचानें?

शहद को प्राकृतिक और सेहतमंद खाद्य पदार्थ माना जाता है, लेकिन बाजार में बिकने वाले कुछ शहद में रिफाइंड चीनी की चाशनी मिलाई जा सकती है। कुछ महीने पहले स्‍वास्‍थ्‍य व‍िभाग ने यूपी के हापुड़ शहर से करीब 22 लाख का नकली शहद बरामद क‍िया था। कई बार चाशनी को इस तरह तैयार किया जाता है कि उसका स्वाद, गाढ़ापन और रंग असली शहद जैसा लगता है। ऐसी चाशनी में शहद के प्राकृतिक पोषक तत्व नहीं होते। लंबे समय तक अधिक मात्रा में चीनी का सेवन शरीर के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इससे ल‍िवर की सेहत प्रभाव‍ित हो सकती है और वजन भी बढ़ सकता है। आइए जानते हैं क‍ि असली और नकली शहद में फर्क कैसे कर सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI or Food Safety And Standards Authority Of India) के मुताब‍िक, शहद का जमना या उसमें छोटे-छोटे क्रिस्टल बनना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। शहद का जम जाने का मतलब यह नहीं है कि वह मिलावटी है या खराब हो गया है। FSSAI के मानकों के अनुसार, शहद पतला, गाढ़ा या कुछ हिस्से से लेकर पूरी तरह से जमा हुआ हो सकता है।

सेहत को खराब कर सकता है नकली शहद

  • नकली शहद को मीठा बनाने के ल‍िए उसमें चीनी या चाशनी म‍िलाई जाती हैं ज‍िससे उसकी कैलोरी बढ़ सकती है और इसे अध‍िक मात्रा में सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। खासकर, डायब‍िट‍िक मरीजों के ल‍ि‍ए यह एक बड़ा खतरा हो सकता है।
  • साथ ही, शहद में चीनी की म‍िलावट के कारण मोटापा भी तेजी से बढ़ सकता है। कुछ लोग वेट लॉस के ल‍िए सुबह गुनगुने पानी में नींबू और शहद को म‍िलाकर पीते हैं, लेक‍िन अगर शहद नकली होगा और रोज इसका सेवन क‍िया जाए, तो वजन कम होने के बजाय बढ़ सकता है।
  • लंबे समय तक नकली शहद का सेवन करने से टाइप 2 डायब‍िटीज और फैटी ल‍िवर जैसी मेटाबॉल‍िक समस्‍याएं भी हो सकती हैं।
  • नकली शहद खाने से शरीर को उसके फायदे भी नहीं म‍िल पाते हैं। नकली शहद के सेवन से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्‍व नहीं म‍िल पाते हैं जो असली शहद में मौजूद होते हैं जैसे पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉइड जैसे यौगिक और पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे खनिज।

यह भी पढ़ें- इंसान ने शहद खाना कैसे शुरू किया? जानें इसका अनोखा इतिहास

असली और नकली शहद की पहचान कैसे करें?

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1. वॉटर टेस्‍ट

  • एक ग‍िलास में पानी लें और उसमें शहद डालें।
  • असली शहद पानी में नीचे जम जाता है क्‍योंक‍ि शहद की कंस‍िस्‍टेंसी पानी से अध‍िक गाढ़ी होती है।
  • नकली शहद पानी में तुरंत घुल जाता है।

2. फ्लेम टेस्‍ट

  • असली शहद लगाकर जलाएंगे, तो वह आसानी से जलती है।
  • वहीं अगर त‍िली पर नकली शहद लगाकर जलाएंगे, तो वह जलेगा ही नहीं, क्‍योंक‍ि इसमें नमी मौजूद होती है।

3. थंब टेस्‍ट

  • अपने अंगूठे के नाखून पर असली शहद लगाएं। वह गाढ़ा होगा और ज्‍यादा नहीं फैलेगा।
  • वहीं, नकली शहद पतला होता है और अंगूठे पर लगाने से जल्‍दी फैल सकता है।

4. हनीकॉम्ब टेस्ट

  • एक थाली लें और उसमें पानी डालें।
  • इसमें शहद को डालें।
  • नकली शहद आसानी से थाली में फैल जाता है और क‍िसी तरह की बनावट नहीं बनती।
  • असली शहद को थाली में डालने पर छत्ते जैसी षटकोणीय रेखाएं दिखाई दे सकती हैं।

5. स‍िरके से करें जांच

  • कांच के ग‍िलास में एक बड़ा चम्‍मच शहद लें।
  • इसमें दो से तीन बूंद स‍िरके की म‍िलाएं और थोड़ा पानी म‍िलाएं।
  • थोड़े समय बाद देखेंगे, तो इसमें झाग नजर आने लगेंगे।
  • इस तरह आप जान जाएंगे क‍ि शहद में म‍िलावट है।
  • असली शहद में झाग नजर नहीं आएगा।

इन घरेलू तरीकों से शहद की शुद्धता का केवल अंदाजा लगाया जा सकता है। शहद की जांच के लिए NMR (न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस) टेस्टिंग को अधिक भरोसेमंद माना जाता है।

न‍िष्‍कर्ष:

नकली शहद को चीनी से बनाया जाता है ज‍िसके अध‍िक सेवन से ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और मोटापा बढ़ सकता है। लंबे समय तक नकली शहद का सेवन करने से टाइप 2 डायब‍िटीज और फैटी ल‍िवर जैसी मेटाबॉल‍िक समस्‍याएं भी हो सकती हैं। नकली शहद में पोषक तत्‍वों की मात्रा भी न के बराबर होती है। असली और नकली शहद के बीच फर्क समझने के ल‍िए वॉटर टेस्‍ट, फ्लेम टेस्‍ट, थंब टेस्‍ट, हनीकॉम्ब टेस्‍ट, स‍िरके से जांच वगैरह कर सकते हैं। असली शहद पानी में घुलता नहीं है क्‍योंक‍ि वह गाढ़ा होता है जबक‍ि नकली शहद पानी में घुल जाता है।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या शहद खाने से वजन बढ़ता है?

    शहद में कैलोरी और नेचुरल शुगर होती है। बाजार वाले शहद में चीनी भी हो सकती है इसल‍िए जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर यह वजन बढ़ा सकता है।
  • क्या शहद चीनी से ज्यादा फायदेमंद है?

    शहद में चीनी की तुलना में कुछ एक्‍ट‍िव यौगिक मौजूद होते हैं, लेकिन दोनों ही चीनी के स्रोत हैं। इसलिए शहद को सीमि‍त मात्रा में ही लेना चाह‍िए।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 17, 2026 12:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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